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लखीमपुर खीरी में L-49 अमरूद की बागवानी बनी कमाई का जरिया, साल में दो बार फसल और लाखों का मुनाफाव्यापार
13 जून 2026, 4:13 pm (137 दिन पहले)· 2

लखीमपुर खीरी में L-49 अमरूद की बागवानी बनी कमाई का जरिया, साल में दो बार फसल और लाखों का मुनाफा

लखीमपुर खीरी के किसान अब परंपरागत खेती छोड़कर L-49 अमरूद की बागवानी अपना रहे हैं, जिससे साल में दो बार फल और 50 से 80 रुपए प्रति किलो के भाव पर अच्छी कमाई हो रही है।

लखीमपुर खीरी जिले के किसानों की खेती को लेकर सोच तेजी से बदल रही है। खेती की बढ़ती लागत और मौसम के अनिश्चित मिजाज ने उन्हें ऐसे विकल्प तलाशने पर मजबूर किया है, जिनमें खर्च कम हो और मुनाफा ज्यादा। इसी तलाश में बागवानी, खासकर अमरूद की खेती, किसानों के लिए एक भरोसेमंद रास्ता बनकर सामने आ रही है। साल के बारहों महीने बाजार में अमरूद की मांग बनी रहती है, इसलिए किसानों को इसका मुनासिब दाम भी मिल जाता है।

क्यों खास है L-49 किस्म

अमरूद की तमाम किस्मों में L-49 इन दिनों किसानों की पहली पसंद बनी हुई है। इसकी वजह साफ है — यह ज्यादा पैदावार देती है और इसके फल की गुणवत्ता को बेहतरीन माना जाता है। इस किस्म को सरदार अमरूद के नाम से भी पहचाना जाता है और यह देश की सबसे लोकप्रिय व व्यावसायिक रूप से कामयाब किस्मों में गिनी जाती है।

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इसके फल आकार में मध्यम से बड़े होते हैं और इनका गूदा सफेद रंग का होता है। स्वाद में मीठे, खुशबूदार और पौष्टिक होने के कारण बाजार में इनकी मांग कभी कम नहीं होती। सबसे बड़ी खूबी यह है कि इस किस्म से साल में दो बार आसानी से फल लिया जा सकता है। पौधा करीब 3 से 4 फीट की ऊंचाई तक बढ़ता है और रोपाई के एक साल के भीतर ही फल देना शुरू कर देता है, जो किसानों और बागवानी के शौकीनों दोनों के लिए फायदेमंद साबित होता है।

दूर के बाजारों तक आसान पहुंच

L-49 की एक और बड़ी खासियत इसके फलों का टिकाऊपन है। ढुलाई के दौरान ये फल जल्दी खराब नहीं होते, इसलिए किसान इन्हें दूर-दराज की मंडियों तक बिना नुकसान के भेज पाते हैं। बड़े शहरों में मांग ज्यादा होने से दाम भी अच्छे मिलते हैं। कई किसान सीधे मंडियों और थोक व्यापारियों को अमरूद बेचकर बढ़िया मुनाफा कमा रहे हैं।

सेहत के लिए भी फायदेमंद

अमरूद को बेहद गुणकारी फल माना जाता है। इसमें विटामिन-सी, फाइबर, कैल्शियम, आयरन और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट तत्व मौजूद रहते हैं। डॉक्टर भी इसे नियमित रूप से खाने की सलाह देते हैं, क्योंकि यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, पाचन को मजबूत करने और कई बीमारियों से बचाव में मददगार होता है। सेहत को लेकर बढ़ती जागरूकता ने भी बाजार में इसकी मांग को और बढ़ा दिया है।

सरकारी मदद और किसान की जुबानी

अमरूद की बागवानी को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग की तरफ से किसानों को अनुदान दिया जा रहा है, ताकि वे आसानी से बगीचा तैयार कर लाखों रुपए कमा सकें। किसान रविंद्र सिंह बताते हैं कि अमरूद की बागवानी से अच्छा-खासा मुनाफा कमाया जा सकता है। उनके मुताबिक उनके पास L49 अमरूद का बगीचा करीब 15 एकड़ में फैला है और इससे साल में दो बार आराम से फल मिल जाते हैं। बाजार में यह अमरूद 50 से लेकर 80 रुपए प्रति किलो तक बिकता है। वे यह भी बताते हैं कि इस किस्म का पेड़ इतना मजबूत होता है कि कई बार हल्की आंधी में भी टूटा नहीं।

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