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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगा 48 महीने का बकाया एरियरव्यापार
8 जुल॰ 2026, 11:03 pm (45 दिन पहले)· 2

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगा 48 महीने का बकाया एरियर

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की अपील को खारिज करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 48 महीने का एरियर देने का निर्देश दिया है। इस फैसले से प्रदेश की दो लाख से अधिक महिला कर्मियों को बड़ी राहत मिली है।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार द्वारा दायर की गई एक महत्वपूर्ण रिट अपील पर अपना फैसला सुनाते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पक्ष में निर्णय दिया है। यह विवाद मुख्य रूप से मानदेय में राज्य सरकार द्वारा किए गए अंशदान में कटौती और उससे जुड़े 48 महीने के एरियर के भुगतान को लेकर था। कोर्ट ने सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उसे अपने हिस्से का बकाया पैसा कर्मचारियों को देना होगा।

खंडपीठ का सख्त रुख

न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति बीपी. शर्मा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि वर्ष 2019 में राज्य सरकार द्वारा अपने योगदान में की गई कटौती का सीधा असर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलने वाले केंद्र सरकार के बढ़े हुए मानदेय पर पड़ा था। अदालत ने यह माना कि समाज के सबसे कमजोर तबकों, जैसे कि महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए काम करने वाली ये कार्यकर्ता अत्यंत महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करती हैं। इसलिए, राज्य सरकार द्वारा राज्यांश को बहाल करना पूरी तरह से तर्कसंगत और आवश्यक है। सुनवाई के दौरान सरकार का पक्ष उप महाधिवक्ता अभिजीत अवस्थी ने रखा, जबकि आंगनबाड़ी कर्मियों की ओर से अधिवक्ता शोभितादित्य ने पैरवी की।

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एरियर और ग्रेच्युटी पर स्थिति स्पष्ट

अदालत ने ग्रेच्युटी के मुद्दे पर एकलपीठ के पूर्व आदेश को पूरी तरह से बरकरार रखा है। न्यायालय ने कहा कि पात्र कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट के स्थापित दिशा-निर्देशों के अनुरूप ग्रेच्युटी का लाभ प्रदान किया जाना चाहिए। हालांकि, ब्याज के विषय पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चूंकि मूल याचिका में एरियर पर ब्याज की कोई विशेष मांग नहीं की गई थी और इसके भुगतान के लिए कोई वैधानिक प्रावधान भी मौजूद नहीं है, इसलिए ब्याज भुगतान के निर्देश को निरस्त किया गया है।

विवाद का लंबा सफर

यह पूरा मामला साल 2019 से चला आ रहा है। जब केंद्र सरकार ने आंगनबाड़ी कर्मियों का मानदेय बढ़ाया था, तब राज्य सरकार ने अपने हिस्से का अंशदान कम कर दिया था। हालांकि 2023 में राज्य सरकार ने अपना अंशदान बहाल कर दिया था, लेकिन साल 2019 से 2023 के बीच के 48 महीनों का एरियर अभी भी लंबित था। अब इस फैसले के बाद प्रदेश की दो लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लंबे समय से प्रतीक्षित लाभ मिलने की राह आसान हो गई है।

सवाल-जवाब

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बारे में क्या फैसला सुनाया?
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की अपील को खारिज करते हुए उसे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 48 महीने का बकाया एरियर देने का निर्देश दिया है।
यह विवाद कब से चल रहा था?
यह विवाद साल 2019 में शुरू हुआ था, जब केंद्र सरकार द्वारा मानदेय बढ़ाए जाने के बाद राज्य सरकार ने अपने हिस्से का अंशदान कम कर दिया था।
क्या एरियर पर ब्याज भी मिलेगा?
नहीं, अदालत ने ब्याज संबंधी आदेश को निरस्त कर दिया है क्योंकि मूल याचिका में इसकी मांग नहीं की गई थी और इसके लिए कोई वैधानिक प्रावधान नहीं है।
इस फैसले से कितने लोगों को लाभ होगा?
इस फैसले से मध्य प्रदेश की दो लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लाभ होगा।
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