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महज ₹22 की राइड बनी रैपिडो के तीन फाउंडर्स की मुसीबत, नागपुर में दर्ज हुई FIRव्यापार
4 जुल॰ 2026, 9:01 am (46 दिन पहले)· 2

महज ₹22 की राइड बनी रैपिडो के तीन फाउंडर्स की मुसीबत, नागपुर में दर्ज हुई FIR

नागपुर में एक आरटीओ अधिकारी ने ग्राहक बनकर सिर्फ ₹22 में रैपिडो बाइक राइड बुक की और मौके पर ही बाइक जब्त कर ली। इसके बाद रैपिडो के तीन संस्थापकों के खिलाफ सीताबर्डी थाने में FIR दर्ज की गई है।

महाराष्ट्र में बिना परमिट के धड़ल्ले से चल रही बाइक टैक्सी सेवाओं पर परिवहन विभाग ने ऐसा शिकंजा कसा, जो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। नागपुर में एक आरटीओ अधिकारी ने आम ग्राहक बनकर सिर्फ ₹22 में रैपिडो से एक बाइक राइड बुक की, और इसी छोटी सी राइड ने कंपनी को बड़ी कानूनी मुसीबत में डाल दिया। इस सीक्रेट ऑपरेशन के बाद रैपिडो ऐप चलाने वाली कंपनी के तीन संस्थापकों ऋषिकेश एसआर, पवन गुंटुपल्ली और अरविंद सांका के खिलाफ नागपुर के सीताबर्डी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कर ली गई।

कंपनी के पास नहीं था कोई परमिट

शिकायत के मुताबिक, रैपिडो ऐप की पैरेंट कंपनी रूपेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को न तो महाराष्ट्र सरकार और न ही क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) से राज्य में पेट्रोल बाइक टैक्सी चलाने की कोई इजाजत या कानूनी परमिट मिला हुआ है। इसके बावजूद कंपनी निजी पेट्रोल बाइकों को व्यावसायिक सवारी ढोने के काम में लगा रही थी।

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ऐसे बिछाया गया जाल

पूरा मामला 23 जून का है। उस दिन नागपुर (शहर) क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय ने अवैध यात्री परिवहन के खिलाफ एक खास अभियान चलाया। इसी दौरान मोटर वाहन निरीक्षक विशाल मधुकरराव भोवटे ने खुद अपने मोबाइल पर रैपिडो ऐप खोला और रवि भवन से प्रियदर्शिनी कॉलोनी तक की एक राइड बुक कर दी, जिसका किराया महज ₹22 दिख रहा था।

थोड़ी ही देर में तय पिकअप पॉइंट पर एक बाइक आकर रुकी। अधिकारी जैसे ही सवारी बनकर उस पर बैठे, टीम ने तुरंत बाइक को घेर लिया। गाड़ी को जांच के लिए आरटीओ दफ्तर ले जाया गया। पड़ताल में साफ हुआ कि सफेद नंबर प्लेट वाली इस निजी दोपहिया गाड़ी को बिना किसी जरूरी कमर्शियल लाइसेंस और परमिट के टैक्सी की तरह दौड़ाया जा रहा था। आरटीओ ने मौके पर ही बाइक को जब्त कर लिया।

दर्ज हुईं ये धाराएं

रैपिडो के तीनों प्रमोटर्स के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(3) और 3(5) के साथ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 66, 93, 192A, 193 और 199 लगाई गई हैं। इसके अलावा ऐप के जरिए अवैध नेटवर्क चलाने के आरोप में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 66(d) भी जोड़ी गई है।

सवाल-जवाब

यह पूरा मामला कहां और कब का है?
यह मामला महाराष्ट्र के नागपुर का है और 23 जून को हुआ, जब शहर के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय ने अवैध यात्री परिवहन के खिलाफ अभियान चलाया।
आरटीओ अधिकारी ने राइड कितने में बुक की?
मोटर वाहन निरीक्षक विशाल मधुकरराव भोवटे ने रवि भवन से प्रियदर्शिनी कॉलोनी तक की राइड सिर्फ ₹22 में बुक की।
किन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है?
रैपिडो ऐप चलाने वाली कंपनी के तीन संस्थापकों ऋषिकेश एसआर, पवन गुंटुपल्ली और अरविंद सांका के खिलाफ सीताबर्डी थाने में FIR दर्ज की गई है।
कंपनी पर क्या आरोप है?
आरोप है कि पैरेंट कंपनी रूपेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के पास राज्य में पेट्रोल बाइक टैक्सी चलाने का कोई परमिट नहीं था, फिर भी निजी बाइकों का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा था।
पुलिस ने कौन सी धाराएं लगाई हैं?
तीनों प्रमोटर्स पर BNS की धारा 318(3) और 3(5), मोटर वाहन अधिनियम की धारा 66, 93, 192A, 193, 199 और IT अधिनियम की धारा 66(d) लगाई गई है।
जब्त की गई बाइक के बारे में क्या पता चला?
जांच में सफेद नंबर प्लेट वाली निजी दोपहिया गाड़ी बिना कमर्शियल लाइसेंस और परमिट के टैक्सी की तरह चलती मिली, जिसे आरटीओ ने मौके पर ही जब्त कर लिया।
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