आर्क सिस्टम वर्क्स का नया 2D टैग फाइटर मार््वल तोकॉन फाइटिंग सोल्स लाया सुपरहीरो का जबरदस्त एक्शनजम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों का बड़ा तलाशी अभियान, रियासी के जंगलों में तीसरे दिन कॉम्बिंग जारी और राजौरी में एंटी-ड्रोन तैनातीदिल्ली जल बोर्ड एसटीपी टेंडर मामले में एंटी करप्शन ब्रांच का बड़ा एक्शन, सत्येंद्र जैन और पूर्व सीईओ समेत 6 गिरफ्तारसाइबर सुरक्षा के खतरों के कारण ओपनएआई ने अगले मॉडल एस्ट्रा की ट्रेनिंग पर लगाई रोकगूगल दफ्तर और मुफ्त जेमिनी से नहीं मिटेगी पाकिस्तान की कंगाली, IMF आंकड़ों ने खोली पोलस्वतंत्रता दिवस से पहले 14 राज्यों में चला बड़ा ऑपरेशन: सुरक्षा बलों ने ISI के शहजाद भट्टी नेटवर्क को किया ध्वस्त, 200 से अधिक संदिग्ध गिरफ्तारदक्षिणी स्पेन में 4.8 तीव्रता के भूकंप से तबाही, 3 लोग घायल और ग्रेनाडा का ऐतिहासिक अलहम्रा महल बंदकम स्टॉक की आशंका से चीनी की मिल दरें ₹5500 प्रति क्विंटल के ऑल टाइम हाई पर, खुदरा दाम 13% बढ़ेगाजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट का 550 करोड़ रुपये का IPO कल से खुलेगा, जानिए प्राइस बैंड और तारीखेंगॉल टेस्ट में ध्रुव जुरेल के कैच पर बढ़ा विवाद, लाहिरू उदारा के आउट होने पर उठे सवाल
कम स्टॉक की आशंका से चीनी की मिल दरें ₹5500 प्रति क्विंटल के ऑल टाइम हाई पर, खुदरा दाम 13% बढ़ेव्यापार
19 अग॰ 2026, 12:02 am (1 घंटे पहले)· 2

कम स्टॉक की आशंका से चीनी की मिल दरें ₹5500 प्रति क्विंटल के ऑल टाइम हाई पर, खुदरा दाम 13% बढ़े

देश में चीनी की औसत मिल कीमतें ₹5400 से ₹5500 प्रति क्विंटल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं, जिसका मुख्य कारण आने वाले 2026-27 सत्र में कम शुरुआती स्टॉक की आशंका है। इसके साथ ही खुदरा बाजार में भी चीनी के दाम 13 प्रतिशत बढ़कर ₹52.3 प्रति किलोग्राम हो गए हैं।

देश के चीनी उद्योग में इस समय आपूर्ति की भारी तंगी और आगामी सीजन के कम स्टॉक की आहट से हलचल तेज हो गई है। थोक बाजारों में चीनी की मिल दरें अपने ऑल टाइम हाई स्तर पर पहुंच चुकी हैं, जिसका सीधा असर अब आम उपभोक्ताओं की जेब पर भी दिखने लगा है। आगामी 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले 2026-27 पेराई सत्र से पहले शुरुआती भंडारण में कमी आने के संकेतों ने घरेलू बाजार में कीमतों को नए रिकॉर्ड स्तर पर धकेल दिया है।

थोक और खुदरा बाजार में चीनी की कीमतों में बड़ा उछाल

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को देश भर की चीनी मिलों से निकलने वाली चीनी की औसत थोक दरें 5400 रुपये से लेकर 5500 रुपये प्रति क्विंटल के उच्चतम स्तर को छू गईं। पिछले साल की समान अवधि से तुलना की जाए तो तब चीनी का औसत मिल भाव 3900 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया था, जो सालाना आधार पर हुई भारी बढ़ोतरी को स्पष्ट दिखाता है। मिल स्तर पर लागत बढ़ने के कारण खुदरा दुकानों पर भी कीमतें तेजी से ऊपर चढ़ी हैं। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 18 अगस्त को चीनी का औसत खुदरा मूल्य बढ़कर 52.3 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया, जबकि ठीक एक साल पहले यह दर 46.34 रुपये प्रति किलोग्राम थी। इस तरह एक वर्ष के भीतर खुदरा कीमतों में 13 प्रतिशत की सीधी बढ़ोतरी देखी गई है।

ये भी पढ़ें

आगामी सत्र के लिए शुरुआती स्टॉक पर गहराया संकट

कीमतों में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह नए पेराई सत्र 2026-27 के दौरान शुरुआती स्टॉक का कम रहना माना जा रहा है। घरेलू जरूरतों को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए सत्र की शुरुआत में कम से कम 50 लाख टन का शुरुआती स्टॉक होना आवश्यक माना जाता है। हालांकि, सरकार ने अभी इस संदर्भ में आधिकारिक आंकड़े अंतिम रूप से जारी नहीं किए हैं और उद्योग विशेषज्ञों के बीच इसके अनुमानों को लेकर भिन्नता बनी हुई है। उद्योग के एक बड़े वर्ग का मानना है कि चालू सत्र के अंत में 40 से 42 लाख टन का शेष स्टॉक रह सकता है, वहीं बाजार शोधकर्ताओं का आंकलन है कि यह आंकड़ा और गिरकर केवल 32 से 35 लाख टन के आसपास ही रह जाएगा। यदि यह अनुमान सच साबित होता है तो नए सत्र के आगमन पर सप्लाई की स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। इसकी तुलना में 1 अक्टूबर 2025 को शुरू हुए 2025-26 सत्र की शुरुआत 47 लाख टन के शुरुआती स्टॉक के साथ हुई थी।

घरेलू खपत और आपूर्ति की गणितीय बैलेंस शीट

सप्लाई और मांग के संतुलन का विश्लेषण करें तो चालू 2025-26 सत्र के दौरान स्थिति काफी कशमकश भरी रही है। सत्र के प्रारंभ में उपलब्ध 47 लाख टन के शुरुआती स्टॉक, इस वर्ष के 280 लाख टन के अनुमानित चीनी उत्पादन और 7 लाख टन के नियोजित निर्यात को जोड़कर देखें तो कुल उपलब्धता 320 लाख टन बैठती है। दूसरी तरफ, भारत में वार्षिक आधार पर चीनी की घरेलू आवश्यकता 285 लाख टन की है। कुल उपलब्धता में से घरेलू खपत को घटाने पर केवल 35 लाख टन का बचा हुआ स्टॉक रह जाता है। यह शेष स्टॉक सुरक्षा के लिहाज से आवश्यक 50 लाख टन के मानक से काफी कम है, जिसके चलते चीनी मिलों द्वारा तय की जाने वाली कीमतों पर लगातार दबाव बना हुआ है।

खाद्य मंत्रालय की सख्त निगरानी और नया निर्देश

बाजार में कृत्रिम किल्लत और मुनाफाखोरी को रोकने के उद्देश्य से केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने कमर कस ली है। मंत्रालय देश भर की चीनी मिलों द्वारा की जा रही बिक्री और बिकी हुई चीनी के उठान प्रक्रिया पर पैनी नजर रख रहा है। सरकार की ओर से सभी चीनी मिलों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने द्वारा बेचे गए और खरीदारों द्वारा उठाए गए स्टॉक की पूरी जानकारी ऑनलाइन फॉर्म और जांचे गए ईमेल आईडी के माध्यम से नियमित रूप से दर्ज कराएं। इसका मुख्य उद्देश्य देश में चीनी की वास्तविक उपलब्धता की पारदर्शी और स्पष्ट तस्वीर बनाए रखना है ताकि आने वाले दिनों में बाजार को नियंत्रित रखा जा सके।

सवाल-जवाब

वर्तमान में भारत में चीनी की मिल कीमत क्या है?
देश में चीनी की औसत मिल कीमतें ₹5400 से ₹5500 प्रति क्विंटल के ऑल टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई हैं, जो पिछले साल ₹3900 प्रति क्विंटल थीं।
खुदरा बाजार में चीनी के दामों में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, 18 अगस्त को चीनी का औसत खुदरा मूल्य 13 प्रतिशत बढ़कर ₹52.3 प्रति किलोग्राम हो गया, जो पिछले वर्ष ₹46.34 प्रति किलोग्राम था।
चीनी की कीमतों में अचानक तेजी आने का मुख्य कारण क्या है?
1 अक्टूबर से शुरू होने वाले नए 2026-27 पेराई सत्र के लिए शुरुआती स्टॉक आवश्यक 50 लाख टन से कम रहने की संभावना के कारण कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।
2025-26 सत्र के लिए चीनी की कुल उपलब्धता और खपत का गणित क्या है?
47 लाख टन शुरुआती स्टॉक और 280 लाख टन उत्पादन में से 7 लाख टन निर्यात घटाकर कुल उपलब्धता 320 लाख टन रहती है, जबकि 285 लाख टन की घरेलू मांग के बाद केवल 35 लाख टन का बचा हुआ स्टॉक रह जाता है।
सरकार चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठा रही है?
खाद्य मंत्रालय चीनी मिलों द्वारा बेचे गए और उठाए गए स्टॉक की ऑनलाइन फॉर्म और सत्यापित ईमेल आईडी के जरिए निगरानी कर रहा है ताकि सही उपलब्धता की जानकारी रहे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR