दिल्ली के कई सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों और पूर्व शिक्षकों को तय समयसीमा के भीतर आवेदन करने के बावजूद यूनिफाइड पेंशन स्कीम यानी यूपीएस के तहत लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस मामले में ऑल इंडिया एनपीएस एम्पलाइज फेडरेशन ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा है और लंबित पेंशन मामलों का शीघ्र समाधान करने का आग्रह किया है। संगठन का कहना है कि पेंशन मिलने में हो रही इस देरी के कारण रिटायर्ड कर्मचारियों को अपने दैनिक घरेलू खर्चों को चलाने में भारी वित्तीय परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि वे पूरी तरह इसी आय पर निर्भर हैं।
यूनिफाइड पेंशन स्कीम की समयसीमा और नियम
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के दायरे में आने वाले पात्र कर्मचारियों के लिए यूपीएस व्यवस्था 1 अप्रैल 2025 से लागू की गई थी। इस योजना को चुनने के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2025 निर्धारित की गई थी। ऑल इंडिया एनपीएस एम्पलाइज फेडरेशन के अनुसार, दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले विभिन्न विभागों और शिक्षा निदेशालय से जुड़े कई कर्मचारियों ने इस आखिरी तारीख से पहले ही सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली थीं। इनमें से कुछ कर्मचारी पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके थे जबकि अन्य की रिटायरमेंट का समय नजदीक था।
पेंशन भुगतान में देरी और शिक्षकों पर असर
तय समय पर फॉर्म भरने और प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद फेडरेशन का दावा है कि ऐसे कई पूर्व कर्मचारियों की पेंशन शुरू नहीं की गई है। इस समस्या से दिल्ली सरकार के अन्य विभागों के साथ-साथ रिटायर्ड शिक्षक भी बड़े पैमाने पर प्रभावित हुए हैं। फेडरेशन ने कई ऐसे मामलों को उजागर किया है जहां कर्मचारियों ने यूपीएस से जुड़ा पूरा कागजी काम समय पर पूरा कर लिया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अब तक उनकी सेवानिवृत्ति के लाभ नहीं मिल सके हैं।
ऑनलाइन पोर्टल और कॉरपस की जानकारी में बाधा
इस पूरी प्रक्रिया में तकनीकी दिक्कतें भी सामने आई हैं। ऑल इंडिया एनपीएस एम्पलाइज फेडरेशन के मुताबिक, दिल्ली सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए केंद्रीय रिकॉर्ड-कीपिंग एजेंसियों के पोर्टल्स पर आवश्यक ऑनलाइन यूपीएस सुविधा वर्तमान में उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसकी वजह से प्रभावित पूर्व कर्मचारियों के लिए अपने जमा हुए रिटायरमेंट कॉर्पस की जानकारी जुटाना और अपनी संभावित पेंशन की गणना करना काफी मुश्किल हो गया है। जिन रिटायर्ड लोगों की पेंशन पहले से ही रुकी हुई है, उनके लिए इस प्रकार की जानकारी का अभाव भविष्य को लेकर अनिश्चितता को और बढ़ा देता है।
वित्त मंत्री से हस्तक्षेप की मांग और संभावित समाधान
फेडरेशन ने 18 अगस्त 2026 को भेजे गए अपने पत्र में वित्त मंत्री से सीधे हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है ताकि सभी लंबित यूपीएस मामलों का बिना किसी और देरी के निस्तारण किया जा सके। संगठन ने मांग की है कि निर्धारित अवधि के भीतर जमा किए गए सभी पात्र आवेदनों की नए सिरे से समीक्षा की जाए और प्राथमिकता के आधार पर पेंशन के आदेश जारी किए जाएं। इसके साथ ही, पात्र सेवानिवृत्त कर्मियों को उनके बकाया पेंशन फंड और उस पर लागू एरियर का भुगतान एकमुश्त करने की भी बात कही गई है।
फेडरेशन ने यह सुझाव भी दिया है कि यदि अंतिम यूपीएस प्रक्रिया को पूरा होने में अधिक समय लगता है, तो नियमों के तहत एक अंतरिम पेंशन व्यवस्था पर भी विचार किया जा सकता है। दिल्ली सरकार और केंद्र के बीच बेहतर प्रशासनिक तालमेल की वकालत करते हुए संगठन ने कहा है कि इन प्रशासनिक अड़चनों को दूर करने के लिए एक समयबद्ध प्रणाली का गठन किया जाना चाहिए ताकि आवेदनों का तेजी से निपटारा हो सके। अब यह पूरा मामला संबंधित प्राधिकारियों के रुख और उन पर होने वाली कार्रवाई की गति पर निर्भर करता है।



















