घरेलू शेयर बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में हालिया दिनों में आई भारी लिवाली ने डेरिवेटिव और मार्जिन सेगमेंट में नए समीकरण बना दिए हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स के बाजार में कदम रखने, कंपनी के मजबूत वित्तीय मुनाफे और इक्विटी बाजार में दिखी जोरदार बढ़त के बीच अब मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी यानी एमटीएफ बुक में कंपनी शीर्ष पर पहुंच गई है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस सेगमेंट में रिलायंस ने काफी समय से पहले नंबर पर काबिज एचडीएफसी बैंक को पीछे छोड़ते हुए बढ़त बनाई है। 2 नवंबर को कंपनी के शेयरों में छह साल की सबसे बड़ी एकल-दिवसीय बढ़त दर्ज की गई थी, जिसके बाद निवेशकों की तरफ से लिवरेज पोजीशन में भी बड़ा इजाफा देखने को मिला।
एमटीएफ बुक में 60 प्रतिशत की छलांग
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों से पता चलता है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज का एमटीएफ एक्सपोजर 60 प्रतिशत बढ़कर 4,711 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। 30 अक्टूबर के अंत में यह आंकड़ा 2,937 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। शेयर बाजार में एमटीएफ बुक दरअसल ब्रोकर्स के ग्राहकों या पूरे बाजार द्वारा उधारी पूंजी पर ली गई स्टॉक पोजीशन की कुल कीमत को दर्शाती है। इस बुक में इस कदर उछाल यह स्पष्ट करता है कि रिटेल और बड़े निवेशकों ने उधारी पूंजी का इस्तेमाल करके रिलायंस के शेयरों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने में भारी दिलचस्पी दिखाई है।
एचडीएफसी बैंक दूसरे स्थान पर खिसका
लंबे समय से एमटीएफ बुक में शीर्ष स्थान पर अपनी पकड़ बनाए रखने वाला एचडीएफसी बैंक अब दूसरे स्थान पर आ गया है। आंकड़ों के मुताबिक, पूरे बाजार की कुल एमटीएफ बुक वर्तमान में 1.45 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है। इसमें से शीर्ष 10 शेयरों का कुल एमटीएफ एक्सपोजर 19,442 करोड़ रुपये रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में आई अचानक तेजी के चलते इन शीर्ष 10 शेयरों के कुल एक्सपोजर में अकेले रिलायंस की हिस्सेदारी बढ़कर 24 प्रतिशत पर पहुंच गई है।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा ट्रेडिंग टर्नओवर और डिलीवरी
बीते दो कारोबारी सत्रों के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में अभूतपूर्व वॉल्यूम दर्ज किया गया, जिसके चलते यह निफ्टी 500 इंडेक्स का सबसे ज्यादा ट्रेड होने वाला काउंटर बना रहा। 2 नवंबर के कारोबारी सत्र में रिलायंस का कुल ट्रेडिंग टर्नओवर 11 हजार करोड़ रुपये से भी अधिक दर्ज किया गया था। इसके बाद मंगलवार के सत्र में भी यह आंकड़ा 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक रहा। केवल इंट्राडे ही नहीं, बल्कि डिलीवरी वॉल्यूम में भी भारी खरीदारी देखने को मिली, जहां सोमवार को 6 हजार करोड़ रुपये से अधिक की डिलीवरी उठाई गई और मंगलवार को यह आंकड़ा 3 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा रहा। गौरतलब है कि 2 नवंबर के कारोबारी सत्र में कंपनी के शेयरों में 11.6 प्रतिशत की जोरदार छलांग लगी थी।
तकनीकी ब्रेकआउट और विश्लेषकों का नजरिया
रिलायंस के शेयरों में आई इस अचानक तेजी को लेकर बाजार विश्लेषक भी उत्साहित हैं। सैमको सिक्योरिटीज के मार्केट रिसर्च प्रमुख अपूर्व सेठ ने बताया कि रिलायंस के शेयर ने अपने लंबे समय से चले आ रहे मंदी के रुझान यानी डाउनवर्ड ट्रेंड को पार कर लिया है। उनके अनुसार, यह तकनीकी बदलाव दर्शाता है कि स्टॉक पर बिकवाली का दबाव खत्म हो रहा है और नए खरीदार सक्रिय हो रहे हैं। कंपनी का मजबूत तकनीकी आधार, शानदार वॉल्यूम और सुधरती आय निवेशकों का भरोसा मजबूत कर रही है। अपूर्व सेठ के मुताबिक, यदि शेयर 1,250 रुपये के स्तर से ऊपर टिकता है, तो निवेशक इस पर आगे के लिए भी खरीदारी की रणनीति बना सकते हैं क्योंकि यहां से आगे और तेजी आने की पूरी संभावना बनी हुई है।


















