क्रिप्टोकरेंसी बाजार में जारी व्यापक उथल-पुथल के बीच सोलाना में कमजोरी का दौर और गहरा गया है। हफ्ते के शुरुआती कारोबारी सत्रों में 3.5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट झेलने के बाद यह डिजिटल टोकन बुधवार को 91.26 डॉलर के आसपास कारोबार करता नजर आया। ईटीएफ के प्रति निवेशकों की सुस्त दिलचस्पी, वायदा बाजार में लगातार बढ़ रही शॉर्ट पोजीशन और हाजिर बाजार में जरूरत से ज्यादा गर्म माहौल ने टोकन की वापसी की राह रोक दी है।
डेरिवेटिव्स बाजार में मंदी का रुख और व्हेल ऑर्डर्स की भरमार
वायदा और डेरिवेटिव्स बाजार का डेटा स्पष्ट रूप से संकेत दे रहा है कि निवेशक आगामी सत्रों में सोलाना की कीमतों को लेकर सतर्क और आशंकित हैं। कॉइनग्लास द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक बुधवार को सोलाना का लॉन्ग-टू-शॉर्ट अनुपात गिरकर 0.92 पर आ गया, जो एक महीने से अधिक समय में इसका सबसे निचला स्तर है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार जब यह पैमाना एक से नीचे आता है, तो इसका साफ अर्थ होता है कि ट्रेडर्स में मंदी का माहौल हावी है और वे कीमतों में और फिसलन पर अपना दांव लगा रहे हैं।
इसी तरह क्रिप्टोक्वांट के संकलित आंकड़ों से भी बाजार में सावधानी और दबाव का रुझान दिखता है। सोलाना के हाजिर और वायदा दोनों ही बाजारों में व्हेल निवेशकों के बड़े बिकवाली ऑर्डर दर्ज किए गए हैं, जिससे बिकवाली का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। इसके साथ ही हाजिर बाजार में अत्यधिक गर्मी की स्थिति बनी हुई है। इन तमाम दबावों ने मिलकर टोकन की किसी भी संभावित तेज रिकवरी पर ब्रेक लगा दिया है।
तकनीकी संकेतकों पर मंदी का शिकंजा
तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो सोलाना के लिए अल्पकालिक परिदृश्य काफी कमजोर बना हुआ है, क्योंकि इसकी कीमत अपने प्रमुख एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी ईएमए स्तरों से नीचे बनी हुई है। मौजूदा समय में 200-दिन का ईएमए 98.39 डॉलर पर, 100-दिन का ईएमए 99.61 डॉलर पर और 50-दिन का ईएमए 102.78 डॉलर पर स्थित है। ये तीनों औसत स्तर एक के ऊपर एक स्थित होकर कीमत के लिए मजबूत प्रतिरोधक का काम कर रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि मौजूदा गिरावट का सिलसिला अभी जारी रह सकता है।
गति से जुड़े तकनीकी पैरामीटर भी कमजोरी की गवाही दे रहे हैं। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) लगभग 26 के स्तर पर पहुंचकर ओवरसोल्ड यानी जरूरत से ज्यादा बिकवाली वाले दायरे में徘徊 कर रहा है। वहीं दूसरी ओर मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) की रेखा शून्य के नीचे जमी हुई है। हालांकि ओवरसोल्ड स्थितियां कभी-कभार कीमतों में खिंचाव की ओर इशारा करती हैं, लेकिन शून्य से नीचे का एमएसीडी लगातार बने डाउनसाइड दबाव को पुख्ता करता है।
ताजा लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार सोलाना 92.76 डॉलर पर स्थिर होने की कोशिश कर रहा है, जो पिछले 91.84 डॉलर के बंद भाव से 1.01 प्रतिशत ऊपर है। इसका 52-सप्ताह का दायरा 60.41 डॉलर से 124.62 डॉलर के बीच रहा है। दैनिक तकनीकी मोर्चे पर 14-दिवसीय आरएसआई 29 और एमएसीडी शून्य से नीचे -4.18 पर है, जबकि 20-दिन का ईएमए 100.20 डॉलर और 50-दिन का ईएमए 103.16 डॉलर पर प्रतिरोध के रूप में खड़े हैं।
आगे के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर
यदि सोलाना में कोई सुधारात्मक उछाल आता है, तो सबसे पहली चुनौती 97.76 डॉलर के क्षैतिज अवरोध पर मिलेगी। इस स्तर को पार करने के बाद टोकन को क्रमशः 98.39 डॉलर (200-दिन का ईएमए) और 99.61 डॉलर (100-दिन का ईएमए) पर बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। इससे भी मजबूत बाधा 102.78 डॉलर पर स्थित 50-दिन के ईएमए पर है, जबकि इसके ऊपर बड़ा लक्ष्य 122.76 डॉलर का क्षैतिज स्तर होगा। लाइव तकनीकी स्तरों में दैनिक पिवट 91.99 डॉलर पर है और त्वरित रेजिस्टेंस R1 93.83 डॉलर व R2 94.91 डॉलर पर देखा जा रहा है।
गिरावट की स्थिति में मौजूदा मूल्य दायरा ही सबसे निकटतम संदर्भ बिंदु है। पहले की तेजी की ट्रेंडलाइन अब 88.80 डॉलर के ब्रेकआउट जोन की ओर लौटती दिख रही है। यदि मंदड़िए इस स्तर को तोड़ने में सफल रहते हैं, तो अगला बड़ा क्षैतिज सहारा 78.35 डॉलर के करीब मिलेगा। विश्लेषकों का मानना है कि यदि गिरावट और गहरी होती है, तो इसी 78.35 डॉलर के आसपास खरीदार दोबारा सक्रिय होकर बाजार में खरीदारी दिखा सकते हैं। लाइव सपोर्ट लेवल्स S1 90.91 डॉलर और S2 89.07 डॉलर पर स्थित हैं।
व्यापक बाजार में अनिश्चितता: बिटकॉइन, इथेरियम और अन्य टोकन का हाल
सोलाना में आई यह कमजोरी अकेले उसकी अपनी नहीं है, बल्कि पूरा डिजिटल एसेट बाजार दबाव में झूल रहा है। मंगलवार को अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले शीर्ष ऑल्टकॉइन्स में सुस्ती छाई रही। पिछले हफ्ते हुए बाइनेंस के 6.3 अरब डॉलर के बड़े हैक ने सोशल मीडिया पर निवेशकों की धारणा को गंभीर रूप से आहत किया है। कार्डानो (ADA) और रिपल (XRP) जैसे सिक्के भी इसी वजह से कमजोरी के दायरे में हैं।
मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन मंगलवार को लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट के बाद छह हफ्ते के निचले स्तर 76,566 डॉलर पर फिसल गई। बिटकॉइन अब 76,455 डॉलर के करो या मरो वाले महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन की परीक्षा ले रहा है, जिसके नीचे दैनिक कैंडल बंद होने पर एक और बड़ी गिरावट का जोखिम बढ़ जाएगा। दूसरी ओर इथेरियम भी इसी तरह दबाव में एक संकीर्ण दायरे में कंसोलिडेट कर रहा है। रिपल की बात करें तो यह 1.25 डॉलर के स्तर से थोड़ा ऊपर बना हुआ है, जहां इसके खरीदार एक छोटी अवधि की रिकवरी की उम्मीद में जुटे हैं। बाइनेंस पर निकासी प्रक्रिया दोबारा शुरू होने के बाद उसके पास मौजूद एक्सआरपी का रिजर्व तेजी से घटकर 2021 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच चुका है।



















