मऊ जिले में सब्जी की खेती करने वाले किसानों के लिए उद्यान विभाग ने राहत भरी योजना शुरू की है। इसके तहत किसानों को साग भाजी की खेती के लिए बीज पर सब्सिडी के साथ ही सस्ते दामों पर तैयार पौधे भी दिए जा रहे हैं। मऊ के जिला उद्यान अधिकारी राम सिंह के मुताबिक, राज्य उद्यानिक मिशन के तहत जिले में 60 हेक्टेयर क्षेत्र में सब्जी की खेती कराने का लक्ष्य रखा गया है।
किन सब्जियों की खेती पर मिलेगा फायदा
इस योजना में कद्दू वर्गीय सब्जियों के अलावा रबी और जायद सीजन की सब्जियां भी शामिल की गई हैं। योजना के तहत बीज डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए निदेशालय शासन की ओर से उपलब्ध कराए जाएंगे। इस समय उद्यान विभाग में सब्सिडी और पौधे पाने के लिए किसानों का पंजीकरण चल रहा है। इच्छुक किसानों को विभाग की वेबसाइट www.harticulture.com पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
पंजीकरण के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत
पंजीकरण कराने के लिए किसानों के पास आधार कार्ड, खतौनी, बैंक पासबुक और फोटो होना जरूरी है। किसान अपने नजदीकी जनसेवा केंद्र से पंजीकरण करा सकते हैं। इसके बाद सभी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर उन्हें उद्यान विभाग कार्यालय में जमा करना होगा। इसमें पहले आओ पहले पाओ का नियम लागू किया गया है, यानी जो किसान पहले आवेदन करेगा उसे प्राथमिकता मिलेगी।
कितनी सब्सिडी और क्या-क्या मिलेगा
सब्सिडी के तहत किसानों को उच्च क्षमता वाली शंकर प्रजाति के बीज दिए जाएंगे। एक हेक्टेयर में सब्जी की खेती करने में करीब 24000 रुपये की लागत आती है, जिसमें से 40% रकम उद्यान विभाग सब्सिडी के तौर पर वहन करेगा। इस सब्सिडी में सिर्फ बीज ही नहीं, बल्कि ऑर्गेनिक खाद, बायो फर्टिलाइजर और बायो पेस्टीसाइड भी शामिल किए गए हैं, जिससे किसानों की लागत काफी कम हो जाएगी। फिलहाल इस योजना का लाभ लेने के लिए कोई अंतिम तिथि तय नहीं की गई है, इसलिए किसान जब चाहें आवेदन कर सकते हैं।
खरीफ सीजन में सस्ते पौधे भी उपलब्ध
वर्तमान में खरीफ की खेती का सीजन चल रहा है, ऐसे में जो किसान सब्जी उगाना चाहते हैं उन्हें जल्द से जल्द पंजीकरण करा लेना चाहिए। उद्यान विभाग किसानों को मात्र 1 से 2 रुपये प्रति पौधे के हिसाब से भी पौधे उपलब्ध करा रहा है। ये पौधे पूरी तरह संशोधित यानी उन्नत किस्म के बीजों से तैयार किए गए हैं, जिससे बेहतर पैदावार मिलने की उम्मीद है। किसान इन पौधों को खरीदने के लिए सीधे उद्यान विभाग की नर्सरी में जा सकते हैं।




















