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यूरोपीय संघ के प्राइवेसी नियमों का उल्लंघन करने पर गूगल पर 46.3 करोड़ डॉलर का भारी जुर्मानाव्यापार
22 सित॰ 2026, 10:06 am (1 घंटे पहले)· 2

यूरोपीय संघ के प्राइवेसी नियमों का उल्लंघन करने पर गूगल पर 46.3 करोड़ डॉलर का भारी जुर्माना

आयरलैंड के डेटा संरक्षण आयोग ने लोकेशन डेटा की गलत प्रोसेसिंग के मामले में गूगल पर 40.3 करोड़ यूरो का जुर्माना लगाया है। यह फैसला 2018 से 2020 के बीच एंड्रॉइड और सर्च ट्रैकिंग नियमों की छह साल चली जांच के बाद आया है।

यूरोपीय संघ के कड़े गोपनीयता नियमों का उल्लंघन करने के मामले में सर्च इंजन दिग्गज गूगल पर 40.3 करोड़ यूरो यानी करीब 46.3 करोड़ डॉलर का भारी वित्तीय जुर्माना लगाया गया है। नियामक संस्था ने उपयोगकर्ताओं की लोकेशन से जुड़े डेटा को अनुचित और गैर-कानूनी तरीके से प्रोसेस करने के कारण यह सख्त कदम उठाया है। सोमवार को सामने आए इस निर्णय में यूरोपीय संघ के डेटा गोपनीयता निगरानी तंत्र ने स्पष्ट किया कि कंपनी ने तय मानकों का ईमानदारी से पालन नहीं किया।

वेब और ऐप गतिविधियों की जांच में हुआ खुलासा

आयरलैंड के डेटा संरक्षण आयोग ने एक लंबी और विस्तृत जांच के बाद पाया कि गूगल ने कई मुख्य सेटिंग्स में लोकेशन संबंधी डेटा को कानूनन सही और निष्पक्ष तरीके से प्रोसेस नहीं किया। आयोग ने विशेष रूप से वेब और ऐप एक्टिविटी फीचर पर उंगली उठाई, जो उपयोगकर्ताओं के ब्राउज़िंग और सर्च इतिहास पर नज़र रखता है। इसके अलावा कंपनी की लोकेशन हिस्ट्री सेवा भी जांच के दायरे में थी, जिसका काम यह रिकॉर्ड करना होता है कि लोग अपने मोबाइल फोन के साथ किन-किन जगहों पर गए हैं। इन दोनों सेवाओं में डेटा जुटाने और इस्तेमाल करने के तरीकों को नियमों के विरुद्ध पाया गया।

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एंड्रॉइड सिस्टम और लोकेशन एक्यूरेसी पर सवाल

जांच अधिकारियों ने यह भी निर्धारित किया कि एंड्रॉइड मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम में मौजूद लोकेशन एक्यूरेसी फीचर के माध्यम से व्यक्तिगत डेटा एकत्र करते समय कंपनी पारदर्शिता, निष्पक्षता और कानूनी प्रक्रियाओं का ध्यान रखने में विफल रही। नियामकों के अनुसार किसी भी व्यक्ति की भौगोलिक स्थिति से जुड़ा डेटा अत्यंत संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी की श्रेणी में आता है, जिसका उपयोग यह अनुमान लगाने के लिए किया जा सकता है कि उपयोगकर्ता वास्तविक समय में कहाँ मौजूद है।

छह साल चली विस्तृत पड़ताल

आयरलैंड 27 देशों वाले यूरोपीय संघ में गूगल के लिए मुख्य नियामक की भूमिका निभाता है, क्योंकि इस अमेरिकी तकनीकी दिग्गज का यूरोपीय मुख्यालय डबलिन में स्थित है। यह जांच लगभग छह साल पहले शुरू की गई थी, जिसमें इस बात का बारीक अध्ययन किया गया कि गूगल ने 2018 में लागू हुए जनरल डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन यानी जीडीपीआर के नियमों को फरवरी 2020 तक की अवधि में किस तरह लागू किया था। आयोग ने लगभग दो साल के शुरुआती क्रियान्वयन काल की एक-एक गतिविधि का विश्लेषण किया।

गूगल का पक्ष और पुराने नियमों का हवाला

इस बड़े वित्तीय दंड पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए गूगल ने एक बयान जारी कर कहा कि यह पूरा मामला उसकी बहुत पुरानी नीतियों से संबंधित है, जिनमें अब काफी बदलाव किए जा चुके हैं। कंपनी के अनुसार उसने 2019 के बाद से अपने तौर-तरीकों में व्यापक सुधार किए हैं और उपयोगकर्ताओं के लिए ऐसे मजबूत टूल्स पेश किए हैं जिनसे लोकेशन डेटा का प्रबंधन करना बेहद आसान हो गया है।

लोकेशन डेटा के लाभ और जोखिम

डिप्टी कमिश्नर ग्राहम डॉयल ने इस निर्णय के संदर्भ में कहा कि लोकेशन डेटा किसी भी व्यक्ति के लिए लाभ और नुकसान दोनों ला सकता है। डॉयल के अनुसार, "यह ऑनलाइन सेवाओं की उपयोगिता को काफी बढ़ा सकता है, लेकिन यह किसी व्यक्ति के बारे में बहुत अधिक जानकारी भी उजागर कर सकता है, जिसमें ऐसी जानकारी भी शामिल है जो स्वाभाविक रूप से निजी है।"

यूरोपीय संघ में चौथा सबसे बड़ा जुर्माना

आयरिश निगरानी संस्था द्वारा जारी किया गया यह फैसला यूरोपीय संघ के प्राइवेसी इतिहास का चौथा सबसे बड़ा जुर्माना बन गया है। इससे पहले यही नियामक टिकटॉक और मेटा जैसी कंपनियों पर इससे भी बड़े जुर्माने लगा चुका है, जिसमें मेटा पर लगाया गया 1.2 अरब यूरो का ऐतिहासिक जुर्माना शामिल है। इसके साथ ही नियामक ने यह भी स्पष्ट किया कि गूगल से जुड़ी तीन अन्य प्राइवेसी जांचें अभी भी जारी हैं, जिन पर आने वाले समय में फैसला लिया जा सकता है।

सवाल-जवाब

गूगल पर कितना जुर्माना लगाया गया है?
गूगल पर 40.3 करोड़ यूरो यानी करीब 46.3 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया गया है।
यह कार्रवाई किस संस्था ने की है?
यह कार्रवाई यूरोपीय संघ के प्रमुख नियामक, आयरलैंड के डेटा संरक्षण आयोग ने की है।
गूगल पर कौन से नियम तोड़ने का आरोप है?
कंपनी पर लोकेशन हिस्ट्री, वेब एंड ऐप एक्टिविटी और एंड्रॉइड की लोकेशन एक्यूरेसी में डेटा को गैर-कानूनी और अपारदर्शी तरीके से प्रोसेस करने का आरोप है।
यह जांच किस समय अवधि के लिए की गई थी?
यह जांच 2018 में जनरल डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन के लागू होने से लेकर फरवरी 2020 तक की अवधि के लिए की गई थी।
इस जुर्माने पर गूगल ने क्या प्रतिक्रिया दी है?
गूगल ने कहा कि यह मामला पुरानी नीतियों से संबंधित है और 2019 के बाद से उसने लोकेशन डेटा प्रबंधन के लिए कई मजबूत टूल्स पेश किए हैं।
क्या गूगल के खिलाफ कोई अन्य जांच भी चल रही है?
हां, आयरिश डेटा संरक्षण आयोग के पास गूगल से जुड़ी तीन अन्य प्राइवेसी जांचें अभी भी जारी हैं।
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