शाहजहांपुर जिले के किसानों के लिए अब खेती से अपनी कमाई को कई गुना बढ़ाने का एक सुनहरा मौका सामने आया है। खेती-किसानी के पारंपरिक तरीकों से हटकर किसानों को अधिक मुनाफा देने वाली फसलों से जोड़ने के लिए उद्यान विभाग ने एक विशेष पहल शुरू की है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक और लाभकारी विकल्पों की तरफ मोड़ना है ताकि वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें। इसी कड़ी में जिले के अंदर औषधीय और सगंध पौधों की खेती को बढ़ावा देने का बीड़ा उठाया गया है, जिसके तहत किसानों को शतावर की खेती करने पर सरकार की तरफ से भारी आर्थिक सहायता और सब्सिडी मुहैया कराई जा रही है। इस पूरी योजना की सबसे खास बात यह है कि इसका लाभ पूरी तरह से 'पहले आओ, पहले पाओ' के कड़े नियम पर आधारित होगा।
कौन सी योजनाओं के तहत मिल रहा है यह लाभ
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. पुनीत कुमार पाठक ने इस बारे में जानकारी देते हुए स्पष्ट किया है कि जो अन्नदाता औषधीय और सुगंधित फसलों को उगाने में रुचि रखते हैं, उनके लिए सरकार की दो प्रमुख योजनाएं वरदान साबित हो रही हैं। इनमें पहली योजना मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना है और दूसरी एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना है। इन दोनों ही कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन के साथ-साथ वित्तीय सहायता भी प्रदान की जा रही है। विभाग को इस सत्र के लिए शतावर की खेती का नया लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके तहत किसानों को इस बहुमूल्य फसल को उगाने के लिए प्रेरित और समर्थ बनाया जा रहा है ताकि वे बाजार की मांग का पूरा फायदा उठा सकें।
क्या है आवेदन करने का पूरा तरीका
इस योजना का लाभ उठाने के इच्छुक किसानों को प्रक्रिया की औपचारिकताएं समय रहते पूरी करनी होंगी। उद्यान विभाग की तरफ से साफ कर दिया गया है कि चूंकि इस योजना के तहत मिलने वाला लाभ और सब्सिडी पूरी तरह से 'पहले आओ, पहले पाओ' के सिद्धांत पर काम करती है, इसलिए किसानों को किसी भी तरह की देरी से बचने की सलाह दी जाती है। सीमित और निश्चित लक्ष्यों को देखते हुए किसानों से आग्रह किया गया है कि वे अंतिम समय का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द अपना पंजीकरण पूरा करवा लें ताकि उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सरकारी मदद का लाभ मिल सके।
ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पंजीकरण प्रक्रिया को बहुत ही सरल और सुलभ बनाया गया है। जो किसान खुद से आवेदन करना चाहते हैं, वे विभाग की आधिकारिक वेबसाइट dbt.uphorticulture.in पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके अलावा, यदि किसी किसान को इंटरनेट या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से फॉर्म भरने में किसी भी तरह की कठिनाई आती है, तो उन्हें परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे किसान अपने जरूरी दस्तावेज लेकर सीधे जिला उद्यान विभाग कार्यालय पहुंच सकते हैं, जहां विभाग के कर्मचारी उनका आवेदन पूरा कराने में पूरी मदद करेंगे।
जरूरी दस्तावेज और विभाग की तैयारी
उद्यान विभाग कार्यालय पहुंचकर पंजीकरण कराने के लिए किसानों को अपने साथ कुछ अहम कागजात रखने होंगे। इसमें मुख्य रूप से आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जमीन के कागजात यानी खतौनी और दो पासपोर्ट साइज फोटो साथ ले जाना अनिवार्य है। विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक किसानों को सही समय पर इस योजना का हिस्सा बनाया जाए ताकि वे कम लागत में शतावर जैसी औषधीय फसल उगाकर अपनी आमदनी को नया आयाम दे सकें और कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा सकें।



















