ऑनलाइन खाना मंगवाने वाले ग्राहकों की जेब पर अब अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म ज़ोमैटो की मूल कंपनी इटरनल ने अपने शुल्क ढांचे में संशोधन करते हुए ऑर्डर प्रक्रिया को महंगा कर दिया है। 6 महीनों के अंतराल के बाद कंपनी ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस में बढ़ोतरी की है, जिसके तहत प्रति ऑर्डर शुल्क को ₹12.50 से बढ़ाकर ₹14.90 कर दिया गया है। इसके साथ ही कैश ऑन डिलीवरी (COD) का विकल्प चुनने वाले उपभोक्ताओं के लिए प्रति ऑर्डर ₹5 का नया अतिरिक्त चार्ज लागू कर दिया गया है।
कैश ऑन डिलीवरी पर ₹5 का अतिरिक्त शुल्क
ज़ोमैटो से खाना ऑर्डर करते समय डिजिटल भुगतान के बजाय कैश ऑन डिलीवरी चुनने वाले ग्राहकों को अब पहले की तुलना में ₹5 अधिक चुकाने होंगे। कंपनी का उद्देश्य डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना और नकद लेन-देन में होने वाले परिचालन खर्चों की भरपाई करना है। यह नया चार्ज पहले से ली जा रही डिलीवरी फीस और प्लेटफॉर्म फीस के अलावा होगा।
प्लेटफॉर्म फीस में 19.2 फीसदी की बढ़ोतरी
ज़ोमैटो ने अपनी नियमित प्लेटफॉर्म फीस में ₹2.40 प्रति ऑर्डर की बढ़ोतरी की है। 19.2 फीसदी की इस वृद्धि के बाद अब हर ऑर्डर पर ग्राहकों को ₹14.90 प्लेटफॉर्म शुल्क देना होगा। पिछले 6 महीनों में प्लेटफॉर्म फीस में यह पहला बदलाव है। इस बढ़ोतरी से कंपनी की दैनिक आय में लगभग ₹48 लाख अतिरिक्त जोड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
शेयर बाजार पर असर
प्लेटफॉर्म फीस और डिलीवरी से जुड़े शुल्कों में इस वृद्धि की खबर के बाद शेयर बाजार में ज़ोमैटो की मूल कंपनी इटरनल और प्रतिद्वंद्वी स्विगी के शेयरों में तेजी देखी गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, प्रति ऑर्डर अतिरिक्त कमाई से कंपनियों के लाभ मार्जिन में सुधार होगा, जिसका सीधा फायदा टेक और फूड डिलीवरी स्टॉक्स को मिलता दिख रहा है।



















