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पेठे की खेती से मालामाल होने का मौका: वैज्ञानिकों से समझें मुनाफे वाली पूरी तकनीकव्यापार
27 जून 2026, 9:19 am (32 दिन पहले)· 4

पेठे की खेती से मालामाल होने का मौका: वैज्ञानिकों से समझें मुनाफे वाली पूरी तकनीक

मुरादाबाद के किसान पारंपरिक फसलों से हटकर पेठे की खेती अपनाकर अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं। विशेषज्ञ उन्नत मचान और ड्रिप सिंचाई के इस्तेमाल से प्रति एकड़ लाखों की कमाई का दावा करते हैं।

यदि आप मुरादाबाद क्षेत्र के रहने वाले किसान हैं और अपनी आय को कई गुना बढ़ाना चाहते हैं, तो पेठे (जिसे सफेद कद्दू या ऐशगार्ड भी कहा जाता है) की खेती आपके लिए एक शानदार विकल्प साबित हो सकती है। सही वैज्ञानिक तरीकों और उन्नत तकनीकों का उपयोग करके आप एक एकड़ जमीन से लगभग 80 से 120 क्विंटल तक की बंपर पैदावार प्राप्त कर सकते हैं। बाजार के वर्तमान भाव के हिसाब से इस फसल से शुद्ध मुनाफा 2 से 3 लाख रुपये तक आसानी से कमाया जा सकता है।

खेती की आधुनिक तकनीक

कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर दीपक मेहंदीरत्ता के अनुसार, पेठे की खेती के लिए मचान विधि और ड्रिप सिंचाई पद्धति सबसे अधिक प्रभावी है। मचान विधि का उपयोग करने से फलों की गुणवत्ता में सुधार होता है और बीमारियों का खतरा भी काफी कम हो जाता है। यह फसल जायद के मौसम के अलावा जून और जुलाई के महीनों में भी सफलता के साथ उगाई जा सकती है। इसके लिए दोमट मिट्टी सबसे उत्तम मानी गई है, और खेत को तैयार करने के लिए तीन से चार बार अच्छी जुताई करना आवश्यक होता है।

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मिट्टी का चुनाव और बुवाई की विधि

पेठे की खेती के लिए जल निकासी की उचित व्यवस्था वाली जमीन का चुनाव करना अनिवार्य है, क्योंकि जलभराव की स्थिति में फसल बर्बाद हो सकती है। किसान बाजार में उपलब्ध उन्नत किस्मों जैसे काशी, सुरभि और पूसा का चयन कर सकते हैं, जिनसे अधिक उत्पादन मिलता है। प्रति एकड़ बुवाई के लिए लगभग 1.5 से 2 किलो बीज की जरूरत होती है। पौधों की बुवाई करते समय दो पौधों के बीच में 2 से 2.5 मीटर की दूरी रखना उचित रहता है।

देखभाल और उत्पादन

बुवाई को हमेशा ऊंची बेड बनाकर करना चाहिए, ताकि फल जमीन को न छुएं और पूरी तरह साफ-सुथरे रहें। इससे फल का रंग और स्वाद दोनों बेहतर बने रहते हैं। खाद के रूप में गोबर की खाद का प्रयोग सबसे अधिक लाभदायक माना जाता है। चूंकि यह फसल गर्मी के समय में होती है, इसलिए हर 4 से 6 दिनों के अंतराल पर पानी देना जरूरी होता है। इस पूरी वैज्ञानिक प्रक्रिया को अपनाकर किसान कम समय में अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं और बाजार में बेहतर दाम प्राप्त कर सकते हैं।

सवाल-जवाब

पेठे की खेती के लिए सबसे उपयुक्त मिट्टी कौन सी है?
पेठे की खेती के लिए दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है।
पेठे की खेती में प्रति एकड़ कितना बीज लगता है?
इसकी खेती में प्रति एकड़ डेढ़ से 2 किलो बीज की आवश्यकता होती है।
पेठे की खेती में कितना मुनाफा हो सकता है?
उन्नत तरीके से खेती करने पर किसान प्रति एकड़ 2 से 3 लाख रुपये तक का शुद्ध मुनाफा कमा सकते हैं।
पेठे की खेती के लिए कौन सी उन्नत किस्में बेहतर हैं?
काशी, सुरभि और पूसा जैसी किस्में अच्छा उत्पादन देने के लिए जानी जाती हैं।
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