भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन और संस्थापक सुनील भारती मित्तल को फ्रांस सरकार ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'नाइट ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर' के लिए चुना है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की ओर से इस प्रतिष्ठित सम्मान की घोषणा की गई है। वैश्विक टेलीकॉम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में सुनील भारती मित्तल के योगदान तथा भारत और फ्रांस के द्विपक्षीय आर्थिक रिश्तों को सुदृढ़ करने के उनके प्रयासों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इस सम्मान को फ्रांसीसी गणराज्य की परंपरा में विशिष्ट दर्जा प्राप्त है, जिसकी शुरुआत नेपोलियन बोनापार्ट ने वर्ष 1802 में की थी।
तीन दशकों से अधिक पुरानी व्यापारिक साझेदारी का सम्मान
भारत में फ्रांस के राजदूत थियरी माथू ने इस फैसले पर अपनी बात रखते हुए कहा कि सुनील भारती मित्तल वर्ष 1992 से ही, यानी जब एयरटेल की नींव रखी जा रही थी, फ्रांस के एक मजबूत और विश्वसनीय मित्र रहे हैं। तीन दशकों से भी लंबे इस समय में मित्तल ने दोनों देशों के व्यापारिक समुदायों के बीच एक सेतु की तरह काम किया है। राजदूत माथू के अनुसार, इस साझेदारी ने यह साबित किया है कि जब भारतीय और फ्रांसीसी उद्यम एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो वे वैश्विक स्तर पर कितने बड़े और दूरगामी परिणाम हासिल कर सकते हैं।
वर्तमान समय में सुनील भारती मित्तल प्रमुख सैटेलाइट ऑपरेटर यूटेलसैट के उपाध्यक्ष के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। राजदूत थियरी माथू ने रेखांकित किया कि यह सम्मान ऐसे समय में आ रहा है जब भारत और फ्रांस अंतरिक्ष तकनीक और आधुनिक डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में आपसी सहयोग को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। यूटेलसैट के जरिए दोनों देशों के बीच उपग्रह संचार नेटवर्क को विस्तार देने में मित्तल की सक्रिय भागीदारी रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नई दिल्ली स्थित फ्रांसीसी दूतावास में आयोजित होगा भव्य समारोह
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, 'शेवेलिये दे ल ऑर्द्र नासियोनाल दे ला लेजियों द ऑनर' की यह उपाधि सुनील भारती मित्तल को 28 अक्टूबर, 2026 को औपचारिक रूप से भेंट की जाएगी। इस विशेष अलंकरण समारोह की मेजबानी नई दिल्ली स्थित फ्रांस के दूतावास द्वारा की जाएगी, जहां दोनों देशों के प्रमुख राजनयिक, उद्योगपति और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे।
सुनील भारती मित्तल ने इस सम्मान की घोषणा पर फ्रांसीसी गणराज्य और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। उन्होंने अपनी यात्रा को याद करते हुए साझा किया कि फ्रांस के साथ उनका जुड़ाव वर्ष 1992 में शुरू हुआ था, जब जनरल दे जो (कॉम्पैनी जेनेराल दे जो) ने भारत में मोबाइल सेवाओं की शुरुआत के लिए भारती के साथ ऐतिहासिक साझेदारी की थी। मित्तल ने स्पष्ट किया कि तीन दशक पहले शुरू हुआ यह तालमेल आज भी अटूट बना हुआ है और वे यूरोपीय सैटेलाइट क्षेत्र की दिग्गज कंपनी यूटेलसैट के को-चेयरमैन के रूप में इसे आगे ले जा रहे हैं। उन्होंने यह भरोसा भी दिलाया कि वे भविष्य में भारत और फ्रांस के आर्थिक व तकनीकी संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए लगातार काम करते रहेंगे।
वैश्विक और राष्ट्रीय नागरिक अलंकरणों की समृद्ध सूची
सुनील भारती मित्तल को मिले इस नए अंतरराष्ट्रीय सम्मान से पहले भी उनके नेतृत्व को वैश्विक मंचों पर सराहा जा चुका है। वर्ष 2024 में ब्रिटेन के सम्राट राजा चार्ल्स तृतीय ने उन्हें 'नाइट कमांडर ऑफ द मोस्ट एक्सीलेंट ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर' (केबीई) से सम्मानित किया था, जिसके साथ वे इस प्रतिष्ठित ब्रिटिश सम्मान को पाने वाले पहले भारतीय नागरिक बने थे।
भारत सरकार ने भी उद्योग और व्यापार जगत में उनके असाधारण योगदान के लिए वर्ष 2007 में देश के शीर्ष नागरिक पुरस्कारों में शामिल पद्म भूषण से उन्हें विभूषित किया था। फ्रांस का लीजन ऑफ ऑनर मिलने के साथ ही मित्तल उन चुनिंदा वैश्विक उद्योगपतियों में शामिल हो गए हैं, जिन्हें भारत के साथ-साथ यूरोप के दो सबसे प्रभावशाली देशों के सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हुए हैं।


















