टाटा मोटर्स अपने पैसेंजर व्हीकल और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट की ब्रांड पहचान में एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है। कंपनी ने अपनी पैसेंजर कारों के लिए नया ब्रांड नाम 'टाटा.कार्स' और एक नया ग्लोबल स्लोगन 'नथिंग इज टू फार' पेश किया है। इस रीब्रांडिंग का मुख्य उद्देश्य व्यक्तिगत इस्तेमाल वाली कारों और इलेक्ट्रिक वाहनों को कमर्शियल वाहनों से पूरी तरह अलग और एक प्रीमियम पहचान देना है। कंपनी का यह नया कदम शोरूम, डिजिटल प्लेटफॉर्म, मोबाइल ऐप और विज्ञापनों के माध्यम से ग्राहकों के अनुभव को पूरी तरह से आधुनिक बनाएगा, हालांकि कंपनी के कानूनी नाम और गाड़ियों पर लगे लोगो में कोई बदलाव नहीं होगा।
कमर्शियल व्हीकल और पैसेंजर कारों की पहचान होगी अलग
लंबे समय से टाटा मोटर्स नाम के तहत ट्रक, बस जैसे भारी कमर्शियल वाहनों के साथ-साथ नेक्सन, पंच और सफारी जैसी पैसेंजर कारें भी बेची जाती रही हैं। हालांकि इससे ब्रांड पर भरोसा तो बना रहा, लेकिन कमर्शियल और पैसेंजर बिजनेस की पहचान एक ही नाम से जुड़ी हुई थी। अब 'टाटा.कार्स' की शुरुआत के साथ कंपनी पैसेंजर और ईवी सेगमेंट को एक अलग पहचान दे रही है। इससे कंपनी अपने विज्ञापनों और मार्केटिंग अभियानों को सिर्फ कार खरीदारों की जरूरतों, आधुनिक टेक्नोलॉजी और प्रीमियम सुविधाओं पर केंद्रित कर सकेगी।
कानूनी नाम और 3D एलिप्स लोगो में नहीं होगा कोई बदलाव
कंपनी ने यह साफ किया है कि 'टाटा.कार्स' केवल एक ब्रांड पहचान है और यह कंपनी का नया कानूनी नाम नहीं है। टाटा मोटर्स का आधिकारिक और पंजीकृत कानूनी नाम 'टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड' ही बना रहेगा। इसके अलावा कारों की ग्रिल और स्टीयरिंग व्हील पर दिखने वाला पारंपरिक 3D एलिप्स टाटा लोगो भी बिल्कुल नहीं बदला जाएगा। इसका मतलब यह है कि वर्तमान कार मालिकों की गाड़ियों, रजिस्ट्रेशन डाक्यूमेंट्स, वारंटी या कार के कागजातों पर इस रीब्रांडिंग का कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।
डिजिटल प्लेटफॉर्म और शोरूम में दिखेगा नया अनुभव
इस बदलाव का सबसे बड़ा असर ग्राहकों के संपर्क वाले माध्यमों पर नजर आएगा। अब कंपनी के अधिकृत कार शोरूम, सर्विस सेंटर, मोबाइल एप्लिकेशन, वेबसाइट और विज्ञापनों में 'टाटा.कार्स' की नई पहचान दिखाई देगी। आज के दौर में नए ग्राहक कार खरीदने से पहले डिजिटल माध्यमों, सोशल मीडिया और मोबाइल ऐप पर काफी रिसर्च करते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए टाटा मोटर्स एक समर्पित डिजिटल अनुभव तैयार कर रहा है, जिससे कार और ईवी से जुड़ी जानकारियां कमर्शियल वाहनों की जानकारियों से अलग और आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
कंपनी के कॉरपोरेट डिमर्जर से जुड़ा है यह कदम
ब्रांड पहचान में यह बदलाव टाटा मोटर्स के चल रहे कॉरपोरेट पुनर्गठन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। कंपनी अपने पूरे कारोबार को दो अलग-अलग हिस्सों में बांटने की प्रक्रिया पर काम कर रही है। इसमें से एक हिस्सा केवल कमर्शियल व्हीकल बिजनेस का होगा, जबकि दूसरा हिस्सा पैसेंजर व्हीकल और इलेक्ट्रिक व्हीकल बिजनेस को संभालेगा। ऐसे में 'टाटा.कार्स' नाम अपनाने से पैसेंजर व्हीकल बिजनेस को एक स्वतंत्र, आधुनिक और भविष्य के अनुकूल पहचान मिलेगी, जो ईवी क्रांति और नई तकनीकों पर केंद्रित होगी।
मौजूदा और नए कार ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा
टाटा कारों के मौजूदा और संभावित खरीदारों के लिए यह बदलाव गाड़ियों की बनावट या परफॉर्मेंस से ज्यादा उनके आसपास के ब्रांड अनुभव से जुड़ा है। सड़कों पर चल रही मौजूदा गाड़ियों का लुक और बैजिंग पहले की तरह ही रहेगी। हालांकि, जब ग्राहक नए शोरूम में जाएंगे या टाटा के आधिकारिक ऐप का इस्तेमाल करेंगे, तो उन्हें 'टाटा.कार्स' की नई विजुअल थीम और 'नथिंग इज टू फार' स्लोगन दिखाई देगा। इससे कार खरीदने की प्रक्रिया से लेकर सर्विसिंग तक का पूरा अनुभव ज्यादा व्यवस्थित, आधुनिक और प्रीमियम बनेगा।



















