भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत इन दिनों तेज रफ्तार पकड़ चुकी है और दोनों देशों के रिश्तों में सकारात्मक हलचल साफ दिख रही है। ठीक इसी माहौल में अमेरिका ने एक अहम कदम उठाते हुए भारत की चार कंपनियों पर लगी रोक हटा दी है। दिलचस्प बात यह है कि इन कंपनियों को कभी रूस के साथ कारोबारी रिश्तों की वजह से ही निशाने पर लिया गया था। अब अमेरिका के इस फैसले को दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
हाल ही में अमेरिका ने अपनी SDN लिस्ट यानी स्पेशली डेसिग्नेटेड नेशनल्स सूची में बदलाव किया है। इसी अपडेट के तहत जिन कंपनियों को राहत मिली है, उनमें RRG इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, लोकेश मशीन्स लिमिटेड, शौर्य एरोनॉटिक्स प्राइवेट लिमिटेड और गैलेक्सी बेयरिंग्स लिमिटेड शामिल हैं।
किस आधार पर लगी थी पाबंदी
इन सभी कंपनियों को एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 14024 के तहत सूची में डाला गया था। साल 2024 में OFAC ने 19 भारतीय कंपनियों और 2 लोगों पर रोक लगाई थी। इसकी जड़ें 2022 तक जाती हैं, जब रूस ने यूक्रेन पर हमला किया और उसके बाद रूस पर कई तरह की पाबंदियां थोप दी गईं। अमेरिका ने यह सख्ती इसलिए दिखाई थी ताकि इन पाबंदियों को किसी तरह दरकिनार न किया जा सके।
शेयर बाजार से जुड़ी कंपनियां भी शामिल
जिन चार कंपनियों को इस सूची से बाहर किया गया है, उनमें गैलेक्सी बेयरिंग्स लिमिटेड और लोकेश मशीन्स लिमिटेड शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियां हैं। लोकेश मशीन्स की खास पहचान यह है कि यह दुनिया की कई दिग्गज कंपनियों के साथ काम करती है। इसके ग्राहकों की सूची में अमेरिका की जॉन डियर और कमिंस, स्वीडन की वॉल्वो तथा जापान की होंडा और सुजुकी जैसे नाम शामिल हैं।
सूची से हटाई गई एक और कंपनी RRG इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजीज का नाता भारत के विमानन क्षेत्र से है। इसके चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर जी.एम. गंगा राव पहले नागरिक उड्डयन मंत्रालय की उस टास्क फोर्स का हिस्सा रह चुके हैं, जिसे ड्रोन यानी UAV तकनीक को आगे बढ़ाने के मकसद से बनाया गया था।
अमेरिका की पिछली कार्रवाई के बाद भारत सरकार ने कहा था कि वह वॉशिंगटन के लगातार संपर्क में है और इस मुद्दे पर बातचीत जारी है। गौर करने वाली बात यह भी है कि OFAC की नई सूची में सिर्फ 9 कंपनियों को जोड़ा गया, जिनमें से ज्यादातर मैक्सिको की हैं, जबकि इसी सूची से चार कंपनियों को बाहर कर दिया गया।
रूसी तेल की खरीद पर भी लगी थी रोक
टैरिफ का सिलसिला शुरू होते ही अमेरिका रूस के मसले पर लगातार भारत को घेरता रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने पहले भारत पर 50 फीसदी तक टैरिफ ठोक दिया था और बाद में रूसी तेल की खरीद पर भी रोक लगा दी थी। हालांकि मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने के बाद अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने के मामले में थोड़ी ढील जरूर दी थी।













