क्रूड ऑयल 97 डॉलर के पार, सेंसेक्स-निफ्टी पर मंगलवार को भी दबाव के आसारशुक्र का राहु नक्षत्र में 43 दिन का गोचर, इन राशियों की चमकेगी किस्मत, बरसेगा धनतवांग के पास मंगलवार तड़के डोली धरती, जानें कितनी थी भूकंप की तीव्रताअगस्त में चीन के निर्यात में 25% उछाल, व्यापार अधिशेष बढ़कर 119.09 अरब डॉलर पर पहुंचाझुमरी तिलैया से जुड़ा था झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार का बचपन, विधायक बनने के बाद रसोइया चाचा को लगाया था गले'हनुमान अंश' की कमाई में भी उछाल बरकरार, चार दिन में 'मिर्जापुर द मूवी' ने भी छुआ 100 करोड़ का आंकड़ामहिला के कपड़े उतारने की कोशिश पर झारखंड हाईकोर्ट ने रेप के आरोप से दी राहतसदस्यता में पैसे के खेल के आरोप में सत्येंद्र चेलक और शैलेंद्र बंजारे का नामांकन अटकाजमशेदपुर के डायमंड गोल चक्कर पर मिल रहा है अमृतसर जैसा स्वाद, मात्र साठ रुपये में भर जाएगा पेटसोते समय ईयरबड्स लगाने की आदत डाल सकती है भारी, डॉक्टर ने दी चेतावनी
सरकारी बैंक कर्मचारियों की मांग पर PLI स्कीम पर फिलहाल ब्रेक, वित्त मंत्री ने की डेलिगेशन से मुलाकातव्यापार
8 सित॰ 2026, 7:45 am (1 घंटे पहले)· 3

सरकारी बैंक कर्मचारियों की मांग पर PLI स्कीम पर फिलहाल ब्रेक, वित्त मंत्री ने की डेलिगेशन से मुलाकात

सरकार ने सरकारी बैंकों के कर्मचारियों के लिए 2025-26 की PLI स्कीम का क्रियान्वयन टाल दिया है, ये कदम भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधिमंडल से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मुलाकात के बाद उठाया गया।

सरकारी क्षेत्र के बैंकों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बनाई गई प्रोत्साहन योजना यानी PLI स्कीम को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। कर्मचारी संगठनों की तरफ से मौजूदा ढांचे पर फिर से विचार करने की मांग उठने के बाद सरकार ने 2025-26 के लिए इस योजना को लागू करने का इरादा टाल दिया है।

वित्त मंत्री और डेलिगेशन के बीच क्या हुई बात

वित्त मंत्रालय की तरफ से सोमवार को जारी बयान में बताया गया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय मजदूर संघ यानी BMS की अगुवाई में पहुंचे सरकारी बैंक कर्मचारियों के एक डेलिगेशन के साथ बैठक की। इस मुलाकात में डेलिगेशन ने बैंकिंग सेक्टर और कर्मचारियों से जुड़ी कई परेशानियां वित्त मंत्री के सामने रखीं।

ये भी पढ़ें

डेलिगेशन ने उठाई कौन सी मांगें

बयान के मुताबिक कर्मचारी प्रतिनिधियों ने एक्स-ग्रेशिया राशि के भुगतान, रिटायर हो चुके कर्मचारियों को मिलने वाली मेडिकल सुविधाओं और सरकारी बैंक कर्मचारियों पर लागू मौजूदा प्रोत्साहन ढांचे में संशोधन जैसी कई मांगें रखीं। गौर करने वाली बात ये है कि यह पूरा घटनाक्रम एक देशव्यापी बैंक हड़ताल के ठीक पहले सामने आया है, और इसी हड़ताल की सूची में PLI योजना का मसला भी शामिल है।

नवंबर 2024 में आई योजना, अब अमल टला

मंत्रालय ने साफ किया कि कर्मचारी संगठनों की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए 19 नवंबर 2024 को अधिसूचित हुई इस योजना को 2025-26 के वित्त वर्ष के लिए फिलहाल लागू न करने का निर्णय लिया गया है। सरकार ने यह भी कहा कि इस मुद्दे को चल रही द्विपक्षीय समझौता और संयुक्त नोट वार्ता के दौरान अलग से उठाया जाएगा। साथ ही सरकार ने भरोसा दिलाया कि बैंक कर्मचारियों, ग्राहकों और पूरे बैंकिंग तंत्र के हित को ध्यान में रखते हुए बातचीत और आपसी समझ के जरिए ही समाधान निकाला जाएगा।

11 सितंबर की हड़ताल क्यों बुलाई गई

दरअसल बैंक कर्मचारी संगठनों के साझा मंच यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस यानी UFBU ने पिछले महीने ही 11 सितंबर को देशभर में हड़ताल पर उतरने का ऐलान किया था। इस हड़ताल के पीछे कर्मचारी संगठनों की मुख्य मांगों में हफ्ते में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना, प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना में बदलाव, और पेंशन से जुड़े लंबे समय से लटके मसलों को सुलझाना शामिल है।

अफसरों के लिए PLI पर क्यों है नाराजगी

बैंक यूनियनों की सबसे बड़ी आपत्ति खासतौर पर स्केल-4 और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए तय की गई PLI योजना को लेकर है। यूनियनों का तर्क है कि यह भारतीय बैंक संघ यानी IBA के साथ पहले हुई सहमति के अनुरूप नहीं है। उस सहमति के मुताबिक PLI का पूरा ढांचा संबंधित बैंक के समग्र प्रदर्शन से जुड़ा होना चाहिए था और स्केल-7 तक के सभी कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए यह एकसमान रहना था।

कितनी रकम तक मिल सकता है PLI

सरकार की मौजूदा योजना के हिसाब से स्केल-4 और उससे ऊपर के अधिकारियों को उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर अधिकतम 365 दिनों की बेसिक सैलरी के बराबर PLI मिलने का प्रावधान है। इसके उलट स्केल-3 तक के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए अधिकतम सीमा सिर्फ 15 दिनों की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते के बराबर रखी गई है। यही असमानता यूनियनों की नाराजगी की बड़ी वजह बनी हुई है।

सवाल-जवाब

सरकार ने क्या फैसला लिया है?
सरकार ने सरकारी बैंक कर्मचारियों के लिए 2025-26 की PLI यानी प्रोत्साहन योजना को फिलहाल लागू न करने का फैसला किया है।
यह फैसला किसके साथ बैठक के बाद आया?
यह फैसला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व वाले कर्मचारी डेलिगेशन से हुई मुलाकात के बाद आया है।
डेलिगेशन ने क्या मांगें रखीं?
डेलिगेशन ने एक्स-ग्रेशिया भुगतान, रिटायर कर्मचारियों के लिए मेडिकल सुविधा और मौजूदा PLI ढांचे में बदलाव की मांग की।
PLI योजना कब जारी हुई थी?
यह योजना 19 नवंबर 2024 को जारी की गई थी, जिसे अब 2025-26 के लिए लागू करना फिलहाल टाल दिया गया है।
11 सितंबर को क्या होने वाला है?
UFBU ने 11 सितंबर को देशव्यापी बैंक हड़ताल का ऐलान किया है, जिसमें PLI योजना का मुद्दा भी शामिल है।
अधिकारियों को PLI में अधिकतम कितनी रकम मिल सकती है?
स्केल-4 और उससे ऊपर के अधिकारियों को व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर अधिकतम 365 दिन की बेसिक सैलरी के बराबर PLI मिल सकता है।
बाकी कर्मचारियों के लिए PLI की सीमा क्या है?
स्केल-3 तक के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए अधिकतम PLI 15 दिन की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते के बराबर है।
यूनियनों को अधिकारियों वाली PLI योजना पर क्या आपत्ति है?
यूनियनों का कहना है कि यह IBA के साथ हुई सहमति के खिलाफ है, जिसमें PLI बैंक के समग्र प्रदर्शन से जुड़ा और स्केल-7 तक एकसमान होना था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR