डॉलर के मुकाबले जापानी येन की मजबूती मंगलवार को लगातार दूसरे दिन जारी रही और USD/JPY एशियाई कारोबार के दौरान 18 फरवरी के बाद के सबसे निचले स्तर, मध्य-153.00 के आसपास फिसल गया। यह करेंसी पेयर में लगातार दूसरी गिरावट है और पिछले पांच कारोबारी सत्रों में चौथी बार नीचे आया है। जापान से आए ताजा आर्थिक आंकड़ों ने कारोबारियों को यह भरोसा दिला दिया है कि बैंक ऑफ जापान अगले हफ्ते होने वाली बैठक में ब्याज दरें लगभग तय रूप से बढ़ाएगा।
मजबूत वेतन वृद्धि से ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदें पुख्ता
जापान के ताजा वेतन वृद्धि आंकड़े अनुमान से बेहतर आए हैं, जिससे यह संकेत मजबूत हुआ है कि देश में महंगाई का दबाव इतना व्यापक हो चुका है कि मौद्रिक नीति सख्त करना जरूरी हो गया है। इसी वजह से कारोबारियों ने अगले हफ्ते बैंक ऑफ जापान की बैठक में ब्याज दर बढ़ोतरी पर दांव बढ़ा दिए हैं, जिसने एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान येन को लगातार मजबूती दी है। येन की इस ताकत में एक और वजह भी जुड़ी है, कई बाजार भागीदारों को शक है कि जापानी अधिकारियों ने येन को सहारा देने के लिए पहले से ही हस्तक्षेप शुरू कर दिया है, जिसने USD/JPY में गिरावट को और तेज कर दिया।
कमजोर डॉलर ने दबाव और बढ़ाया
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अमेरिकी डॉलर को उन कारकों से भी कोई सहारा नहीं मिल पा रहा जो आमतौर पर उसके पक्ष में जाते हैं। कारोबारी अब भी अमेरिकी फेडरल रिजर्व के हॉकिश रुख पर दांव लगाए हुए हैं और बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव आमतौर पर निवेशकों को सुरक्षित समझे जाने वाले डॉलर की ओर खींचता है। लेकिन इस बार दोनों में से कोई भी कारक बिकवाली रोकने में कामयाब नहीं हो पाया, जिससे डॉलर व्यापक रूप से कमजोर बना हुआ है और यह येन की मजबूती को और बढ़ा रहा है, न कि उसे संतुलित कर रहा है।
चार्ट्स पर भी गिरावट के संकेत साफ
तकनीकी तस्वीर भी अब पूरी तरह मंदी की ओर झुक गई है। USD/JPY अब 155.30-155.20 के क्षैतिज सपोर्ट स्तर से नीचे फिसल चुका है और यह ब्रेक निकट भविष्य में गिरावट के रुझान को मजबूत करता है। यह इस बात का भी समर्थन करता है कि पेयर में हाल की गिरावट, जो कई दशकों के उच्चतम स्तर से शुरू हुई थी, आगे भी जारी रह सकती है। चूंकि बाजार का रुख अब येन की कमजोरी के खिलाफ जा चुका है, इसलिए USD/JPY में किसी भी उछाल को कारोबारी असली रिकवरी के बजाय बिकवाली का मौका मानकर चल रहे हैं। टूटा हुआ सपोर्ट स्तर अब आगे किसी भी बढ़त के लिए रुकावट का काम कर सकता है।
इस हफ्ते करेंसी बाजार में येन सबसे आगे
प्रमुख करेंसी में इस हफ्ते जापानी येन सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली मुद्रा रही है और इसने न्यूज़ीलैंड डॉलर के मुकाबले सबसे बड़ी बढ़त दर्ज की है।
असर सिर्फ USD/JPY तक सीमित नहीं
येन की मजबूती और डॉलर की व्यापक कमजोरी का असर सिर्फ USD/JPY तक सीमित नहीं रहा। AUD/USD मंगलवार के एशियाई सत्र में 0.7200 के स्तर से ऊपर निकल गया और यह 14 मई के बाद के अपने सबसे ऊंचे स्तर के करीब कारोबार कर रहा है। जो डॉलर कमजोरी USD/JPY पर दबाव बना रही है, वही ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा दे रही है। इसके अलावा इस महीने के अंत में रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की एक और ब्याज दर बढ़ोतरी की बढ़ती उम्मीदें भी करेंसी को समर्थन दे रही हैं, वहीं कारोबारियों की नजरें अब आगे की दिशा के लिए चीन के व्यापार संतुलन आंकड़ों पर टिकी हैं।
सोने को भी डॉलर की कमजोरी से सहारा मिल रहा है। एशियाई कारोबार में सोना 4,400 डॉलर के स्तर से ऊपर सकारात्मक रुख के साथ कारोबार कर रहा है और यह अपनी दो दिन की गिरावट का सिलसिला तोड़ने की राह पर है, क्योंकि येन की तेजी डॉलर को दबाए हुए है। हालांकि सोने की यह बढ़त लंबी नहीं चल सकती, हॉकिश फेड अनुमान और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव डॉलर को कुछ सहारा दे सकते हैं और सोने की बढ़त पर लगाम लगा सकते हैं। कारोबारियों की नजरें अब इस हफ्ते बाद में आने वाले अमेरिकी महंगाई आंकड़ों पर टिकी हैं, जो आगे की दिशा तय कर सकते हैं।
कच्चे तेल में शांति, लेकिन डीजल बाजार का इशारा कुछ और
पिछले कुछ महीनों में कच्चे तेल का बाजार पहले के मुकाबले शांत नजर आया है, लेकिन डीजल बाजार बिल्कुल अलग संकेत दे रहा है। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड, यानी अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स की कीमत का WTI कच्चे तेल के मुकाबले प्रीमियम, पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से ऊपर निकल गया है और इंट्राडे में यह 102.00 डॉलर से थोड़ा ऊपर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। यह उछाल दिखाता है कि डीजल की आपूर्ति की स्थिति कितनी तंग हो चुकी है, भले ही कच्चे तेल का व्यापक बाजार फिलहाल शांत नजर आ रहा हो।


















