चीन के व्यापार आंकड़ों के बीच एयूडी/यूएसडी 0.7212 के आसपास टिकासचिन-गांगुली की जोड़ी का 19 साल पुराना कीर्तिमान अब तक अटूट, जानें टॉप 5 सबसे सफल वनडे साझेदारियांसफर के दौरान नहीं खलेगी घर की याद, बजट भी रहेगा काबू में, अपना लें ये जरूरी टिप्सक्रूड ऑयल 97 डॉलर के पार, सेंसेक्स-निफ्टी पर मंगलवार को भी दबाव के आसारशुक्र का राहु नक्षत्र में 43 दिन का गोचर, इन राशियों की चमकेगी किस्मत, बरसेगा धनहुसैन सागर का यह गजेबो दे रहा यूरोपीय शहरों जैसा फील, सोशल मीडिया पर वायरलमूलांक 1 राशिफल 8 सितंबर 2026: भाग्यांक 9 की ऊर्जा देगी नेतृत्व का मौका, पर जिद से बचेंतवांग के पास मंगलवार तड़के डोली धरती, जानें कितनी थी भूकंप की तीव्रता'हनुमान अंश' की कमाई में भी उछाल बरकरार, चार दिन में 'मिर्जापुर द मूवी' ने भी छुआ 100 करोड़ का आंकड़ाअगस्त में चीन के निर्यात में 25% उछाल, व्यापार अधिशेष बढ़कर 119.09 अरब डॉलर पर पहुंचा
झुमरी तिलैया से जुड़ा था झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार का बचपन, विधायक बनने के बाद रसोइया चाचा को लगाया था गलेझारखंड
8 सित॰ 2026, 8:17 am (56 मिनट पहले)· 3

झुमरी तिलैया से जुड़ा था झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार का बचपन, विधायक बनने के बाद रसोइया चाचा को लगाया था गले

झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का हार्ट अटैक से निधन हो गया है। उनका कोडरमा और झुमरी तिलैया से गहरा नाता था, जहां उन्होंने अपने शुरुआती साल बिताए थे और पढ़ाई की थी।

झारखंड के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के अचानक हुए निधन से पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है। रविवार को दिल का दौरा पड़ने की वजह से उनका देहांत हो गया। गिरिडीह के रहने वाले सुदिव्य कुमार सोनू का कोडरमा जिले और विशेष तौर पर झुमरी तिलैया शहर से बेहद गहरा और आत्मीय नाता रहा है। उनके जीवन के शुरुआती और बचपन के कई वर्ष इसी इलाके में गुजरे थे। उनके जाने के बाद अब कोडरमा की गलियों में उनके बचपन के दिन और उनसे जुड़े कई संस्मरण लोगों की चर्चाओं में फिर से लौट आए हैं।

सीएच स्कूल से पूरी की थी मैट्रिक की पढ़ाई

झुमरी तिलैया शहर के पानी टंकी रोड इलाके में स्थित पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सरकारी आवास परिसर में सुदिव्य कुमार सोनू ने अपने बचपन का दौर बिताया था। उस समय उनके पिता शंभूनाथ इसी जगह पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। विभाग के स्टेनो विजय कुमार ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि शंभूनाथ 5 जनवरी 1980 से लेकर 6 मार्च 1983 तक संयुक्त बिहार के समय इस क्षेत्र में कार्यपालक अभियंता के पद पर तैनात थे। इसी समयावधि में सुदिव्य कुमार सोनू की शुरुआती तालीम झुमरी तिलैया में ही पूरी हुई। उन्होंने शहर के स्थानीय सीएच स्कूल से शिक्षा हासिल की और साल 1983 में इसी शिक्षण संस्थान से अपनी मैट्रिक की परीक्षा पास की थी। स्कूल के उन दिनों में उन्होंने कई पक्के दोस्त बनाए थे, जिनकी यादें लंबे समय तक उनके साथ जुड़ी रहीं।

ये भी पढ़ें

विधायक बनने के बाद पुराने परिसर में पहुंचे थे मंत्री

विजय कुमार ने सुदिव्य कुमार सोनू के जीवन से जुड़ा एक बेहद भावुक वाकया भी याद किया। उनके बताए अनुसार, जब वे चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा पहुंचे और किसी कार्यक्रम के सिलसिले में कोडरमा आए, तो वे खास तौर पर उस पुराने आवासीय परिसर में भी गए। यह वही जगह थी जहां उनके पिता की तैनाती थी और उनका बचपन बीता था। वहां पहुंचते ही उनकी नजर परिसर में मौजूद पुराने रसोइया पंचम राम पर पड़ी। इतने वर्षों बाद अचानक हुई इस मुलाकात में सुदिव्य कुमार सोनू ने बिना किसी औपचारिकता के उन्हें अपने गले से लगा लिया। उन्होंने रसोइया से पूछा कि क्या उन्होंने उन्हें पहचाना। विधायक को इस तरह अचानक गले मिलते और अपना परिचय पूछते देख पंचम राम कुछ पल के लिए अवाक रह गए। इसके बाद सुदिव्य कुमार सोनू ने खुद को सोनू बताते हुए कहा कि उन्हें याद है कि बचपन में पंचम राम ने उन्हें अपनी गोद में खिलाया था। इस बात को सुनते ही पुराना वक्त ताजा हो गया और वहां का पूरा माहौल भावुक हो गया।

स्कूल के दिनों के साथियों के साथ खेलते थे सुदिव्य कुमार सोनू

साल 1982 और 1983 के दौरान सुदिव्य कुमार सोनू के साथ पढ़ने वाले सहपाठी और वरिष्ठ पत्रकार विनोद कुमार विश्वकर्मा ने भी उनके बचपन के दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि दोनों एक ही इलाके में रहा करते थे। जैसे ही शाम ढलती थी, आसपास के सभी बच्चे एक जगह इकट्ठा होकर खेलकूद में जुट जाते थे। सुदिव्य कुमार सोनू भी अपने दोस्तों के साथ इन सभी गतिविधियों में पूरी सक्रियता से हिस्सा लेते थे।

इसके अलावा, विनोद कुमार विश्वकर्मा ने इस बात का भी जिक्र किया कि कोडरमा में आज भी सुदिव्य कुमार सोनू के कई स्कूली मित्र मौजूद हैं। जैसे ही उनके आकस्मिक निधन की दुखद सूचना मिली, उनके कई पुराने दोस्त और परिचित आखिरी बार उनके दर्शन करने के लिए गिरिडीह पहुंच गए। हालांकि सुदिव्य कुमार सोनू की मुख्य राजनीतिक जमीन हमेशा से गिरिडीह ही रही, लेकिन उनके जीवन की पहली यादों में झुमरी तिलैया और कोडरमा का कोना हमेशा अहम रहा। उनके जाने से कोडरमा ने भी अपने उस पुराने साथी को खो दिया है, जिसकी बचपन की खट्टी-मीठी यादें आज भी स्थानीय लोगों और उनके स्कूल के साथियों के दिलों में जिंदा हैं।

सवाल-जवाब

सुदिव्य कुमार सोनू किस पद पर थे?
सुदिव्य कुमार सोनू झारखंड सरकार में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री के पद पर कार्यरत थे।
उनका निधन कैसे और कब हुआ?
उनका निधन रविवार को दिल का दौरा यानी हार्ट अटैक आने से हुआ।
उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा कहां से पूरी की थी?
उन्होंने झुमरी तिलैया के स्थानीय सीएच स्कूल से पढ़ाई की थी और वर्ष 1983 में मैट्रिक की परीक्षा पास की थी।
कोडरमा से उनका क्या संबंध था?
उनके पिता वहां पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल में कार्यपालक अभियंता थे, जिसके कारण उनका बचपन झुमरी तिलैया में बीता था।
विधायक बनने के बाद उन्होंने कोडरमा में किससे मुलाकात की थी?
विधायक बनने के बाद उन्होंने अपने पुराने आवासीय परिसर में पहुंचकर रसोइया पंचम राम से मुलाकात की थी और उन्हें गले लगाया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·39 मिनट पहले

झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से राज्य की राजनीति और सार्वजनिक जीवन में एक गहरी शून्यता आ गई है। एक जनप्रतिनिधि के तौर पर उनका अपनी जड़ों और आम आदमी से जुड़ा रहना यह साबित करता है कि वे सत्ता में आने के बाद भी ज़मीन से जुड़े रहे। हालांकि यह एक राजनीतिक क्षति है, लेकिन उनके बचपन की यादें और जनता के प्रति उनका आत्मीय व्यवहार हमेशा स्मरणीय रहेगा।

Rohan Verma@rohan-verma·38 मिनट पहले

झारखंड के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का यूं अचानक जाना राज्य के राजनीतिक परिदृश्य के लिए एक बड़ा झटका है, विशेषकर तब जब उनकी जड़ें ज़मीनी स्तर से गहराई से जुड़ी थीं। कोडरमा और झुमरी तिलैया के दौर के उनके संस्मरण और रसोइया पंचम राम से जुड़े भावुक प्रसंग यह दर्शाते हैं कि वे पद मिलने के बाद भी अपनी विनम्रता और मानवीय संवेदनाओं को नहीं भूले थे। इस तरह के नेताओं का जाना राजनीतिक गलियारों में एक ऐसा खालीपन छोड़ जाता है जिसे भरना आसान नहीं होता।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR