चीन का व्यापार अधिशेष अगस्त महीने में जुलाई के मुकाबले और बढ़ गया है। ताज़ा कस्टम आंकड़ों के मुताबिक दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से निर्यात तेज़ रफ्तार से बढ़ा, जबकि आयात में उतनी तेज़ी नहीं दिखी जितनी बाज़ार को उम्मीद थी।
119 अरब डॉलर के पार पहुंचा अधिशेष
डॉलर में देखें तो अगस्त में चीन का कुल व्यापार अधिशेष 119.09 अरब डॉलर रहा, जो 119.1 अरब डॉलर के अनुमान के लगभग बराबर है। जुलाई में यह आंकड़ा 112.5 अरब डॉलर था, यानी सिर्फ एक महीने में निर्यात और आयात के बीच का अंतर करीब 6.6 अरब डॉलर और बढ़ गया। इतना बड़ा अधिशेष आमतौर पर इस बात का संकेत होता है कि चीनी सामान की विदेशी मांग, घरेलू आयात की तुलना में कहीं ज़्यादा मज़बूत बनी हुई है, और इसका सीधा असर देश में हर महीने आने वाली विदेशी मुद्रा पर पड़ता है।
निर्यात ने पकड़ी अनुमान से तेज़ रफ्तार
अगस्त में चीन का निर्यात सालाना आधार पर 25% बढ़ा, जो ठीक बाज़ार के अनुमान के मुताबिक रहा और जुलाई की 23.9% वृद्धि दर से भी तेज़ है। इससे साफ है कि महीने भर विदेशी खरीदार चीनी फैक्ट्रियों से लगातार ऑर्डर देते रहे, वो भी तब जब वैश्विक व्यापार में तनाव की खबरें बीते साल भर से आती-जाती रही हैं। चीन जैसी मैन्युफैक्चरिंग पर टिकी अर्थव्यवस्था के लिए इतनी तेज़ निर्यात वृद्धि इस बात का सबसे साफ संकेत है कि विदेशी मांग वहां की फैक्ट्रियों और शिपिंग से जुड़े रोज़गार को कितना सहारा दे रही है।
आयात बढ़ा तो जरूर, पर अनुमान से पीछे रहा
दूसरी तरफ अगस्त में चीन का आयात सालाना आधार पर 28.2% बढ़ा। यह जुलाई की 27.5% वृद्धि से तेज़ ज़रूर है, यानी महीने दर महीने आयात में इज़ाफा जारी रहा। लेकिन यह 30% के अनुमान से कम रहा, जो बताता है कि देश के भीतर विदेशी सामान और कच्चे माल की खरीद उम्मीद जितनी मज़बूत नहीं रही। चूंकि आयात के आंकड़ों को अक्सर घरेलू कारोबारियों और उपभोक्ताओं के भरोसे का पैमाना माना जाता है, इसलिए अनुमान से कमज़ोर आयात यह सवाल भी खड़ा करता है कि निर्यात के मुकाबले घरेलू मांग कितनी मज़बूत है।
युआन में भी वही तस्वीर
चीनी युआन में बदलकर देखने पर भी तस्वीर उतनी ही मज़बूत दिखती है। युआन के हिसाब से व्यापार अधिशेष बढ़कर 809.3 अरब युआन पहुंच गया, जो 795 अरब युआन के अनुमान और पिछले 767.07 अरब युआन के आंकड़े, दोनों से ज़्यादा है। युआन में निर्यात 18.6% बढ़ा, जबकि जुलाई में यह वृद्धि 17.8% थी। वहीं युआन में आयात 21.7% बढ़ा, जो पिछले महीने की 21.2% वृद्धि दर से तेज़ है। डॉलर और युआन, दोनों मुद्राओं के आंकड़े एक ही दिशा में इशारा करते हैं, जिससे लगता है कि यह बढ़ोतरी सिर्फ मुद्रा की उलटफेर का नतीजा नहीं बल्कि व्यापार में असली मज़बूती की वजह से है।
व्यापार अधिशेष का मतलब क्या होता है
व्यापार अधिशेष का सीधा मतलब है, किसी देश के निर्यात और आयात के मूल्य के बीच का फर्क। जब निर्यात, आयात से ज़्यादा होता है, जैसा अगस्त में चीन के साथ हुआ, तो नतीजा अधिशेष कहलाता है, और जब आयात, निर्यात से आगे निकल जाए तो उसे व्यापार घाटा कहा जाता है। अर्थशास्त्री सिर्फ अधिशेष के आकार पर नहीं बल्कि निर्यात और आयात की अलग-अलग रफ्तार पर भी नज़र रखते हैं, क्योंकि दोनों आंकड़े अलग कहानी बताते हैं, एक विदेशी मांग की तो दूसरा घरेलू मांग की। अगस्त के आंकड़े साफ बताते हैं कि इस बार पलड़ा विदेशी मांग की तरफ भारी रहा, यानी दुनिया भर के खरीदार चीनी फैक्ट्रियों का बना सामान चाहते रहे।
बाज़ार के लिए यह आंकड़े क्यों मायने रखते हैं
चीन का यह व्यापार आंकड़ा सिर्फ उसकी सीमाओं तक सीमित नहीं रहता। बड़ा अधिशेष उस डॉलर भंडार को और बढ़ाता है जिसे चीनी निर्यातक आगे चलकर युआन में बदलते हैं, जिससे मुद्रा को सहारा मिल सकता है। वहीं आयात में कमी को अर्थशास्त्री अक्सर घरेलू मांग के शुरुआती संकेत के तौर पर देखते हैं। इस बार डॉलर और युआन, दोनों ही आंकड़े एक जैसी दिशा दिखा रहे हैं, जिससे अगस्त का यह डेटा एक साफ तस्वीर पेश करता है, जिसमें निर्यात, आयात से आगे निकल गया है, और यह रुझान करेंसी डेस्क और कमोडिटी कारोबारियों दोनों का ध्यान खींचता है।



















