1966 से जौहरी बाजार में जमी टेबल: 76 साल के नारायण शर्मा रोलेक्स से लेकर एचएमटी तक को देते हैं नई सांसगणेश चतुर्थी से पहले हैदराबाद का धूलपेट बना विशाल वर्कशॉप, 20 फीट तक की बप्पा की मूर्तियों की दक्षिण भारत में बढ़ी मांगसंयुक्त राष्ट्र पहुंचे ब्रिटेन के 70 से अधिक सांसद, पीओके में हिंसा रोकने और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए एंटोनियो गुटेरेस को लिखा पत्रबिना खोया के घर पर बनाएं रसीले ब्रेड गुलाब जामुन, जानें बनाने का तरीकाबाथरूम के शॉवर में कम आ रहा पानी, इस एक चीज से मिनटों में साफ होगी लाइमस्केल की परतसीतामढ़ी के बाजितपुर में कोचिंग से लौटी तीन छात्राओं की बिगड़ी हालत, दो की जान गई और एक नाजुकहरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा 2025 के नतीजे घोषित, 31,847 अभ्यर्थी हुए सफल; ऐसे डाउनलोड करें स्कोरकार्डगाजियाबाद के खोड़ा में पारिवारिक कलह बनी खूनी, राजा अंसारी ने पत्नी और बेटी की हत्या की, दूसरी बच्ची घायलबेंगलुरु एयरपोर्ट से सफर करना हुआ सस्ता, AERA ने यूजर डेवलपमेंट फीस में की भारी कटौतीजयपुर में ऑल इंडिया आयुष पीजी परीक्षा के दौरान बिजली गुल, पावर बैकअप न होने पर केंद्र पर हंगामा
साउथ इंडियन फूड स्टॉल: 50 हजार रुपये के छोटे निवेश से शुरू करें मुनाफे वाला बिजनेसव्यापार
8 जुल॰ 2026, 10:27 am (45 दिन पहले)· 2

साउथ इंडियन फूड स्टॉल: 50 हजार रुपये के छोटे निवेश से शुरू करें मुनाफे वाला बिजनेस

डोसा, इडली और वड़ा की बढ़ती मांग के बीच आप कम पूंजी लगाकर साउथ इंडियन फूड स्टॉल खोलकर अच्छी कमाई कर सकते हैं। यह व्यवसाय गुणवत्ता और सही योजना के साथ हर महीने 30 से 50 हजार रुपये का लाभ दे सकता है।

आज के दौर में देशभर में साउथ इंडियन व्यंजनों का क्रेज काफी बढ़ गया है। डोसा, इडली और वड़ा जैसे व्यंजन अब केवल दक्षिण भारत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हर छोटे-बड़े शहर में लोगों की पहली पसंद बन चुके हैं। यदि आप कोई नया व्यवसाय शुरू करने पर विचार कर रहे हैं, तो साउथ इंडियन फूड स्टॉल खोलना आपके लिए एक बेहतरीन और कम लागत वाला विकल्प हो सकता है।

शुरुआती निवेश और बजट की योजना

बोकारो में बीते पांच वर्षों से 'बजरंगी साउथ इंडियन स्टॉल' का संचालन कर रहे बजरंगी के मुताबिक, इस कारोबार को मात्र 50 हजार रुपये की छोटी पूंजी से खड़ा किया जा सकता है। एक सफल शुरुआत के लिए आपको अपनी लागत को सही तरीके से बांटना होगा। उदाहरण के लिए, एक छोटी फूड गाड़ी आप लगभग 10 हजार रुपये में ले सकते हैं। इसके अलावा, करीब 10 हजार रुपये रसोई के सेटअप में, 10 हजार रुपये तवा, चूल्हा और अन्य आवश्यक बर्तनों में, और 5 हजार रुपये दुकान के शुरुआती किराए के लिए निर्धारित करने होंगे। बाकी बचे पैसों में आप 5 हजार रुपये का शुरुआती कच्चा माल और लगभग 5 हजार रुपये इंटीरियर या मिक्सर जैसे उपकरणों पर खर्च कर सकते हैं।

ये भी पढ़ें

दैनिक खर्च और कमाई का गणित

इस व्यवसाय को सुचारू रूप से चलाने के लिए आपको रोजान आधार पर करीब 2,000 से 2,500 रुपये का कच्चा माल खरीदना होगा, जिसमें डोसा बैटर, ताजी सब्जियां, मसाले, तेल और डिस्पोजेबल प्लेट्स जैसी सामग्री शामिल होती है। मूल्य निर्धारण की बात करें तो, आमतौर पर एक डोसा 50 रुपये, इडली 10 रुपये और वड़ा 15 रुपये प्रति पीस के हिसाब से बाजार में बिकता है। यदि आप रोजाना 50 डोसा, 100 इडली और 100 वड़ा की बिक्री करने में सफल रहते हैं, तो आप प्रतिदिन 1,000 से 1,800 रुपये तक का शुद्ध मुनाफा आसानी से कमा सकते हैं। इस गणना से महीने की कुल कमाई 30,000 से 50,000 रुपये तक पहुंच सकती है।

सफलता के लिए जरूरी सुझाव

बजरंगी के अनुसार, इस बिजनेस की सबसे बड़ी ताकत स्वच्छता और स्वाद की निरंतरता है। ग्राहक हमेशा वही लौटकर आते हैं जहां उन्हें साफ-सुथरा और ताजा भोजन मिलता है। इसलिए, सामग्री की गुणवत्ता से कभी समझौता न करें। इसके अतिरिक्त, अपनी बिक्री को बढ़ाने के लिए आप अपने स्टॉल को ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप्स पर रजिस्टर कर सकते हैं, जिससे आपकी पहुंच कई गुना बढ़ जाएगी। यदि आपको खाना बनाना नहीं आता, तो भी चिंता की बात नहीं है। आप एक कुशल कारीगर को तय वेतन पर काम पर रख सकते हैं और खुद केवल निवेश तथा प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। यदि आपमें खाने के प्रति जुनून है, तो थोड़ी ट्रेनिंग लेकर आप इसे अपना मुख्य पेशा बना सकते हैं।

सवाल-जवाब

साउथ इंडियन फूड स्टॉल शुरू करने के लिए कम से कम कितनी पूंजी चाहिए?
इस व्यवसाय को करीब 50 हजार रुपये के शुरुआती निवेश से शुरू किया जा सकता है।
रोजाना कच्चे माल पर कितना खर्च आता है?
शुरुआती दौर में रोजाना करीब 2,000 से 2,500 रुपये का खर्च कच्चे माल पर आता है।
महीने में कितनी कमाई की जा सकती है?
सही तरीके से संचालन करने पर हर महीने 30,000 से 50,000 रुपये तक की कमाई हो सकती है।
क्या मुझे खुद खाना बनाना आना जरूरी है?
नहीं, आप एक कारीगर को तय सैलरी पर रखकर खुद केवल निवेश और देखरेख का काम संभाल सकते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR