बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (KIA) से सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए एयरपोर्ट इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AERA) ने यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF) में उल्लेखनीय कमी करने का बड़ा फैसला लिया है। नई और घटी हुई दरें आगामी 1 सितंबर 2026 से प्रभावी हो जाएंगी। इस कदम से हवाई यात्रा करने वाले आम लोगों को आर्थिक मोर्चे पर काफी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि अब उन्हें टिकट बुक कराते समय कम शुल्क चुकाना होगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बेंगलुरु एयरपोर्ट से प्रस्थान करने वाले घरेलू यात्रियों के लिए यूजर डेवलपमेंट फीस अब घटाकर 300 रुपये प्रति यात्री कर दी गई है। वर्तमान समय में घरेलू यात्रियों को इसके लिए 550 रुपये चुकाने पड़ते हैं, जिसका मतलब है कि यात्रियों को अब सीधे तौर पर 250 रुपये की बड़ी बचत होगी। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के जरिए विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए इस शुल्क को 997 रुपये निर्धारित किया गया है। मौजूदा समय में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से 1,500 रुपये वसूले जा रहे हैं, जिसकी तुलना में यह कटौती काफी राहत देने वाली है। गौरतलब है कि एयरपोर्ट ऑपरेटर BIAL ने घरेलू यात्रियों के वास्ते 450 रुपये और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए 1,215 रुपये का शुल्क प्रस्तावित किया था, जिसे नियामक ने और कम कर दिया है।
आने वाले यात्रियों पर भी तय हुआ शुल्क
इस नई शुल्क व्यवस्था के तहत अब बेंगलुरु एयरपोर्ट पर लैंड करने यानी आने वाले यात्रियों के लिए भी यूजर डेवलपमेंट फीस को स्पष्ट रूप से परिभाषित कर दिया गया है। इसके अंतर्गत, घरेलू उड़ानों से उतरने वाले यात्रियों को 125 रुपये और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से पहुंचने वाले यात्रियों को 426 रुपये देने होंगे। BIAL के आंकड़ों के मुताबिक, इस नई प्रणाली के लागू होने के बाद घरेलू यात्रियों से आने और जाने दोनों का कुल यूजर डेवलपमेंट फीस 425 रुपये बैठेगा, जबकि पुरानी व्यवस्था में केवल रवाना होने वाले यात्री से ही 550 रुपये ले लिए जाते थे। इसी प्रकार, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए आगमन और प्रस्थान का कुल शुल्क 1,423 रुपये बनेगा, जो कि पहले लगने वाले 1,500 रुपये के एकल शुल्क से कम ही है।
पहली बार लागू हुआ इंक्रीमेंटल ARR सिस्टम
इस पूरी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव यह किया गया है कि नियामक AERA ने इस बार पहली बार इंक्रीमेंटल ARR यानी औसत राजस्व आवश्यकता प्रणाली को अमल में लाया है। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट जब पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएं और यात्रियों द्वारा उनका उपयोग शुरू कर दिया जाए, तभी उनकी लागत को टैरिफ में शामिल किया जाए। इसका सीधा मतलब यह निकलता है कि यात्रियों से उन विकासात्मक परियोजनाओं की लागत पहले ही नहीं वसूली जाएगी जो अभी तक पूरी नहीं हुई हैं या जिनका निर्माण कार्य चल रहा है। इससे यात्रियों की जेब पर समय से पहले किसी भी तरह का अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
बड़े प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद बदल सकता है शुल्क
बेंगलुरु एयरपोर्ट के विकास कार्यों में कई बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं, जिनमें ECT, T2 फेज 2 टर्मिनल और T2 फेज 2 एप्रन जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शामिल हैं। एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, जब ये सभी बड़े निर्माण कार्य पूरी तरह से मुकम्मल हो जाएंगे, तभी इनसे जुड़ी वास्तविक लागत के आधार पर भविष्य में अतिरिक्त टैरिफ वसूलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। तब तक यात्रियों को नई दरों का सीधा लाभ मिलता रहेगा।



















