जियो प्लेटफॉर्म्स के आगामी सार्वजनिक निर्गम को लेकर आयोजित एक आधिकारिक संवाददाता सम्मेलन में ईशा अंबानी ने कंपनी की मूल्य निर्धारण रणनीति पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस आरंभिक सार्वजनिक निर्गम का मूल्य स्तर तय करने का मुख्य ध्येय शेयरधारकों के लिए लंबी अवधि में निरंतर पूंजी का निर्माण करना है। उनके मुताबिक, निर्गम की यह कीमत रिलायंस समूह की उस सुदीर्घ परंपरा और सोच को दर्शाती है, जो शेयरधारक मूल्य संवर्धन के सिद्धांत पर आधारित रही है। यह परंपरा उनके दादाजी के दौर से ही निरंतर समूह की कार्यशैली का केंद्र रही है।
मूल्य निर्धारण के पीछे का दृष्टिकोण
ईशा अंबानी ने रेखांकित किया कि प्रबंधन की सर्वोच्च प्राथमिकता निर्गम के मूल्य को निवेशकों के लिए आकर्षक बनाए रखना रही है। इसका सीधा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक निर्गम के जरिए कंपनी से जुड़ने वाले निवेशक जियो प्लेटफॉर्म्स की भावी व्यावसायिक उन्नति और विस्तार के साथ-साथ अपने स्वयं के निवेश पर भी ठोस मुनाफा हासिल कर सकें। कंपनी का मानना है कि उचित मूल्य पर शेयर उपलब्ध कराने से हितधारकों को दीर्घकालिक भागीदारी का बेहतर लाभ मिलेगा।
निर्गम की मुख्य तारीखें और वित्तीय आंकड़े
सार्वजनिक निर्गम के लिए कंपनी ने 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है। यह आरंभिक सार्वजनिक निर्गम 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक बोली लगाने के लिए खुला रहेगा। इस निर्गम के माध्यम से बाजार में कुल 30,213 करोड़ रुपये मूल्य के 27 करोड़ शेयर पेश किए जाएंगे।
कंपनी का मूल्यांकन और लिस्टिंग कार्यक्रम
सार्वजनिक निर्गम से पहले जियो प्लेटफॉर्म्स का कुल मूल्यांकन लगभग 10.3 लाख करोड़ रुपये आंका गया है। बोली प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद, कंपनी 28 अक्टूबर को घरेलू शेयर बाजार में औपचारिक रूप से सूचीबद्ध होने जा रही है।


















