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दक्षिण कोरिया में चिप बूम से सेमीकंडक्टर नौकरियां 47 फीसदी बढ़ीं, नए उम्मीदवारों की चांदीव्यापार
1 दिन पहले· 3

दक्षिण कोरिया में चिप बूम से सेमीकंडक्टर नौकरियां 47 फीसदी बढ़ीं, नए उम्मीदवारों की चांदी

AI चिप की बढ़ती मांग ने दक्षिण कोरिया की सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में नौकरियां 47 फीसदी बढ़ा दीं, और सबसे बड़ा फायदा फ्रेशर्स को मिल रहा है।

अगर आपके मन में भी यह डर बैठा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI लोगों की नौकरियां निगल जाएगा, तो दक्षिण कोरिया से आया एक ताजा आंकड़ा आपकी सोच बदल सकता है। वहां के एक बड़े रिक्रूटमेंट प्लेटफॉर्म जॉबकोरिया के मुताबिक, AI के लिए बन रही चिप की जबरदस्त मांग ने इस साल की पहली छमाही में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में नौकरियों की बाढ़ ला दी। चिप ही हर AI सिस्टम की जान होती है, और जैसे-जैसे कंपनियां और ताकतवर मॉडल बनाने की होड़ में लगी हैं, इन्हें बनाने वाले कारखानों और टीमों को पहले से कहीं ज्यादा हाथों की जरूरत पड़ रही है। पिछले साल की इसी अवधि से तुलना करें तो 47 फीसदी ज्यादा लोगों को काम मिला, और सबसे बड़ी बात यह रही कि इनमें से ज्यादातर मौके नए यानी फ्रेशर उम्मीदवारों के हिस्से आए।

सेमीकंडक्टर सेक्टर में निकली कुल नौकरियों में अब एंट्री-लेवल कैंडिडेट्स की हिस्सेदारी बढ़कर 12.2 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यानी हर सौ में से इतनी नौकरियां सीधे उन युवाओं को दी जा रही हैं जिनके पास कोई खास अनुभव नहीं है। यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले 2.4 प्रतिशत ऊपर है और बीते पांच सालों में फ्रेशर्स की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। यह इशारा भी करता है कि जो इंडस्ट्री कभी सिर्फ तजुर्बेकार लोगों को ही अपने साथ जोड़ना चाहती थी, वह अब खुले हाथों नए टैलेंट को अपना रही है, और यही बदलाव AI को लेकर बनी आम आशंका को उलट कर रख देता है।

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दूसरे सेक्टरों से आगे निकली चिप इंडस्ट्री

तेजी सिर्फ एंट्री-लेवल तक सीमित नहीं है। पूरे सेमीकंडक्टर सेक्टर में नौकरियां साल-दर-साल के हिसाब से 20 प्रतिशत बढ़ी हैं। यह रफ्तार बाकी तमाम इंडस्ट्री की औसत बढ़ोतरी से कहीं आगे है, जहां यह आंकड़ा महज 14 प्रतिशत रहा। भर्तियों की इस लहर के पीछे घरेलू दिग्गज सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स तो हैं ही, साथ में एनवीडिया और माइक्रोन जैसी ग्लोबल कंपनियां भी बड़ी भूमिका निभा रही हैं। दिलचस्प यह है कि जॉबकोरिया के आंकड़े बताते हैं कि एनवीडिया और माइक्रोन, दोनों के नौकरी विज्ञापन एक साल पहले के मुकाबले करीब 50 प्रतिशत बढ़ गए हैं, जो यह दिखाता है कि ये कंपनियां कितनी तेजी से अपना दायरा बढ़ा रही हैं।

उम्मीदवारों की दिलचस्पी में 180 प्रतिशत की छलांग

एक ओर कंपनियां धड़ाधड़ भर्तियां निकाल रही हैं, तो दूसरी ओर नौकरी तलाश रहे लोग भी इस क्षेत्र की तरफ जमकर खिंचे चले आ रहे हैं। प्लेटफॉर्म के डेटा के अनुसार, एसके हाइनिक्स से जुड़ी सर्च में साल भर में 180 प्रतिशत का जबरदस्त उछाल आया है। इतना ही नहीं, बड़ी चिप कंपनियों के भर्ती पेजों को सेव या बुकमार्क करने वाले यूजर्स की तादाद भी तेजी से बढ़ी है, जो यह दिखाता है कि यह सेक्टर युवाओं के बीच कितना लोकप्रिय होता जा रहा है।

अब सोच-समझकर कदम रख रहे फ्रेशर्स

जॉबकोरिया के एक अधिकारी के मुताबिक, आज के नए उम्मीदवार आंख मूंदकर कोई भी ऑफर नहीं थाम लेते। वे बारीकी से परखते हैं कि जिस कंपनी में वे जा रहे हैं, वह कितनी मजबूत है और वह भूमिका उनके करियर के लिए लंबे समय में कितनी फायदेमंद साबित होगी। अधिकारी ने भरोसा दिलाया कि सेमीकंडक्टर उद्योग में चल रहे हायरिंग ट्रेंड को समझने में वे नौकरी चाहने वालों की पूरी मदद करेंगे और सही फैसले लेने के लिए उन्हें जरूरी जानकारी लगातार देते रहेंगे।

सवाल-जवाब

दक्षिण कोरिया में सेमीकंडक्टर नौकरियां कितनी बढ़ीं?
इस साल की पहली छमाही में पिछले साल के मुकाबले 47 फीसदी ज्यादा लोगों को नौकरी मिली।
फ्रेशर्स की हिस्सेदारी अब कितनी है?
कुल नौकरियों में एंट्री-लेवल उम्मीदवारों की हिस्सेदारी बढ़कर 12.2 प्रतिशत हो गई है, जो पिछले साल से 2.4 प्रतिशत ज्यादा और पांच साल में सबसे बड़ी है।
इस तेजी की सबसे बड़ी वजह क्या है?
AI के लिए चिप की जबरदस्त मांग, जिसके पीछे सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स, एसके हाइनिक्स के साथ एनवीडिया और माइक्रोन जैसी कंपनियां हैं।
एनवीडिया और माइक्रोन के नौकरी विज्ञापन कितने बढ़े?
दोनों कंपनियों के नौकरी विज्ञापन एक साल पहले के मुकाबले करीब 50 प्रतिशत बढ़ गए हैं।
उम्मीदवारों की दिलचस्पी में कितना उछाल आया?
एसके हाइनिक्स से जुड़ी सर्च में साल-दर-साल 180 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया है।
पूरे सेमीकंडक्टर सेक्टर में नौकरियां कितनी बढ़ीं?
इस सेक्टर में नौकरियां साल-दर-साल 20 प्रतिशत बढ़ीं, जबकि बाकी इंडस्ट्री की औसत बढ़ोतरी 14 प्रतिशत रही।
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