मेघालय के अंपाती क्षेत्र में स्थानीय ग्रामीण उद्यमों और किसान संगठनों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। साउथ वेस्ट गारो हिल्स की उपायुक्त अनंद्या राजश्री ने कृषि विभाग और मेघालय बेसिन मैनेजमेंट एजेंसी (MBMA) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर क्षेत्र में संचालित जैविक खाद और मौन पालन इकाइयों का जमीनी दौरा किया। इस दौरे का मुख्य ध्येय स्थानीय स्तर पर चल रही गतिविधियों, उनकी उपलब्धियों और परिचालन में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों का आकलन करना था, ताकि सरकारी सहयोग के जरिए इनके उत्पादों को बड़े बाजारों से जोड़ा जा सके।
गारो हिल्स की एकमात्र जैविक खाद इकाई को मिला सरकारी सहयोग का आश्वासन
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक दल ने सबसे पहले लैरी ऑर्गेनिक का दौरा किया। इस इकाई के प्रोपराइटर बिश्वंभर पॉल मोइरंगथेम ने अधिकारियों को संयंत्र के संचालन और उत्पादन प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। यह संस्थान गारो हिल्स क्षेत्र की पहली और एकमात्र जैविक खाद इकाई के रूप में काम कर रहा है। यहाँ मुख्य रूप से उत्तर पूर्व भारत की अम्लीय मिट्टी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशेष जैव उर्वरक और जैव कीटनाशक तैयार किए जाते हैं, जिससे जैविक खेती को बढ़ावा मिल सके।
वर्तमान में इस इकाई में 6 स्थानीय लोगों को रोजगार मिला हुआ है, लेकिन तैयार उत्पादों की बिक्री और विपणन में संस्थान को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में इस उद्यम को कृषि निदेशालय के साथ सूचीबद्ध किया गया है, जिसके तहत इसने लकाडोंग हल्दी की खेती के लिए MBMA को जैव उर्वरक की आपूर्ति की है। बिश्वंभर पॉल मोइरंगथेम ने रेखांकित किया कि अगर उत्पादों को उचित प्रमाणन और लाइसेंस मिल जाएं, तो इनकी विश्वसनीयता बढ़ेगी और मेघालय से बाहर के राज्यों में भी बाजार विस्तार संभव हो सकेगा। उपायुक्त ने इस उद्यम के प्रयासों की सराहना करते हुए कृषि विभाग और MBMA को निर्देश दिया कि वे सरकारी नियमों और गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए संस्थागत बाजार संबंधों और खरीद के नए अवसरों की तलाश करें।
मौन पालन क्षेत्र में मौसम की मार और उत्पादन का गणित
जैविक खाद संयंत्र के बाद अधिकारियों के दल ने साल 2022 में गठित मेल्लिम बीकीपिंग सोसाइटी का निरीक्षण किया और वहां मौजूद सदस्यों तथा पदाधिकारियों से सीधा संवाद किया। सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्तमान में लगभग 280 किसान शहद उत्पादन के काम से जुड़े हुए हैं। सोसाइटी के नए बने मौन पालन केंद्र में आधुनिक मशीनरी स्थापित की गई है, जिसमें शहद प्रसंस्करण और भंडारण के लिए अलग-अलग कमरे बनाए गए हैं।
उत्पादन के आंकड़ों को साझा करते हुए सोसाइटी ने बताया कि वर्ष 2025 में कुल 2,500 लीटर शहद का संग्रहण किया गया था। हालांकि, इस वर्ष प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के कारण उत्पादन घटकर लगभग 900 लीटर रह गया है। सदस्यों ने इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण स्पष्ट करते हुए बताया कि बरसात के मौसम में शहद का निष्कर्षण कम हो जाता है, क्योंकि इस दौरान मधुमक्खियों की कॉलोनियों को प्रजनन और नए कुनबों के निर्माण के लिए स्वयं अधिक संसाधनों की आवश्यकता होती है। इसके बावजूद, सोसाइटी में 2 मास्टर ट्रेनर कार्यरत हैं, जो पूरे साउथ वेस्ट गारो हिल्स जिले में मौन पालकों को तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण दे रहे हैं। इसके अलावा, यह संस्था अन्य जिलों के किसानों को भी मधुमक्खी कॉलोनियों की आपूर्ति करती है।
गुणवत्ता मानकों और योजना अभिसरण पर विशेष ध्यान
स्थानीय मौन पालन उद्योग को अधिक टिकाऊ बनाने के लिए उपायुक्त ने मेल्लिम बीकीपिंग सोसाइटी को PRIME मेघालय और बागवानी विभाग के साथ मिलकर काम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के अभिसरण से उत्पादन में वृद्धि होगी, किसानों की भागीदारी बढ़ेगी और बाजार तक पहुंच आसान होगी। इसके साथ ही, उन्होंने किसानों से खरीदे जाने वाले कच्चे शहद के लिए सख्त गुणवत्ता मानक तय करने का सुझाव दिया। उनका मानना है कि एक समान गुणवत्ता बनाए रखने से उपभोक्ताओं का विश्वास मजबूत होगा और स्थानीय शहद को बाजार में बेहतर मूल्य मिल सकेगा।
प्रशासनिक टीम की उपस्थिति और भविष्य की रूपरेखा
इस महत्वपूर्ण मैदानी दौरे में उपायुक्त के साथ साउथ वेस्ट गारो हिल्स के संयुक्त कृषि निदेशक टी. संगमा, MBMA के जिला परियोजना प्रबंधक जी. मराक, डीआरएफ एम. मोमिन और MBMA के फील्ड इंजीनियर भी शामिल थे। इस निरीक्षण से यह साफ हो गया है कि गारो हिल्स के स्थानीय उद्यमों और कृषक संगठनों में सतत कृषि, उद्यमिता, मूल्य संवर्धन और रोजगार सृजन की अपार क्षमता है। हालांकि, इन पहलों को दीर्घकालिक रूप से सफल बनाने के लिए निरंतर संस्थागत सहयोग, गुणवत्ता आश्वासन और मजबूत बाजार संपर्कों की सख्त आवश्यकता है।



















