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मिजोरम के स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि, जोराम मेडिकल कॉलेज में पहली बार सफलतापूर्वक हुई ओपन हार्ट सर्जरीस्वास्थ्य
20 अग॰ 2026, 7:41 pm (1 घंटे पहले)· 2

मिजोरम के स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि, जोराम मेडिकल कॉलेज में पहली बार सफलतापूर्वक हुई ओपन हार्ट सर्जरी

मिजोरम के फालकौन स्थित जोराम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने 69 वर्षीय मरीज की 6.5 घंटे लंबी ओपन हार्ट बायपास सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा कर एक नया कीर्तिमान रचा है।

मिजोरम के सरकारी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक बड़ा मील का पत्थर हासिल किया गया है। फालकौन में स्थित जोराम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (ज़ेडएमसीएच) के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने संस्थान के इतिहास में पहली बार एक मरीज की सफल ओपन हार्ट सर्जरी को अंजाम दिया है। अधिकारियों ने गुरुवार को इस ऐतिहासिक चिकित्सा प्रक्रिया की जानकारी साझा करते हुए बताया कि बुधवार को 69 वर्षीय एक बुजुर्ग मरीज पर यह जटिल बाईपास सर्जरी की गई। मरीज ट्रिपल वेसल डिजीज नामक गंभीर हृदय रोग से पीड़ित था, जिसमें हृदय की तीनों मुख्य धमनियों में रुकावट आ जाती है।

6.5 घंटे तक चली जटिल बायपास प्रक्रिया

इस बेहद नाजुक ऑपरेशन में छह और आधा घंटे का समय लगा। इस दौरान डॉक्टरों की टीम ने कोरोनरी आर्टरी बायपास ग्राफ्टिंग (सीएबीजी) तकनीक का इस्तेमाल किया। सर्जरी की प्रक्रिया के दौरान मरीज के दिल की धड़कन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था और शरीर के प्रमुख अंगों में रक्त प्रवाह बनाए रखने के लिए हार्ट-लंग मशीन का सहारा लिया गया। रक्त संचार को सुचारू बनाने के लिए सर्जनों ने मरीज के पैर से सेफेनस वेन और छाती के भीतर से इंटरनल मेमरी आर्टरी (एलआईएमए) को निकालकर बायपास ग्राफ्ट तैयार किए। बायपास बनने के बाद मरीज के हृदय ने पुन: सामान्य रूप से काम करना शुरू कर दिया।

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विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम का संयुक्त प्रयास

इस ऐतिहासिक सर्जरी को ज़ेडएमसीएच की रेसिडेंट कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. मैरी ह्मांगथानत्लुआंगी के नेतृत्व में पूरा किया गया। इस प्रक्रिया में गुवाहाटी के एक निजी अस्पताल के विशेषज्ञ डॉ. इंतखाब आलम ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया। इसके अलावा, इस जटिल ऑपरेशन को सफल बनाने में एनेस्थियोलॉजिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट और विशेष नर्सिंग स्टाफ की पूरी टीम का अहम योगदान रहा। बताया गया है कि मरीज को लगभग छह महीने पहले दिल का दौरा पड़ा था, जिसके बाद जांच में तीनों धमनियों में रुकावट की पुष्टि हुई थी।

आईसीयू में निगरानी और राज्य स्तर पर सराहना

सफल ऑपरेशन के बाद मरीज को गहन देखभाल इकाई (आईसीयू) में शिफ्ट कर दिया गया है। ज़ेडएमसीएच के एक चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और मरीज वर्तमान में आईसीयू में विशेषज्ञों की कड़ी देखरेख में है। इस बड़ी चिकित्सा सफलता पर मिजोरम की स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई ने खुशी जताई है। उन्होंने इस ऐतिहासिक सर्जरी को अंजाम देने वाली पूरी मेडिकल टीम के समर्पण और अथक प्रयासों की सराहना की है।

सवाल-जवाब

जोराम मेडिकल कॉलेज में कौन सा ऐतिहासिक ऑपरेशन किया गया?
जोराम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (ज़ेडएमसीएच) में पहली बार एक 69 वर्षीय मरीज की सफल ओपन हार्ट बायपास सर्जरी (सीएबीजी) की गई।
यह सर्जरी किसके नेतृत्व में पूरी हुई?
यह सर्जरी ज़ेडएमसीएच की कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. मैरी ह्मांगथानत्लुआंगी के नेतृत्व में हुई, जिसमें गुवाहाटी के डॉ. इंतखाब आलम और अन्य विशेषज्ञों ने सहयोग किया।
मरीज को क्या स्वास्थ्य समस्या थी?
मरीज ट्रिपल वेसल डिजीज से पीड़ित था, जिसका अर्थ है कि उसके हृदय की तीनों प्रमुख धमनियों में रुकावट थी और छह महीने पहले उसे दिल का दौरा भी पड़ा था।
इस सर्जरी में कितना समय लगा और मरीज की स्थिति कैसी है?
इस जटिल ऑपरेशन में साढ़े छह घंटे का समय लगा और वर्तमान में मरीज सफल सर्जरी के बाद आईसीयू में डॉक्टरों की निगरानी में है।
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