अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में अमेरिकी सरकार के एक अप्रत्याशित कदम के बाद सोने की कीमतों, बॉन्ड यील्ड, प्रमुख विदेशी मुद्राओं और डिजिटल संपत्तियों में जबरदस्त सरगर्मी दर्ज की गई है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा लंबी अवधि के बॉन्ड की खरीदारी दोगुना करने के फैसले ने अमेरिकी डॉलर की रफ्तार को धीमा कर दिया है, जिसके चलते सोने और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं को निचले स्तरों पर मजबूत समर्थन मिलता नजर आ रहा है।
सोने के बाजार का रुख और टीडी सिक्योरिटीज़ का दृष्टिकोण
कीमती धातुओं के बाजार में सोना (XAU/USD) गुरुवार को अमेरिकी कारोबारी सत्र की शुरुआत में सीमित दायरे में मुनाफावसूली का सामना करता दिखा। इससे पहले बुधवार को डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई बड़ी गिरावट के बाद सोना मजबूत हुआ था, लेकिन गुरुवार को यील्ड में स्थिरता आने से सोने की कीमतों में थोड़ी सुस्ती देखी गई।
बाजार के प्रमुख वित्तीय संस्थान टीडी सिक्योरिटीज़ के विश्लेषकों का मानना है कि सोने की कीमतों के लिए निकट भविष्य का परिदृश्य काफी हद तक सकारात्मक बना हुआ है। टीडी सिक्योरिटीज़ के अनुसार, अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा बॉन्ड बाजार के लंबे छोर को सहारा देने के संकेत और फेडरल रिजर्व द्वारा ऊर्जा की ऊंची कीमतों को नजरअंदाज करने की इच्छा निकट अवधि में सोने को जरूरी मजबूती प्रदान करने के लिए पर्याप्त है।
हालांकि, संस्था का यह भी कहना है कि सोने में एक नया बड़ा उछाल आने में कुछ समय लग सकता है। वित्तीय बाजार फिलहाल साल 2027 के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं को आंक रहे हैं। जब तक व्यापक बाजार को इस बात का पूरा भरोसा नहीं हो जाता कि फेडरल रिजर्व अपनी ब्याज दरों को स्थिर रखने के रुख पर कायम रहेगा, तब तक सोने की कीमतों में अगला बड़ा तेजी का दौर शुरू होने की संभावना कम ही नजर आती है।
अमेरिकी ट्रेजरी का अभूतपूर्व निर्णय और बॉन्ड यील्ड की स्थिति
वैश्विक वित्तीय परिसंपत्तियों में आई इस हलचल की मुख्य वजह अमेरिकी ट्रेजरी विभाग का एक अप्रत्याशित फैसला है। बुधवार को ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) के अनुसार दोपहर 12:32 बजे ट्रेजरी विभाग ने अपने तय कैलेंडर से अलग हटते हुए तरलता सहायता बायबैक अभियानों के आकार को कम से कम दोगुना करने का ऐलान किया।
इस नई घोषणा के तहत 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष वाले परिपक्वता क्षेत्रों में प्रति ऑपरेशन अधिकतम 2 बिलियन डॉलर की सीमा को बढ़ाकर कम से कम 4 बिलियन डॉलर कर दिया गया है। यह नई व्यवस्था 9 सितंबर से लागू होगी और 4 नवंबर तक प्रभावी रहेगी। ट्रेजरी के इस अचानक उठाए गए कदम से लंबी अवधि के बॉन्ड यील्ड में हाल में आई उछाल को रोकने में मदद मिली है। गुरुवार को स्थिरता आने के बाद 10-वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़कर 4.672% पर पहुंच गई, जबकि इससे पहले बुधवार को इसमें भारी गिरावट दर्ज की गई थी।
विदेशी मुद्रा बाजार में GBP/USD और EUR/USD का प्रदर्शन
अमेरिकी ट्रेजरी के कदम से अमेरिकी डॉलर (USD) पर दबाव कायम रहा, जिसका सीधा लाभ ब्रिटिश पाउंड और यूरो जैसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं को मिला है। GBP/USD मुद्रा जोड़ी दिन के शुरुआती घंटों में 1.3650 के छह महीने के उच्चतम स्तर को छूने के बाद मामूली रूप से नीचे आई, लेकिन फिर भी यह 1.3600 के स्तर से काफी ऊपर अपनी मजबूती बनाए रखने में सफल रही।
दूसरी ओर, EUR/USD जोड़ी में शुरुआती उछाल के बाद तेजी का प्रवाह थोड़ा धीमा पड़ता दिखा। दिन के दौरान यूरो तीन महीने के उच्च स्तर को छूने के बाद 1.1700 के स्तर से ठीक नीचे सपाट कारोबार करता नजर आया। इसके बावजूद, अमेरिकी डॉलर की सुस्त स्थिति को देखते हुए यूरो में बड़ी गिरावट का जोखिम काफी सीमित नजर आ रहा है।
डिजिटल एसेट्स में तेजी: बिटकॉइन 70,000 डॉलर के पार
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में गुरुवार को जोरदार खरीदारी का माहौल देखने को मिला, जिसकी अगुवाई दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल मुद्रा बिटकॉइन (BTC) ने की। बिटकॉइन की कीमत 70,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गई, जिससे निवेशकों का उत्साह काफी बढ़ गया।
इसी तरह, एथेरियम (ETH) भी 2,200 डॉलर के ऊपर मजबूती से टिकते हुए तेजी के रुझान को बरकरार रखे हुए है। वहीं रिपल (XRP) ने भी निचले स्तरों से शानदार वापसी करते हुए 1.15 डॉलर के स्तर को पार कर लिया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि क्रिप्टो बाजार पर खरीदारों की पकड़ फिर से मजबूत हो रही है।



















