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स्पेस एक्स के आईपीओ ने रचा इतिहास: एलन मस्क बने दुनिया के पहले खरबपति, जानिए आपको इतनी दौलत जुटाने में लगेंगे कितने करोड़ सालव्यापार
16 जून 2026, 10:47 pm (45 दिन पहले)· 1

स्पेस एक्स के आईपीओ ने रचा इतिहास: एलन मस्क बने दुनिया के पहले खरबपति, जानिए आपको इतनी दौलत जुटाने में लगेंगे कितने करोड़ साल

स्पेस एक्स के दमदार आईपीओ के बूते एलन मस्क की नेटवर्थ 1 ट्रिलियन डॉलर पार कर गई है और वे दुनिया के पहले खरबपति बन गए हैं। सालाना 30 लाख रुपये बचाने वाले आम इंसान को इतनी संपत्ति जुटाने में करीब 2.9 करोड़ साल लग जाएंगे।

दुनिया की सबसे बड़ी दौलत का नया रिकॉर्ड अब एलन मस्क के नाम दर्ज हो गया है। अमेरिका के इस उद्योगपति की कुल नेटवर्थ 1 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 95 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी है, और इसी के साथ वे इतिहास के पहले व्यक्ति बन गए हैं जो आधिकारिक तौर पर खरबपति, यानी ट्रिलियनेयर कहलाए जा रहे हैं। इस मुकाम तक आज तक कोई नहीं पहुंच सका था।

दौलत इतनी बड़ी कि 121 देशों की जीडीपी छोटी पड़ जाए

मस्क की संपत्ति का पैमाना समझना भी आसान नहीं है। उनकी यह दौलत दुनिया के 121 देशों की कुल जीडीपी से भी ज्यादा है। एक आम कमाने वाले व्यक्ति के साथ इसकी तुलना करें तो आंकड़े सिर चकरा देते हैं। मान लीजिए आप हर साल 30 लाख रुपये कमाते हैं और टैक्स या खर्च में एक भी रुपया गंवाए बिना पूरी रकम बचा लेते हैं, तब भी मस्क के बराबर संपत्ति जोड़ने में आपको करीब 2.9 करोड़ साल लग जाएंगे। यहां तक कि जो व्यक्ति हर साल 10 करोड़ रुपये जैसी मोटी बचत करता हो, उसे भी 1 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा छूने में पूरे 86 हजार साल लगेंगे।

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स्पेस एक्स का आईपीओ बना गेम चेंजर

मस्क की दौलत को रॉकेट जैसी रफ्तार उनकी स्पेस एक्सप्लोरेशन कंपनी SpaceX के आईपीओ ने दी है। अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्ट होते ही इस इश्यू ने तहलका मचा दिया। महज चार दिनों में शेयर की कीमत 135 डॉलर से 63% उछलकर 220 डॉलर तक जा पहुंची। इस तेजी ने सिर्फ मस्क को ही खरबपति नहीं बनाया, बल्कि कंपनी के करीब 4,400 मौजूदा और पूर्व कर्मचारियों को रातोंरात करोड़पति बना दिया। इनमें से 400 कर्मचारी तो ऐसे हैं जिनके पास इस वक्त 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत के शेयर हैं।

एक वेल्डर की किस्मत भी बदल गई

इस आईपीओ से जुड़ी सबसे दिलचस्प कहानी जुआन हर्नांडेज़ नाम के एक वेल्डर की है। उन्होंने 2015 में SpaceX में काम शुरू किया था और शुरुआत में कंपनी ने उन्हें करीब 9.5 लाख रुपये के शेयर ऑफर किए थे। करीब 10 साल नौकरी करने के बाद जब उन्होंने कंपनी छोड़ी, तब तक उनके खाते में 6,500 शेयर जमा हो चुके थे। आज इन शेयरों की कुल कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये है। यानी कंपनी में वेल्डिंग का काम करने वाला कर्मचारी भी अब करोड़पति बन चुका है।

95 लाख करोड़ रुपये से क्या-क्या खरीदा जा सकता है

मस्क की इतनी विशाल संपत्ति से क्या मोल लिया जा सकता है, इसकी फेहरिस्त किसी को भी हैरान कर देगी:

  • बुर्ज खलीफा जैसी आलीशान इमारत को पूरे 600 बार खरीदा जा सकता है।
  • अगर मस्क चाहें तो अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA को अकेले अगले 40 साल तक फंड कर सकते हैं।
  • दुनिया के सबसे महंगे 10 हजार Gulfstream प्राइवेट जेट या करीब 2 करोड़ नई कारें खरीदी जा सकती हैं।
  • इस रकम से 7,150 टन सोना खरीदा जा सकता है, जो अमेरिका के पूरे गोल्ड रिजर्व के लगभग बराबर है।
  • अमेरिका के किसी भी बड़े शहर की समूची प्रॉपर्टी, या वहां की सारी फुटबॉल और बास्केटबॉल टीमें खरीदने के बाद भी मस्क के पास 500 अरब डॉलर बच जाएंगे।

भारत के संदर्भ में देखें तो तस्वीर और भी चौंकाने वाली है। मस्क भारत की टॉप 10 कंपनियों को एक साथ खरीद सकते हैं, जिनकी कुल मार्केट वैल्यू 88 लाख करोड़ रुपये है। इसके अलावा वे भारत के पूरे गेहूं उत्पादन को 35 बार खरीद सकते हैं, या देश में 28 हजार नए क्रिकेट स्टेडियम बनवा सकते हैं। और अगर वे यह पैसा पूरे देश में बांट दें, तो 140 करोड़ की आबादी में हर एक व्यक्ति के हिस्से में करीब 67,857 रुपये आएंगे।

घर-घर चॉकलेट बेचने से शुरू हुआ सफर

आज भले ही मस्क दुनिया के सबसे अमीर इंसान हों, लेकिन उनकी शुरुआत किसी रईस घराने से नहीं हुई थी। साउथ अफ्रीका में जन्मे मस्क बचपन में अपना जेब खर्च जुटाने के लिए घर-घर जाकर चॉकलेट बेचा करते थे। हालांकि कंप्यूटर और कोडिंग में उनकी पकड़ बचपन से ही गजब की थी, इसका सबूत यह है कि सिर्फ 12 साल की उम्र में उन्होंने खुद एक वीडियो गेम बनाकर उसे 500 डॉलर में बेच दिया था। आगे पढ़ाई के लिए वे कनाडा गए और फिर स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका पहुंचे, जहां उन्होंने सिलिकॉन वैली में इंटर्नशिप की और H-1-B वीजा पर अपनी पहली नौकरी शुरू की।

मिलियनेयर से ट्रिलियनेयर तक का दांव

मस्क का यह सफर उनके जोखिम उठाने के माद्दे को साफ दिखाता है:

  • 1995 में, 24 साल की उम्र में उन्होंने डिजिटल मैप कंपनी Zip2 खड़ी की। 1999 में Compaq ने इसे 341 मिलियन डॉलर में खरीदा और मस्क पहली बार मिलियनेयर बने।
  • इसके बाद उन्होंने X.com नाम से ऑनलाइन बैंकिंग सेवा शुरू की, जो आगे चलकर PayPal बनी। 2002 में eBay ने इसे 1.5 बिलियन डॉलर में खरीदा और मस्क बिलियनेयर बन गए।
  • इस पूरी कमाई को मस्क ने जोखिम उठाते हुए SpaceX और Tesla जैसी फ्यूचरिस्टिक कंपनियों में झोंक दिया, जो आज उनकी सबसे बड़ी ताकत बन चुकी हैं।

बड़ी ठोकरों के बाद मिली बड़ी कामयाबी

मस्क की कामयाबी जितनी विशाल दिखती है, उसके पीछे संघर्ष और नाकामियां भी उतनी ही बड़ी रही हैं। साल 2000 में उन्हें उनकी अपनी ही कंपनी PayPal के सीईओ पद से हटा दिया गया था। इसके बाद 2002 से 2008 के बीच SpaceX के शुरुआती तीन रॉकेट लॉन्च पूरी तरह नाकाम रहे और Tesla भी कंगाली के मुहाने पर आ खड़ी हुई। 2008 की आर्थिक मंदी के दौरान मस्क ने अपनी दोनों कंपनियों को दिवालिया होने से बचाने के लिए जिंदगी भर की आखिरी जमा-पूंजी, यानी 40 मिलियन डॉलर तक दांव पर लगा दी थी। उन दिनों वे हफ्ते में 100-100 घंटे तक काम किया करते थे। बाद के सालों में भी Starship रॉकेट के फेल टेस्ट और Twitter (अब X) को खरीदने के बाद विज्ञापनदाताओं की कमी जैसी मुश्किलें उनके सामने आईं, लेकिन हर बार वे फिर से संभलकर खड़े हो गए।

भविष्य की सोच पर टिका कारोबार

मस्क ने अपना पूरा कारोबार आने वाले कल की जरूरतों को ध्यान में रखकर बहुत सोच-समझकर खड़ा किया है। इसी कड़ी में Tesla की कुल वैल्यूएशन इस समय 1.47 ट्रिलियन डॉलर है, जिसमें मस्क की बड़ी हिस्सेदारी उनकी दौलत का एक अहम स्तंभ बनी हुई है।

सवाल-जवाब

एलन मस्क दुनिया के पहले खरबपति कैसे बने?
उनकी कंपनी SpaceX के आईपीओ की बदौलत उनकी कुल नेटवर्थ 1 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 95 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई।
SpaceX के शेयर की कीमत आईपीओ में कितनी बढ़ी?
सिर्फ चार दिनों में शेयर 135 डॉलर से 63% उछलकर 220 डॉलर पर पहुंच गया।
इस आईपीओ से कितने कर्मचारी करोड़पति बने?
कंपनी के करीब 4,400 मौजूदा और पूर्व कर्मचारी करोड़पति बने, जिनमें 400 के पास 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर हैं।
30 लाख रुपये सालाना बचाने पर मस्क जितनी दौलत में कितना समय लगेगा?
अगर आप हर साल 30 लाख रुपये पूरा बचाएं, तब भी मस्क के बराबर संपत्ति जोड़ने में करीब 2.9 करोड़ साल लगेंगे।
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