फ्लिपकार्ट प्लस लॉयल्टी प्रोग्राम के सदस्यों के लिए 1 अगस्त से एक नया ऑफर शुरू होने जा रहा है, जिसके तहत तय खरीदारी सीमा पूरी करने पर 30 दिनों का मुफ्त नेटफ्लिक्स मोबाइल प्लान दिया जाएगा। इस नई योजना के अनुसार, यदि मेंबर्स एक ही कैलेंडर महीने के भीतर कम से कम Rs 299 मूल्य के चार अलग-अलग ऑर्डर पूरे करते हैं, तो उनका 30 दिनों का स्ट्रीमिंग सब्सक्रिप्शन एक्टिवेट हो जाएगा। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का यह ऑफर ग्राहकों को अपने दैनिक सामान की खरीदारी के साथ मनोरंजन का लाभ उठाने का अवसर देता है।
पात्रता की शर्तें और ऑर्डर संबंधी नियम
मुफ्त नेटफ्लिक्स सब्सक्रिप्शन प्राप्त करने के लिए यूजर का फ्लिपकार्ट प्लस मेंबर होना अनिवार्य है। इस योजना के तहत मेंबर्स को एक ही कैलेंडर महीने में कम से कम Rs 299 प्रति ऑर्डर मूल्य की चार खरीदारी करनी होगी। यह खरीदारी फ्लिपकार्ट के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स के जरिए की जा सकती है। ग्राहक मुख्य फ्लिपकार्ट ऐप या वेबसाइट के अलावा, फ्लिपकार्ट ग्रोसरी से राशन मंगाकर और फ्लिपकार्ट मिनट्स के माध्यम से त्वरित डिलीवरी ऑर्डर करके इस सीमा को पूरा कर सकते हैं। चार योग्य ऑर्डर पूरे होते ही 30 दिनों के लिए नेटफ्लिक्स का मोबाइल प्लान एक्टिवेट हो जाएगा।
सब्सक्रिप्शन की अवधि और रीसेट प्रक्रिया
ऑफर के तहत एक्टिवेट हुआ नेटफ्लिक्स मोबाइल प्लान 30 दिनों की अवधि के लिए वैध रहेगा। हालांकि, यह लाभ स्थायी नहीं है बल्कि एक चक्र के रूप में काम करता है। 30 दिन की अवधि समाप्त होने के बाद यह बेनेफिट रीसेट हो जाएगा। अगले महीने में नेटफ्लिक्स सेवा को जारी रखने के लिए फ्लिपकार्ट प्लस मेंबर्स को दोबारा वही प्रक्रिया दोहरानी होगी और उस महीने में भी Rs 299 या उससे अधिक के चार ऑर्डर पूरे करने होंगे। यदि किसी महीने में ग्राहक यह शर्त पूरी नहीं कर पाते हैं, तो उनकी सब्सक्रिप्शन सेवा तब तक के लिए बंद हो जाएगी जब तक कि वे पुनः अर्हता हासिल नहीं कर लेते।
क्विक कॉमर्स में विस्तार और बाजार की प्रतिस्पर्धा
मनोरंजन सेवा के साथ यह साझेदारी ऐसे समय में आई है जब ई-कॉमर्स कंपनी दैनिक उपयोग के सामानों की डिलीवरी में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। साल 2018 में वैश्विक रिटेल कंपनी वॉलमार्ट द्वारा फ्लिपकार्ट में नियंत्रक हिस्सेदारी खरीदने के बाद से कंपनी ने पारंपरिक शॉपिंग के साथ-साथ ग्रोसरी और तेजी से सामान पहुंचाने की सेवाओं का विस्तार किया है। अपने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट मिनट्स के जरिए कंपनी तेजी से सामान पहुंचाने के बाजार में उतरी है। जहां एक तरफ ई-कॉमर्स क्षेत्र में कंपनी का मुख्य मुकाबला अमेज़न से है, वहीं क्विक कॉमर्स सेगमेंट में यह ब्लिंकिट, ज़ेप्टो, स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट जैसी स्थापित कंपनियों को सीधी टक्कर दे रही है।
कॉरपोरेट पुनर्गठन और मुंबई में आईपीओ की योजना
ग्राहकों को जोड़े रखने के लिए शुरू की गई यह योजना कंपनी के उस बड़े कॉरपोरेट पुनर्गठन का हिस्सा है, जिसके तहत शेयर बाजार में प्रवेश की तैयारी की जा रही है। इस साल की शुरुआत में फ्लिपकार्ट ने अपनी मूल होल्डिंग कंपनी का पंजीकरण केंद्र सिंगापुर से बदलकर भारत स्थानांतरित कर लिया था। इस डोमिसाइल बदलाव का मुख्य उद्देश्य देश के भीतर शेयर बाजार में लिस्टिंग की प्रक्रिया को सुगम बनाना है। मार्च में आई जानकारियों के अनुसार, कंपनी का लक्ष्य मार्च 2027 से पहले मुंबई के शेयर बाजार में अपना आईपीओ (IPO) लाने का है। हालांकि, प्रस्तावित आईपीओ के कुल आकार और कंपनी के मूल्यांकन को लेकर अभी अंतिम निर्णय होना बाकी है।
ई-कॉमर्स और ओटीटी (OTT) बंडलिंग का रणनीतिक महत्व
रीटेल लॉयल्टी प्रोग्राम के साथ वीडियो स्ट्रीमिंग सब्सक्रिप्शन को जोड़ना ई-कॉमर्स उद्योग में ग्राहकों की खरीदारी की बारंबारता बढ़ाने की एक प्रभावी रणनीति मानी जा रही है। नेटफ्लिक्स मोबाइल प्लान को Rs 299 के चार मासिक ऑर्डर से जोड़कर कंपनी ग्राहकों को अपनी दैनिक जरूरतों और राशन की खरीदारी अपने ही प्लेटफॉर्म पर केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। फ्लिपकार्ट प्लस मेंबर्स के लिए यह एक व्यावहारिक बचत का माध्यम बनता है क्योंकि वे नियमित खरीदारी के बदले अपने मनोरंजन के खर्च को कम कर सकते हैं। इसके साथ ही, न्यूनतम ऑर्डर मूल्य तय होने से फ्लिपकार्ट मिनट्स और ग्रोसरी जैसे क्विक कॉमर्स नेटवर्क की परिचालन दक्षता में भी सुधार होता है।


















