दुनिया के सबसे संवेदनशील जलमार्गों में गिने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में एक बार फिर भू-राजनीतिक हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति के इस मुख्य रास्ते पर तनाव बढ़ने का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ रहा है। सोमवार को कारोबार के दौरान कच्चे तेल के दाम में भारी तेजी दर्ज की गई और इसके भाव नब्बे डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गए। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस जलडमरूमध्य के आसपास तनाव बढ़ने से सप्लाई रिस्क प्रीमियम में अचानक बड़ा इजाफा हुआ है, जिसके चलते दामों में यह उछाल देखने को मिल रहा है।
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और समुद्री मार्गों की सुरक्षा
इस ताजा घटनाक्रम के पीछे अमेरिकी सेना की ओर से की गई एक अहम सैन्य कार्रवाई भी शामिल है। अमेरिकी बलों ने हाल ही में उन ईरानी रॉकेट लॉन्चरों को अपने निशाने पर लिया जो इस समुद्री मार्ग में माइंस बिछाने की साजिश रच रहे थे। पिछले एक महीने से भी अधिक समय में इस तरह की यह पहली सैन्य कार्रवाई थी। अमेरिकी सेना की ओर से यह भी साफ किया गया है कि वे इस रणनीतिक क्षेत्र पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए हैं और कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। इसके बावजूद, वॉशिंगटन और तेहरान के बीच किसी औपचारिक शांति समझौते के बिना भी रोजाना लगभग छह से आठ मिलियन बैरल कच्चा तेल इसी रास्ते से दुनिया भर में सप्लाई हो रहा है।
ईरान और कतर के बीच कूटनीतिक चर्चाएं
जुलाई के अंतिम सप्ताह में ईरानी ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागे जाने के बाद से ही अमेरिका कूटनीतिक दबाव बनाने के लिए लगातार कड़े प्रतिबंधों का सहारा ले रहा है। इस बीच, ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात के संकेत दिए हैं कि कतर के साथ हुई सकारात्मक वार्ताओं के बाद अमेरिका के साथ दोबारा कूटनीतिक रिश्तों की बहाली करना पूरी तरह असंभव नहीं है। इस बयान के सामने आने के बाद भविष्य में क्षेत्र का तनाव कुछ हद तक कम होने की उम्मीद भी बंधी हुई है।
विभिन्न क्रूड बेंचमार्क में जबरदस्त तेजी
बाजार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को भारतीय समयानुसार करीब ग्यारह बजकर तीस मिनट पर डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमतें दो दशमलव छह पांच प्रतिशत की तेजी के साथ पचासी दशमलव छह एक डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रही थीं। इसके साथ ही, ब्रेंट क्रूड का भाव दो दशमलव सात नौ प्रतिशत की बढ़त लेकर नब्बे दशमलव पांच छह डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, मर्भन क्रूड के दाम में भी चार दशमलव शून्य चार प्रतिशत की भारी तेजी दर्ज की गई और यह पंचानवे दशमलव सात पांच डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। कच्चे तेल के दामों में आई इस अचानक तेजी का असर घरेलू शेयर बाजारों पर भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा है और घरेलू शेयर बाजारों में भी गिरावट दर्ज की जा रही है।



















