रसोई घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होती है, जहां परिवार के लिए सेहतमंद खाना तैयार किया जाता है। लेकिन सिंक के पास घूमते कॉकरोच या स्लैब पर चलती लाल चींटियों की कतार अक्सर स्वच्छता और मूड दोनों बिगाड़ देती है। चाहें आम घर हो या किसी सितारे का आशियाना, रसोई के ये बिन बुलाए मेहमान हर जगह परेशानी का सबब बनते हैं। बाजार में मिलने वाले कीटनाशक स्प्रे में तेज रसायन और दुर्गंध होती है, जो खाने-पीने की चीजों के आसपास इस्तेमाल करने में नुकसानदेह साबित हो सकते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए लेखिका और अभिनेत्री ट्विंकल खन्ना के डिजिटल प्लेटफॉर्म ट्विक इंडिया ने एक बेहद आसान और पूरी तरह प्राकृतिक डीआईवाई पेस्ट स्प्रे तैयार करने का नुस्खा साझा किया है। यह घरेलू उपाय बिना किसी स्वास्थ्य जोखिम के कीटों को दूर भगाने में मदद करता है।
इस स्प्रे को बनाने के लिए जरूरी सामग्री
इस प्राकृतिक कीट रोधक स्प्रे को तैयार करने के लिए किसी महंगे उत्पाद की आवश्यकता नहीं होती। आपके रसोई घर में मौजूद सामान्य मसाले ही इसके लिए काफी हैं। आपको निम्नलिखित सामग्री की जरूरत होगी
- 8 से 10 लौंग
- 2 से 3 तेजपत्ते
- 1 कप सादा पानी
- 1 कप सिरका (विनेगर)
बनाने की चरणबद्ध प्रक्रिया
इस घोल को तैयार करना बेहद सरल है और इसमें बहुत कम समय लगता है। इसे बनाने के लिए इन चरणों का पालन करें
सबसे पहले 8 से 10 लौंग और 2 से 3 तेजपत्तों को किसी ओखली या सिलबट्टे पर हल्का सा कूट लें। इन्हें पूरी तरह पीसने की जरूरत नहीं है, बस इतना कूटें कि इनकी प्राकृतिक सुगंध और तेल बाहर आ सकें।
इसके बाद एक बर्तन लें और उसमें 1 कप पानी तथा 1 कप सिरका डालें। इस तरल मिश्रण में कूटे हुए तेजपत्ते और लौंग को मिला दें और बर्तन को गैस पर उबलने के लिए रख दें।
मिश्रण में उबाल आने के बाद इसे धीमी आंच पर कुछ देर तक पकने दें, ताकि मसालों के सारे गुण और तीखी गंध पानी और सिरके में अच्छी तरह समा जाए। जब पानी का रंग बदल जाए और तेज खुशबू आने लगे, तो गैस बंद कर दें और बर्तन को ठंडा होने के लिए छोड़ दें।
मिश्रण के पूरी तरह ठंडा हो जाने के बाद एक छानने वाली छलनी की मदद से लिक्विड को छान लें, जिससे तेजपत्ते और लौंग के टुकड़े अलग हो जाएं।
अब इस छाने हुए पारदर्शी तरल को एक साफ स्प्रे बोतल में भर लें। आपका प्राकृतिक कीट रोधक स्प्रे अब इस्तेमाल के लिए पूरी तरह तैयार है।
कीड़ों पर कैसे असर करता है यह देसी नुस्खा
यह स्प्रे पूरी तरह वैज्ञानिक और प्राकृतिक सिद्धांतों पर काम करता है। कॉकरोच और चींटियों में गंध सूंघने की तीव्र क्षमता होती है। तेजपत्ते और लौंग में मौजूद प्राकृतिक वाष्पशील तेलों की तीखी गंध इन कीड़ों को बिल्कुल सहन नहीं होती, जिससे वे उस जगह से दूर भागते हैं।
दूसरी ओर, सिरका रसोई के स्लैब और अलमारियों की सफाई करने में मदद करता है। चींटियां आमतौर पर एक-दूसरे के पीछे चलने के लिए फेरोमोन नामक गंध का रास्ता बनाती हैं। सिरके का छिड़काव इस गंध के रास्ते को मिटा देता है, जिससे चींटियों की कतार टूट जाती है और वे रास्ता भटक कर गायब हो जाती हैं।
इस्तेमाल करने का सही तरीका और समय
ट्विंकल खन्ना के अनुसार इस स्प्रे का अधिकतम लाभ उठाने के लिए इसे रात के समय इस्तेमाल करना सबसे बेहतर होता है। रात में जब रसोई का सारा काम खत्म हो जाए और बर्तन साफ हो जाएं, तब इसका छिड़काव करें।
रसोई की दराजों, अलमारियों के कोनों, काउंटरटॉप, सिंक के नीचे और उन तमाम जगहों पर स्प्रे करें जहां कीड़े आने की संभावना रहती है। रात भर इस तीखी गंध का असर बना रहता है, जिससे रात के अंधेरे में निकलने वाले कॉकरोच और चींटियां आसपास भी नहीं फटकतीं। यह नुस्खा न केवल सुरक्षित है, बल्कि आपके पैसे बचाने में भी मददगार है।



















