अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में मंगलवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने जापानी येन के मुकाबले अपनी मजबूती का सिलसिला जारी रखा। एशियाई कारोबारी सत्र की शुरुआत में 111.80 के निचले स्तर तक फिसलने के बाद खरीदारों की जोरदार वापसी देखी गई, जिसके चलते यह मुद्रा जोड़ी लगातार सातवें कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज करने में सफल रही। बाजार में आई इस तेजी के बावजूद हाजिर भाव पिछले सप्ताह के शीर्ष स्तर से थोड़ा नीचे बने रहे और दिन के दौरान लगभग 0.15 प्रतिशत की तेजी के साथ 112.15 से 112.20 के दायरे में कारोबार करते दिखे। वास्तविक समय के कारोबारी आंकड़ों में यह भाव 112.13 के आसपास दर्ज किया गया, जो पिछले बंद स्तर 111.83 की तुलना में 0.26 प्रतिशत की शुद्ध मजबूती को दर्शाता है।
केंद्रीय बैंकों के नीतिगत रुख में बढ़ता फासला
इस मुद्रा जोड़ी में आई तेजी की मुख्य वजह दोनों देशों के केंद्रीय बैंकों की विपरीत मौद्रिक नीतियां हैं। बैंक ऑफ जापान ने हाल ही में अपनी अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया। यह फैसला नीति निर्माताओं के 7-2 के बहुमत से लिया गया, जो पिछले 31 वर्षों का उच्चतम स्तर है। हालांकि यह कदम मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में उठाया गया था और काफी हद तक बाजार की पूर्व उम्मीदों के अनुरूप था, लेकिन इसके साथ आए नीतिगत संकेतों को बाजार ने काफी नरम माना। बैंक ऑफ जापान के इस रुख ने येन पर लगातार दबाव बनाए रखा है, जिससे जापानी मुद्रा अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन कर रही है।
इसके ठीक विपरीत, रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की तरफ से सख्त मौद्रिक नीति के संकेत मिल रहे हैं। रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर मिशेल बुलॉक की टिप्पणियों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मजबूत सहारा प्रदान किया है। इसके अलावा सहायक गवर्नर सारा हंटर के सख्त बयानों ने भी बाजार में ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा के प्रति निवेशकों के विश्वास को मजबूत किया है। सिडनी से मिल रहे इन तीखे संकेतों के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को व्यापक समर्थन मिला, जिससे येन के मुकाबले इसकी बढ़त को लगातार गति मिल रही है।
तकनीकी संकेत और प्रमुख कारोबारी स्तर
तकनीकी विश्लेषण के मोर्चे पर यह जोड़ी मिले-जुले लेकिन सकारात्मक संकेत दे रही है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी एमएसीडी संकेतक अब सकारात्मक दायरे में पहुंच चुका है, जहां लाइव आंकड़ों के अनुसार एमएसीडी -0.50 पर और सिग्नल लाइन -0.52 पर दर्ज है, जो 0.02 का तेजी वाला हिस्टोग्राम बना रही है। वहीं 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 51 से 52 के स्तर के आसपास बना हुआ है। यह स्थिति किसी आक्रामक ट्रेंड रिवर्सल के बजाय धीमी गति से हो रही रिकवरी की ओर इशारा करती है।
चार्ट पर नजर डालें तो 112.34 पर स्थित 50.0 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर तत्काल प्रतिरोध का काम कर रहा है। यदि खरीदार इस बाधा को पार करने में सफल होते हैं, तो अगला बड़ा लक्ष्य 61.8 प्रतिशत रिट्रेसमेंट स्तर 112.96 होगा। इसके बाद 78.6 प्रतिशत स्तर पर 113.85 और फिर 114.99 का 52-सप्ताह का उच्च दायरा प्रमुख बाधा बनेगा। गिरावट की स्थिति में 112.16 पर 100-दिवसीय ईएमए और 111.88 पर पिवट समर्थन उपलब्ध है। इसके नीचे 38.2 प्रतिशत फाइबोनैचि स्तर 111.71 और 23.6 प्रतिशत स्तर 110.94 पर स्थित हैं, जबकि मौजूदा तेजी का मुख्य ढांचागत आधार 109.68 से 109.70 के पास बना हुआ है।
टोक्यो से मुद्रा हस्तक्षेप की आशंका
हालांकि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में मजबूती का रुख बना हुआ है, लेकिन जापानी मुद्रा में अत्यधिक कमजोरी के चलते टोक्यो के अधिकारियों द्वारा विदेशी मुद्रा बाजार में सीधा हस्तक्षेप किए जाने का जोखिम बढ़ गया है। बाजार प्रतिभागी इस आशंका को लेकर सतर्क हैं कि जापानी वित्त मंत्रालय किसी भी समय मुद्रा को संभालने के लिए डॉलर और अन्य मुद्राओं की बिक्री शुरू कर सकता है। यही कारण है कि तेजी के रुझान के बावजूद कई कारोबारी ऊंचे स्तरों पर नए बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं।
पिछले सात दिनों के प्रदर्शन को देखें तो येन को अधिकांश प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले संघर्ष करना पड़ा है, हालांकि इस दौरान न्यूजीलैंड डॉलर के मुकाबले येन सबसे मजबूत स्थिति में दिखाई दिया। वैश्विक मुद्रा हीटमैप से स्पष्ट है कि येन का आधार मूल्य विभिन्न समकक्ष मुद्राओं के सापेक्ष लगातार दबाव का सामना कर रहा है।
व्यापक वैश्विक मुद्रा और जिंस बाजार का परिदृश्य
वैश्विक वित्तीय मंच पर अन्य संपत्तियों में भी महत्वपूर्ण हलचल देखने को मिल रही है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7100 के स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है, जिसे ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक के अधिकारियों के सख्त बयानों से सहारा मिला है। फिर भी मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक नीतिगत दृष्टिकोण के चलते अमेरिकी डॉलर की अंतर्निहित मजबूती बनी हुई है, जो ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा की तेजी को सीमित कर सकती है। साथ ही बाजार की निगाहें इस सप्ताह के अंत में होने वाले अहम ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन पर टिकी हैं।
उधर अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी एशियाई कारोबार में 157.50 के आसपास मामूली बढ़त के साथ कारोबार करती दिखी, जहां जापानी अधिकारियों के हस्तक्षेप का डर येन के नुकसान को सीमित कर रहा है। कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतें मंगलवार की शुरुआत में 4,350 डॉलर प्रति औंस के आसपास संघर्ष करती नजर आईं, क्योंकि ऊंचे स्तरों पर लगातार बिकवाली देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई गिरावट के बीच अमेरिकी डॉलर अपने पिछले लाभ को समेटता दिखा, जबकि सोने का दैनिक आरएसआई तटस्थ बना रहा।















