केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। देश भर के लाखों छात्र थ्योरी परीक्षाओं के आधिकारिक कार्यक्रम की प्रतीक्षा में हैं। पिछले शैक्षणिक सत्रों के ढर्रे को देखें तो बोर्ड सामान्य तौर पर अक्टूबर के अंतिम दिनों या नवंबर के पहले सप्ताह तक पूरा परीक्षा कार्यक्रम सार्वजनिक कर देता है। छात्र अपने संबंधित विषयों की समय सारिणी की पुष्टि करने के लिए आधिकारिक पोर्टल पर नजर बनाए रख सकते हैं।
नवंबर के पहले हफ्ते तक टाइमटेबल जारी होने की उम्मीद
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड दोनों कक्षाओं के लिए विस्तृत समय सारिणी बहुत जल्द आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने की दिशा में काम कर रहा है। पुराने ट्रेंड्स बताते हैं कि टाइमटेबल अक्टूबर अंत तक सामने आ जाता रहा है, इसलिए पूरी संभावना है कि नवंबर के शुरुआती हफ्ते तक इसे ऑनलाइन उपलब्ध करवा दिया जाएगा। परीक्षार्थियों को असत्यापित जानकारियों और सोशल मीडिया की अटकलों से बचते हुए केवल आधिकारिक पोर्टल cbse.gov.in पर जारी होने वाली अधिसूचना पर ही विश्वास करना चाहिए। डेटशीट डाउनलोड करने के बाद प्रत्येक विषय के नाम के साथ उसके विषय कोड का मिलान करना बेहद जरूरी होता है ताकि किसी भी तरह के भ्रम की गुंजाइश न बचे।
फरवरी के मध्य से शुरू हो सकते हैं मुख्य थ्योरी पेपर
शैक्षणिक सत्र 2027 की मुख्य लिखित परीक्षाओं की शुरुआत फरवरी 2027 के दूसरे पखवाड़े में होने की संभावना है। सामान्य तौर पर 15 से 17 फरवरी के आसपास से बड़े विषयों के इम्तिहान शुरू कर दिए जाते हैं। इस अवधि तक उत्तर भारत समेत कई हिस्सों में कड़ाके की सर्दी का असर कम होने लगता है, जिससे सुबह की पाली में परीक्षा केंद्रों तक आवागमन छात्रों के लिए सुगम हो जाता है। मुख्य लिखित परीक्षा शुरू होने से पूर्व जनवरी के महीने में सभी संबद्ध स्कूलों में प्रायोगिक परीक्षाएं और आंतरिक मूल्यांकन के कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।
10वीं कक्षा के लिए दो बार बोर्ड परीक्षा का विकल्प
इस बार 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, जिसके तहत उन्हें साल में दो बार बोर्ड परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाएगा। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के अनुरूप विद्यार्थियों पर से वार्षिक परीक्षा के मानसिक तनाव को कम करने के उद्देश्य से यह दो चरणों वाला प्रारूप प्रस्तावित किया गया है। योजना के अनुसार पहली परीक्षा फरवरी और मार्च के दौरान कराई जा सकती है, जबकि दूसरी परीक्षा मई के आसपास आयोजित होने का अनुमान है। इस दोहरी व्यवस्था का सीधा लाभ उन छात्रों को मिलेगा जो अपने अंकों और समग्र परिणाम में सुधार करना चाहते हैं।
प्री बोर्ड और बचे हुए समय की ठोस रणनीति
अधिकांश संबद्ध विद्यालयों में प्री बोर्ड परीक्षाओं का सिलसिला पहले ही आरंभ हो चुका है। इस शैक्षणिक सत्र में अधिकांश स्कूलों ने छात्रों की तैयारी को मजबूत करने के लिए दो बार प्री बोर्ड इम्तिहान कराने की योजना बनाई है। छात्रों को चाहिए कि वे आधिकारिक पाठ्यक्रम को सामने रखकर अपने अंतिम दोहराव का समय निर्धारित करें। जिन अध्यायों या विषयों में संकल्पना स्पष्ट न हो, उन्हें अपने स्कूल अथवा ट्यूशन शिक्षकों से तुरंत समझ लेना चाहिए ताकि परीक्षा से ठीक पहले घबराहट की स्थिति पैदा न हो।
अंतिम दौर में रिवीजन और मॉक टेस्ट पर दें ध्यान
परीक्षा कार्यक्रम के आने की प्रतीक्षा में बहुमूल्य समय गंवाने के बजाय सुनियोजित अध्ययन पर ध्यान केंद्रित करना अधिक फलदायी साबित होगा। सत्र के इस पड़ाव तक स्कूलों में पाठ्यक्रम अमूमन समाप्त हो जाता है, इसलिए पूरा जोर बारंबार अभ्यास पर होना चाहिए। हर दिन घड़ी में समय निर्धारित करके कम से कम एक मॉडल टेस्ट पेपर अथवा पूर्व वर्षों के प्रश्नपत्र हल करने का नियम बनाएं। नियमित अभ्यास से न केवल उत्तर लिखने की गति में सुधार होता है, बल्कि परीक्षा कक्ष के दबाव को संभालने का आत्मविश्वास भी बढ़ता है। जिन विषयों में पकड़ कमजोर लगे उन पर अतिरिक्त समय लगाएं और साथियों के साथ मिलकर कठिन बिंदुओं पर चर्चा करें।



















