राष्ट्रीय राजधानी में त्योहारों की गहमागहमी के बीच राजनीतिक आयोजनों को लेकर कारोबारी समुदाय में चिंता देखी जा रही है। शिवसेना प्रवक्ता कृष्ण हेगड़े ने दिल्ली के व्यापारिक संगठनों की परेशानियों को सामने रखते हुए विपक्षी दलों के कार्यक्रमों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि त्योहारों के महत्वपूर्ण समय पर राजनीतिक आंदोलनों और रैलियों की वजह से खुदरा और थोक बाजारों में सामान्य जनजीवन और व्यापार बुरी तरह प्रभावित होता है। इसके साथ ही उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के रुख, समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान पर प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई और पंजाब के राजनीतिक परिदृश्य पर विस्तृत विचार रखे।
त्योहारी खरीदारी और व्यापारियों का भारी नुकसान
व्यापारिक गतिविधियों के संदर्भ में कृष्ण हेगड़े ने बताया कि दशहरा और उसके आसपास चले सीजेपी, कांग्रेस तथा विपक्षी गठबंधन के आंदोलनों के दौरान राजधानी के बाजारों में भारी आर्थिक असर पड़ा। उनके अनुसार, इस अवधि में दिल्ली के व्यापारियों को प्रतिदिन लगभग दो हजार करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा। इस स्थिति ने न केवल दुकानदारों और थोक विक्रेताओं के वित्तीय संतुलन को बिगाड़ा, बल्कि उनसे जुड़े लाखों परिवारों की आजीविका पर भी गहरा संकट पैदा किया।
त्योहारों के दिनों में आम नागरिक घरेलू सामान, उपहार और नए वस्त्रों की खरीदारी के लिए बाजारों का रुख करते हैं। ऐसे संवेदनशील दौर में यदि राजनीतिक रैलियों के कारण रास्ते अवरुद्ध होते हैं या दुकानें बंद करनी पड़ती हैं, तो ग्राहकों को भारी असुविधा होती है। कृष्ण हेगड़े ने रेखांकित किया कि कारोबारियों ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से एक नवंबर को प्रस्तावित रैली को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया था, ताकि लाखों व्यापारियों का कामकाज ठप होने से बचाया जा सके।
आजम खान की गिरफ्तारी और प्रवर्तन निदेशालय की जांच
उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़े घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कृष्ण हेगड़े ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के मामले पर भी टिप्पणी की। आजम खान के जेल से रिहा होते ही दोबारा हुई गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी कई पुराने और लंबित मामलों में उनसे पूछताछ करने जा रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रवर्तन निदेशालय की इस छानबीन से पूरे मामले में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि आजम खान पहले भी जेल में सजा काट चुके हैं और कानूनी प्रक्रिया अपने तय नियमों के अनुसार आगे बढ़ रही है।
पंजाब की राजनीतिक स्थिति और नशा मुक्ति का संकल्प
आगामी विधानसभा चुनावों की चर्चा करते हुए शिवसेना प्रवक्ता ने पंजाब के वर्तमान प्रशासनिक और सामाजिक हालात को बेहद चिंताजनक करार दिया। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता मौजूदा व्यवस्था से त्रस्त महसूस कर रही है। पिछले चुनाव में मतदाताओं ने आम आदमी पार्टी को मौका दिया था, लेकिन इसके बावजूद न तो भ्रष्टाचार में कोई कमी आई और न ही नशीले पदार्थों के फैलाव पर रोक लग सकी।
कृष्ण हेगड़े ने कहा कि पंजाब में नशीले पदार्थों की लत एक विकराल सामाजिक संकट बन चुकी है, जिससे वहां की युवा पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए के प्रमुख प्रचारक तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि यदि राज्य में गठबंधन की सरकार बनती है, तो पंजाब को पूर्ण रूप से नशा मुक्त बनाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के संभावित तालमेल पर नजर
पंजाब में चुनावी समीकरणों को लेकर कृष्ण हेगड़े ने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत भी दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है और दोनों दलों का साथ आना लगभग तय माना जा रहा है। इस संभावित राजनीतिक समझौते की औपचारिक घोषणा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा भाजपा का शीर्ष नेतृत्व आने वाले दिनों में करेगा।




















