जयपुर के ऐतिहासिक चारदीवारी इलाके के प्रमुख बाजारों में रोशनी और सजावटी सामानों की भरमार के साथ त्योहारी माहौल पूरी तरह तैयार हो चुका है। दुकानों को रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट से सजाया गया है, जहां पूजन सामग्री, घर की सजावट की वस्तुएं, पटाखे, मिठाइयां, परिधान, जूते और दैनिक उपयोग का सामान पूरी तरह उपलब्ध है। व्यापारी अपनी पूरी तैयारी के साथ ग्राहकों का स्वागत करने के लिए बैठे हैं। हर वर्ष की भांति इस बार भी चारदीवारी के ये ऐतिहासिक बाजार स्थानीय निवासियों के साथ-साथ देशी और विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं।
सजावट के बीच पसरा सन्नाटा और कारोबारियों की चिंता
बाजारों में चकाचौंध और भारी सजावट के बावजूद दुकानदारों के चेहरों पर ग्राहकी की कमी के कारण चिंता साफ नजर आ रही है। व्यापारियों का कहना है कि दीपोत्सव के इस मौसम में जैसी तेज बिक्री की उम्मीद हर साल बांधी जाती है, वैसी खरीदारी अभी तक जमीन पर दिखाई नहीं दे रही है। बड़ी संख्या में लोग दुकानों पर पहुंच तो रहे हैं, मगर वे केवल विभिन्न वस्तुओं के दाम पूछने के बाद बिना खरीदारी किए ही आगे बढ़ जाते हैं। व्यापारियों के अनुसार बाजारों में पैदल चलने वालों और घूमने वालों की भीड़ तो जुट रही है, लेकिन वास्तविक नकद लेन-देन और बिक्री की गति बेहद सुस्त बनी हुई है।
बजट को लेकर सतर्कता और ग्राहकों का बदला मिजाज
दुकानदारों का मानना है कि आम जनता की क्रय क्षमता और खर्च करने के तरीके पर साफ असर पड़ रहा है। पूर्व के वर्षों में त्योहारी सीजन के दौरान लोग बाजार में कदम रखते ही जरूरत का सामान बिना सोचे-समझे खरीद लिया करते थे, परंतु इस बार ग्राहक पहले अपनी जेब और पारिवारिक बजट का बारीक आकलन कर रहे हैं। दूर-दराज के इलाकों से व्यापार करने आए विक्रेता भी ग्राहकों की संख्या बढ़ने की बाट जोह रहे हैं। इसके विपरीत खरीदारी करने पहुंचे लोगों का तर्क है कि दिवाली की खरीदारी में किसी प्रकार की जल्दबाजी दिखाने की आवश्यकता नहीं है। बाजारों में वस्तुओं के ढेरों विकल्प मौजूद हैं, इसलिए वे पहले विभिन्न दुकानों पर जाकर उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन और मूल्यों की तुलना कर रहे हैं ताकि बाद में अपने तय बजट के अनुसार सही चयन कर सकें। ग्राहकों का यह भी मानना है कि त्योहार की मुख्य तारीखें और करीब आने पर बाजार में नई किस्में और बेहतर विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं।
सप्ताहांत की चहल-पहल और आगामी दिनों से आस
रविवार के दिन जयपुर की चारदीवारी के बाजारों में बड़ी संख्या में खरीदारों और पर्यटकों की आवाजाही दर्ज की गई, जिससे बाजारों की चमक-दमक और रौनक में कुछ बढ़ोतरी देखने को मिली। दुकानदारों को पूरा भरोसा है कि जैसे-जैसे दीपोत्सव का मुख्य दिन पास आएगा, वैसे-वैसे खरीदारी की रफ्तार में भी तेजी आएगी और काउंटरों पर ग्राहकों का हुजूम उमड़ेगा। वर्तमान में जयपुर का ऐतिहासिक परकोटा क्षेत्र रोशनी, सजावट और स्टॉक के मामले में पर्व के स्वागत के लिए पूरी तरह सुसज्जित है। अब सभी व्यापारियों की निगाहें केवल उसी वास्तविक ग्राहकी पर टिकी हैं, जिसका वे पूरे साल बेसब्री से इंतजार करते हैं।




















