दीपावली से पहले रंग-बिरंगी लोककला से संवरा कोटा का कोटड़ी फ्लाईओवर, दीवारों पर दिखी हाड़ौती और राजस्थान की संस्कृतिपारंपरिक मिठाइयों से आगे बढ़कर अपनाएं ये उपयोगी दिवाली गिफ्ट विकल्पघर पर तैयार करें चुकंदर और सफेद उड़द दाल की खस्ता जलेबी, रबड़ी के साथ ऐसे बनाएं खास मिठाईत्योहारी सीजन में बॉलीवुड अभिनेत्रियों के इंडो-वेस्टर्न स्टाइल से पाएं फेस्टिव पार्टियों के लिए आकर्षक लुककर्क राशि में मंगल और चंद्रमा की युति से बना महालक्ष्मी राजयोग, 1 से 3 नवंबर 2026 तक तीन राशियों को धन और करियर में लाभईश सोढ़ी को पछाड़कर मिचेल सैंटनर बने न्यूजीलैंड के सबसे अनुभवी T20I क्रिकेटरनवंबर के पहले हफ्ते में 40 से अधिक शेयरों पर बड़ा एक्शन, डिविडेंड, बोनस और स्टॉक स्प्लिट की पूरी लिस्टमणिपुर में ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक 2026 की शुरुआत, मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने पर्यावरण संरक्षण का दिलाया संकल्पखराब मौसम की चेतावनी के बावजूद उड़ान की मंजूरी से चमोली हादसे पर बढ़ा विवादचंडीगढ़ पुलिस को मिला प्रेसिडेंट्स कलर, 4 मिनट के रिस्पॉन्स टाइम पर गृह मंत्री ने दी बधाई
गुलाबी नगरी की सजी चारदीवारी में खरीदारी की सुस्त चाल से दुकानदार परेशानराजस्थान
1 नव॰ 2026, 2:23 pm (1 घंटे पहले)· 1

गुलाबी नगरी की सजी चारदीवारी में खरीदारी की सुस्त चाल से दुकानदार परेशान

जयपुर के पारंपरिक बाजारों में रोशनी और सजावट के बीच ग्राहकों की आमद तो शुरू हो गई है, लेकिन लोग अभी सिर्फ दाम पूछकर लौट रहे हैं जिससे कारोबारी मायूस हैं।

जयपुर के ऐतिहासिक चारदीवारी इलाके के प्रमुख बाजारों में रोशनी और सजावटी सामानों की भरमार के साथ त्योहारी माहौल पूरी तरह तैयार हो चुका है। दुकानों को रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट से सजाया गया है, जहां पूजन सामग्री, घर की सजावट की वस्तुएं, पटाखे, मिठाइयां, परिधान, जूते और दैनिक उपयोग का सामान पूरी तरह उपलब्ध है। व्यापारी अपनी पूरी तैयारी के साथ ग्राहकों का स्वागत करने के लिए बैठे हैं। हर वर्ष की भांति इस बार भी चारदीवारी के ये ऐतिहासिक बाजार स्थानीय निवासियों के साथ-साथ देशी और विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं।

सजावट के बीच पसरा सन्नाटा और कारोबारियों की चिंता

बाजारों में चकाचौंध और भारी सजावट के बावजूद दुकानदारों के चेहरों पर ग्राहकी की कमी के कारण चिंता साफ नजर आ रही है। व्यापारियों का कहना है कि दीपोत्सव के इस मौसम में जैसी तेज बिक्री की उम्मीद हर साल बांधी जाती है, वैसी खरीदारी अभी तक जमीन पर दिखाई नहीं दे रही है। बड़ी संख्या में लोग दुकानों पर पहुंच तो रहे हैं, मगर वे केवल विभिन्न वस्तुओं के दाम पूछने के बाद बिना खरीदारी किए ही आगे बढ़ जाते हैं। व्यापारियों के अनुसार बाजारों में पैदल चलने वालों और घूमने वालों की भीड़ तो जुट रही है, लेकिन वास्तविक नकद लेन-देन और बिक्री की गति बेहद सुस्त बनी हुई है।

ये भी पढ़ें

बजट को लेकर सतर्कता और ग्राहकों का बदला मिजाज

दुकानदारों का मानना है कि आम जनता की क्रय क्षमता और खर्च करने के तरीके पर साफ असर पड़ रहा है। पूर्व के वर्षों में त्योहारी सीजन के दौरान लोग बाजार में कदम रखते ही जरूरत का सामान बिना सोचे-समझे खरीद लिया करते थे, परंतु इस बार ग्राहक पहले अपनी जेब और पारिवारिक बजट का बारीक आकलन कर रहे हैं। दूर-दराज के इलाकों से व्यापार करने आए विक्रेता भी ग्राहकों की संख्या बढ़ने की बाट जोह रहे हैं। इसके विपरीत खरीदारी करने पहुंचे लोगों का तर्क है कि दिवाली की खरीदारी में किसी प्रकार की जल्दबाजी दिखाने की आवश्यकता नहीं है। बाजारों में वस्तुओं के ढेरों विकल्प मौजूद हैं, इसलिए वे पहले विभिन्न दुकानों पर जाकर उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन और मूल्यों की तुलना कर रहे हैं ताकि बाद में अपने तय बजट के अनुसार सही चयन कर सकें। ग्राहकों का यह भी मानना है कि त्योहार की मुख्य तारीखें और करीब आने पर बाजार में नई किस्में और बेहतर विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं।

सप्ताहांत की चहल-पहल और आगामी दिनों से आस

रविवार के दिन जयपुर की चारदीवारी के बाजारों में बड़ी संख्या में खरीदारों और पर्यटकों की आवाजाही दर्ज की गई, जिससे बाजारों की चमक-दमक और रौनक में कुछ बढ़ोतरी देखने को मिली। दुकानदारों को पूरा भरोसा है कि जैसे-जैसे दीपोत्सव का मुख्य दिन पास आएगा, वैसे-वैसे खरीदारी की रफ्तार में भी तेजी आएगी और काउंटरों पर ग्राहकों का हुजूम उमड़ेगा। वर्तमान में जयपुर का ऐतिहासिक परकोटा क्षेत्र रोशनी, सजावट और स्टॉक के मामले में पर्व के स्वागत के लिए पूरी तरह सुसज्जित है। अब सभी व्यापारियों की निगाहें केवल उसी वास्तविक ग्राहकी पर टिकी हैं, जिसका वे पूरे साल बेसब्री से इंतजार करते हैं।

सवाल-जवाब

जयपुर की चारदीवारी में दिवाली को लेकर कैसी तैयारियां की गई हैं?
चारदीवारी के बाजारों को रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट से सजाया गया है, जहां पूजा सामग्री, सजावटी सामान, कपड़े, जूते, पटाखे और मिठाइयों का पूरा स्टॉक उपलब्ध है।
दुकानदारों के चेहरों पर मायूसी का मुख्य कारण क्या है?
दुकानों पर लोगों की भारी आवाजाही होने के बावजूद वास्तविक खरीदारी की रफ्तार बेहद धीमी है और लोग बिना सामान खरीदे दाम पूछकर लौट रहे हैं।
ग्राहक तुरंत खरीदारी करने से क्यों बच रहे हैं?
ग्राहक अपने बजट का आकलन कर रहे हैं और दुकानों पर जाकर सामान की गुणवत्ता, डिजाइन और कीमतों की तुलना करने के बाद ही निर्णय लेना चाहते हैं।
रविवार को बाजार में क्या स्थिति देखने को मिली?
रविवार को चारदीवारी के बाजारों में बड़ी संख्या में स्थानीय खरीदारों और पर्यटकों की आवाजाही रही, जिससे बाजार में रौनक तो बढ़ी लेकिन बिक्री सामान्य गति से ही चली।
व्यापारियों को आने वाले दिनों से क्या उम्मीद है?
व्यापारियों को उम्मीद है कि जैसे-जैसे दिवाली का त्योहार नजदीक आएगा, खरीदारी की रफ्तार तेज होगी और दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ के साथ बिक्री भी बढ़ेगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·42 मिनट पहले

सिर्फ दाम पूछकर लौट जाना अब आम बात हो गई है, जेब देखकर ही लोग खरीदारी कर रहे हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·41 मिनट पहले

करण भाई, सही कहा आपने। पर क्या सच में लोग आखिरी दिनों में ज्यादा खरीदारी करेंगे या इस बार बजट सच में बहुत टाइट है?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp