कला और अभिनय का जुनून जब इंसान के सिर चढ़कर बोलता है, तो भौगोलिक सीमाएं कभी आड़े नहीं आतीं। राजस्थान के मारवाड़ अंचल में स्थित नाडोल कस्बे के एक साधारण परिवार में पले-बढ़े विकल्प मेहता ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है। आज छोटे पर्दे से लेकर बड़े आयोजनों तक उनकी मौजूदगी दर्शकों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर देती है। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अक्षय कुमार का रूप-रंग, हाव-भाव और उनकी तेजतर्रार संवाद अदायगी को इतने सटीक ढंग से पेश करना ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गया है। बिना किसी गॉडफादर के मुंबई जैसे महानगर में आकर अपनी जगह पक्की करना आसान नहीं था, मगर अपने हुनर पर अटूट भरोसे ने उनके इस सफर को यादगार बना दिया।
सहपाठियों की हंसी से शुरू हुआ नकल उतारने का सफर
विकल्प की शुरुआती तालीम अपने गृह राज्य में ही पूरी हुई। विद्यार्थी जीवन के दौरान वे अक्सर कक्षा में शिक्षकों, घर पर रिश्तेदारों और खेल के मैदान में दोस्तों की हूबहू आवाजें निकालकर सबका मनोरंजन किया करते थे। उस दौर में उन्हें यह अहसास तक नहीं था कि जिस शौक को वे खेल-खेल में आजमा रहे हैं, उसे मंच की दुनिया में मिमिक्री के नाम से जाना जाता है। वे इसे सहज अभिनय मात्र मानते थे। धीरे-धीरे दोस्तों ने गौर किया कि उनके चेहरे की बनावट, मुस्कान और शारीरिक भाषा बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार से काफी मेल खाती है। इसी समानता के चलते स्कूल और कॉलेज के साथी उन्हें प्यार से 'अक्षय' कहकर पुकारने लगे, जिसने अनजाने में ही उनके भविष्य की दिशा तय कर दी थी।
क्रिकेट और अभिनय के बीच असमंजस, फिर पिता की अहम शर्त
बारहवीं की परीक्षा पास करने के बाद विकल्प के सामने अपनी आजीविका चुनने का गंभीर प्रश्न खड़ा हुआ। वे खेल के मैदान में बल्ला थामकर क्रिकेट में हाथ आजमाना चाहते थे, मगर उस क्षेत्र में जरूरी संसाधनों और वित्तीय सुविधाओं की भारी तंगी थी। दूसरी ओर अभिनय का स्वाभाविक खिंचाव था, जिसमें उनकी पकड़ मजबूत थी। गहन सोच-विचार के उपरांत उन्होंने कला के रास्ते पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया। उनके पिता, जो जीवन बीमा निगम में अपनी सेवाएं दे रहे थे, उन्होंने बेटे की महत्वाकांक्षा को पूरी तरह नकारा नहीं, बल्कि एक व्यावहारिक शर्त रखी। पिता का कहना था कि पहले वे अपनी उच्च शिक्षा पूरी करें, ताकि जीवन में एक बुनियादी आधार तैयार रहे, फिर वे अपनी रुचि के किसी भी क्षेत्र में कदम रख सकते हैं। करीब सत्रह से अठारह वर्ष की उम्र में जब परिवारजनों और नजदीकी मित्रों ने उनके असाधारण हुनर को परखा, तो सबने एक सुर में इसे पेशेवर रूप देने की सलाह दी।
अहमदाबाद में पहला ऑडिशन और मायानगरी की पहली दस्तक
अपने कौशल को व्यापक मंच पर परखने के लिए उन्होंने साल 2009 में कदम बढ़ाया। उस समय सोनी टीवी का रियलिटी शो 'एंटरटेनमेंट के लिए कुछ भी करेगा' काफी लोकप्रिय था। गुजरात के अहमदाबाद शहर में आयोजित ऑडिशन में उन्होंने अपनी किस्मत आजमाई। पहले ही प्रयास में चयनकर्ताओं ने उनकी प्रतिभा को पहचान कर उन्हें मुख्य शो के लिए चुन लिया। इसके बाद उन्हें मुंबई बुलाया गया, जहां मशहूर यशराज स्टूडियो के भव्य मंच पर उनके कार्यक्रम का फिल्मांकन हुआ। प्रसारण के बाद उनके प्रदर्शन को भारी वाहवाही मिली, जिसने उनके पेशेवर मिमिक्री सफर की औपचारिक नींव रख दी।
महबूब स्टूडियो में दिनभर का इंतजार और दिग्गज अभिनेता से मुलाकात
अपनी सफल शुरुआत के बाद साल 2010 में वे रेलगाड़ी पकड़कर पाली से मुंबई पहुंच गए। उस दौर में अभिनेता अक्षय कुमार 'पटियाला हाउस' की शूटिंग में व्यस्त थे। विकल्प ने महबूब स्टूडियो पहुंचकर पूरे दिन सब्र के साथ प्रतीक्षा की। घंटों बीतने के बाद आखिरकार वह क्षण आया जब वे अपने आदर्श कलाकार के रूबरू हुए। करीब साठ सेकंड की उस संक्षिप्त भेंट में सुपरस्टार ने न केवल बेहद गर्मजोशी से मुस्कराते हुए उनसे बातचीत की, बल्कि साथ में तस्वीर भी खिंचवाई। यह मुलाकात उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान दे गई। आगे चलकर जब उन्हें 'कॉमेडी सर्कस' के सेट पर खुद अक्षय कुमार के साथ मंच साझा करने का सुअवसर मिला, तो उनका बरसों पुराना ख्वाब हकीकत में तब्दील हो गया। वर्तमान समय में वे व्यस्त दिनचर्या के दौरान कई विज्ञापनों और प्रोजेक्ट्स में उस मशहूर अभिनेता के लिए डबिंग का काम भी संभालते हैं।
दशक भर का अनुभव और कला के प्रति आपसी आदर
पिछले दस सालों से भी अधिक अरसे से वे निरंतर इस विधा को निखार रहे हैं। मनोरंजन उद्योग में अक्सर ऐसा देखा जाता है कि कई जाने-माने सितारे अपनी नकल उतारे जाने पर नाराजगी जाहिर करते हैं। इसके विपरीत, अक्षय कुमार का रुख हमेशा सहयोगी और आत्मीय रहा है। विकल्प अब तक उनसे लगभग दस से बारह मर्तबा मुलाकात कर चुके हैं। प्रत्येक बैठक में दिग्गज अभिनेता ने उन्हें पूरा मान-सम्मान दिया, उनके काम की बारीकियों को सराहा और कला जगत में नई ऊंचाइयों को छूने की प्रेरणा दी।
जब मंच पर सलमान खान ने बजाई सीटी
उनके कलात्मक सफर में एक अविस्मरणीय पड़ाव तब आया जब 'द कपिल शर्मा शो' के मंच पर अभिनेता सलमान खान बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे। विकल्प के अभिनय की शुरुआत होते ही हॉल में मौजूद सलमान ने उत्साह में सीटी बजाकर उनका स्वागत किया। प्रस्तुति समाप्त होने के उपरांत उन्होंने विकल्प को मंच पर आमंत्रित किया और खुले दिल से उनकी सराहना की। कार्यक्रम के पटकथा लेखकों ने भी माना कि किसी कलाकार को सलमान की तरफ से इस दर्जे की सार्वजनिक तारीफ मिलना एक दुर्लभ घटना है। विकल्प उस पल को अपनी समूची कला-यात्रा का अनमोल उपहार मानते हैं।
छोटे पर्दे से डिजिटल दुनिया तक का विस्तार
टेलीविजन के क्षेत्र में उन्होंने 'द कपिल शर्मा शो', 'इंडियाज गॉट टैलेंट', 'कॉमेडी सर्कस', 'एंटरटेनमेंट के लिए कुछ भी करेगा' और 'द ग्रेट इंडियन फैमिली ड्रामा' जैसे प्रसिद्ध कार्यक्रमों के जरिए हर घर में अपनी पहचान कायम की। इसके अतिरिक्त उन्होंने 'Bhai Tera Star Hai' और 'Social Mandiya' जैसे प्रोजेक्ट्स और वेब शोज में भी अपने अभिनय के विविध रंग दिखाए। डिजिटल जगत में उन्होंने खुद का शो 'कॉमेडी विद एक' भी तैयार किया। एक सुदूर देहाती इलाके से निकलकर मायानगरी के फलक पर छा जाने वाली उनकी यह यात्रा साबित करती है कि यदि इरादे मजबूत हों, तो कोई भी सपना असंभव नहीं होता।



















