डेटा साइंस को इक्कीसवीं सदी का नया ईंधन कहा जाता है क्योंकि आज हर छोटी और बड़ी कंपनी अपने व्यापार का विस्तार करने, सटीक निर्णय लेने तथा उपभोक्ताओं की प्राथमिकताओं को समझने के लिए डेटा का बड़े पैमाने पर उपयोग कर रही है। यही कारण है कि डेटा साइंस वर्तमान समय के सबसे चर्चित और सर्वाधिक वेतन देने वाले करियर विकल्पों में अपनी जगह बना चुका है। यदि आप भी इस क्षेत्र में अपनी एक खास पहचान बनाना चाहते हैं, तो यह दिशा आपके पेशेवर जीवन को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा सकती है।
इस क्षेत्र में कदम रखने से पहले यह समझना अत्यंत आवश्यक है कि केवल कोई सामान्य डिग्री या संक्षिप्त पाठ्यक्रम पूरा कर लेना ही पर्याप्त नहीं होता। इस उद्योग में आगे बढ़ने के लिए कुछ विशिष्ट तकनीकी और व्यावहारिक कौशलों पर ध्यान देना अनिवार्य है। इन बुनियादी कौशलों पर मजबूत पकड़ बनाकर आप एक बेहतरीन वेतन वाली आकर्षक नौकरी प्राप्त कर सकते हैं। आइए उन सात प्रमुख और आवश्यक कौशलों के बारे में जानते हैं जो हर कुशल डेटा साइंटिस्ट के पास होने चाहिए।
डेटा साइंस में सफलता के लिए जरूरी कौशल
आजकल तमाम युवा डेटा साइंस से जुड़े अंशकालिक या पूर्णकालिक पाठ्यक्रम कर रहे हैं, जिससे उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। यदि आप भी इस क्षेत्र में अपना भविष्य संवारने के इच्छुक हैं, तो यहाँ वे सात कौशल दिए गए हैं जो आपके करियर को तेज गति देने में सहायता करेंगे।
डेटा साइंस की शुरुआत कोडिंग से होती है। पाइथन इस क्षेत्र की सबसे सरल और लोकप्रिय भाषा मानी जाती है क्योंकि इसमें डेटा के प्रबंधन के लिए बड़ी संख्या में लाइब्रेरी उपलब्ध होती हैं। इसके अलावा सांख्यिकी के कार्यों के लिए आर भाषा का उपयोग भी बहुत लाभकारी साबित होता है।
विशाल डेटा के भंडारों से सही अर्थ निकालने के लिए गणितीय ज्ञान का होना बहुत जरूरी है। प्रायिकता, रैखिक बीजगणित और सांख्यिकी के सूत्र ही डेटा के छुपे हुए पैटर्न को सही ढंग से समझने और उसके आधार पर सटीक आकलन करने में सहायता करते हैं.
कंपनियों को मिलने वाला डेटा अक्सर बिखरा हुआ और अधूरा होता है। उस अव्यवस्थित डेटा को स्वच्छ करना, उसकी विसंगतियों को दूर करना और उसे उपयोग के योग्य बनाना एक डेटा साइंटिस्ट के सबसे महत्वपूर्ण दायित्वों में गिना जाता है।
डेटा के आधार पर ऐसे मॉडल विकसित करना जो भविष्य की घटनाओं का पूर्वानुमान लगा सकें, मशीन लर्निंग कहलाता है। इसके लिए पर्यवेक्षित और गैर-पर्यवेक्षित शिक्षण प्रणालियों के विभिन्न एल्गोरिदम की स्पष्ट समझ होना भी आवश्यक है।
जटिल आंकड़ों को सरल चार्ट और ग्राफ के रूप में प्रदर्शित करना एक महत्वपूर्ण खूबी है। इसके लिए टैब्लू, पावर बीआई या पाइथन की मैटप्लॉटलिब जैसी लाइब्रेरी सीखनी पड़ती हैं, जिससे गैर-तकनीकी पृष्ठभूमि के लोग भी आपकी बात को आसानी से समझ सकें।
कंपनियों का डेटा रिलेशनल डेटाबेस में सुरक्षित रहता है। स्ट्रक्चर्ड क्वेरी लैंग्वेज की सहायता से आप उस विशाल डेटाबेस से अपनी आवश्यकतानुसार डेटा निकाल सकते हैं और उस पर सुगमता से काम कर सकते हैं।
तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ कंपनी के व्यावसायिक मॉडल की समझ होना भी अनिवार्य है। डेटा से प्राप्त निष्कर्षों को कंपनी के उच्च अधिकारियों को सरल भाषा में समझाना ही आपको किसी साधारण कोडर से अलग और अधिक मूल्यवान बनाता है।



















