गुजरात के बोटाद जिले में स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय ने शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। पीएम श्री डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन नगर प्राथमिक स्कूल नंबर 24 की शैक्षणिक गुणवत्ता और आधुनिक सुविधाओं से प्रभावित होकर माता-पिता अपने बच्चों को महंगे प्राइवेट स्कूलों से निकालकर यहाँ दाखिला दिला रहे हैं। वर्तमान में पहली से आठवीं कक्षा तक कुल 1,364 छात्र यहाँ अध्ययनरत हैं। स्कूल की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस शैक्षणिक सत्र में जगह न मिल पाने के कारण करीब 250 बच्चों को वेटिंग लिस्ट में रहना पड़ा है।
प्राइवेट स्कूलों को छोड़ सरकारी विद्यालय का रुख कर रहे अभिभावक
इस विद्यालय की सबसे बड़ी उपलब्धि समाज के हर वर्ग में इसका गहरा विश्वास है। यह संस्थान केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि संपन्न और प्रशासनिक सेवा से जुड़े परिवार भी अपने बच्चों के भविष्य के लिए इसी स्कूल का चुनाव कर रहे हैं। वर्तमान में पुलिस सब-इंस्पेक्टर्स और बैंक कर्मचारियों जैसे वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के लगभग 82 बच्चे इस सरकारी स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। अभिभावकों का मानना है कि जो शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं यहाँ मिल रही हैं, वे महंगे निजी स्कूलों में भी दुर्लभ हैं।
डिजिटल शिक्षा और प्रैक्टिकल लर्निंग पर विशेष ध्यान
स्कूल प्रशासन ने रटने की परंपरा को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। प्रिंसिपल भूमिका पटेल के अनुसार, अभिभावकों का भरोसा जीतने का मुख्य कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर दिया जाने वाला जोर है। नई शिक्षा नीति के सिद्धांतों को अपनाते हुए यहाँ की 31 समर्पित शिक्षकों की टीम छात्रों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती है। स्कूल में अत्याधुनिक स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक साइंस लैब और सुसज्जित कंप्यूटर लैब स्थापित की गई हैं, जहाँ डिजिटल माध्यमों और प्रयोगात्मक तरीकों से विषयों को सरलता से समझाया जाता है।
खेलकूद और प्रतियोगी परीक्षाओं में अव्वल प्रदर्शन
किताबी ज्ञान के साथ-साथ यह विद्यालय खेल और कलात्मक गतिविधियों में भी निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। ज्ञान साधना और एनएमएमएस जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में इस स्कूल के विद्यार्थी जिला स्तर पर लगातार शीर्ष स्थान हासिल कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, गुजरात सरकार द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ और कला महाकुंभ की विभिन्न स्पर्धाओं में भी यहाँ के छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है।
बढ़ती छात्र संख्या के कारण 19 नए क्लासरूम का निर्माण
विद्यालय में प्रवेश के लिए बढ़ते दबाव और छात्रों की निरंतर वृद्धि को देखते हुए बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार किया गया है। शुरुआत में इस प्राथमिक विद्यालय में केवल 15 क्लासरूम उपलब्ध थे। राज्य सरकार ने स्कूल की सफलता और बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए हाल ही में 19 नए कमरों का निर्माण कराया है। इस विस्तार से अब अधिक से अधिक बच्चों को एक सुरक्षित, आधुनिक और सुविधायुक्त माहौल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।



















