डिग्री पूरी होते ही हर युवा के मन में यही सवाल सबसे पहले आता है कि अब आगे क्या किया जाए। हाथ में ग्रेजुएशन की मार्कशीट आते ही परिवार की उम्मीदें आसमान छूने लगती हैं और साथियों के बीच करियर को लेकर चर्चाएं तेज हो जाती हैं। इस खास मोड़ पर पढ़ाई का दौर पीछे छूट जाता है और जीवन की वास्तविक कॉर्पोरेट दौड़ की शुरुआत होती है। हालांकि, सही मार्गदर्शन और पुख्ता जानकारी के अभाव में कई नौसिखिए युवा भटक जाते हैं और महीनों तक केवल ऑनलाइन जॉब पोर्टल पर ही हाथ-पैर मारते रह जाते हैं।
वर्तमान समय में नौकरी का बाजार बहुत तेजी से बदल चुका है। अब केवल किसी कॉलेज की डिग्री होना इस बात की गारंटी नहीं देता कि आपको तुरंत नौकरी मिल जाएगी। आज की कंपनियां उन नए उम्मीदवारों को प्राथमिकता देती हैं जिनके पास जमीनी अनुभव, सही कौशल और पूरा आत्मविश्वास होता है। यदि आप कॉलेज पास कर चुके हैं या अपने अंतिम वर्ष में हैं और एक बेहतरीन रोजगार की तलाश में जुटे हैं, तो आपको बिल्कुल भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। एक सही रणनीति और स्मार्ट तरीके से शुरुआत करके आप अपने करियर की पहली मंजिल बहुत कम समय में हासिल कर सकते हैं। यह पूरी गाइड आपके बेहद काम आने वाली है।
ग्रेजुएशन के तुरंत बाद नौकरी कैसे खोजें
ज्यादातर छात्र अपनी स्नातक की शिक्षा खत्म होते ही तुरंत इंटर्नशिप या नौकरी की तलाश में जुट जाते हैं। इसके बाद कुछ युवा नौकरी के साथ अपनी उच्च शिक्षा यानी मास्टर्स की पढ़ाई भी जारी रखते हैं, जबकि कुछ लोग एक से दो साल तक काम करने के बाद आगे की पढ़ाई पूरी करते हैं। आइए जानते हैं कि ग्रेजुएशन के तुरंत बाद आसानी से नौकरी पाने का सही तरीका क्या है।
पहला कदम: इन-डिमांड और जरूरी स्किल्स सीखें
कॉलेज के दिनों में आपने जो भी अध्ययन किया वह केवल सैद्धांतिक था, जबकि दफ्तरों में सारा काम व्यावहारिक रूप से किया जाता है। इसलिए अपनी चुनी हुई फील्ड से जुड़ी नई और आधुनिक स्किल्स सीखें। उदाहरण के लिए आप डिजिटल मार्केटिंग, डेटा एंट्री, एमएस ऑफिस या एक्सेल, बेसिक कोडिंग अथवा सोशल मीडिया मैनेजमेंट में महारत हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा अपनी संवाद शैली यानी कम्युनिकेशन स्किल्स को बेहतर बनाएं और अंग्रेजी में बातचीत करने को लेकर मन में किसी भी प्रकार की झिझक न रखें।
दूसरा कदम: आकर्षक और संक्षिप्त रिज्यूमे तैयार करें
किसी भी नौकरी चाहने वाले व्यक्ति का रिज्यूमे ही कंपनियों के सामने उसकी सबसे पहली पहचान बनता है। इसलिए अपना बायोडाटा बहुत लंबा न खींचें और इसे केवल एक पन्ने का साफ-सुथरा फॉर्मेट दें। अपने कॉलेज के प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप के अनुभव, सेमिनार और जो भी खास कौशल आपको आते हैं, उन्हें अपने रिज्यूमे में प्रमुखता के साथ दर्ज करें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आपके बायोडाटा में वर्तनी या व्याकरण संबंधी कोई गलती बिल्कुल न हो।
तीसरा कदम: इंटर्नशिप से करें अपने सफर की शुरुआत
यदि आपको पढ़ाई पूरी होते ही तुरंत फुल-टाइम नौकरी नहीं मिल पाती है, तो इंटर्नशिप करने से बिल्कुल भी न हिचकिचाएं। तीन से छह महीने की कोई भी इंटर्नशिप कॉर्पोरेट जीवन का एक बहुत अच्छा अनुभव दे देती है। सबसे खास बात यह है कि कई कंपनियां नौजवानों का अच्छा काम देखने के बाद उन्हें वहीं पक्की नौकरी का प्रस्ताव भी दे देती हैं। अपनी इंटर्नशिप पूरी होने के बाद उसका सर्टिफिकेट लेना बिल्कुल न भूलें क्योंकि कई संस्थान इंटर्न्स को काम के बदले स्टाइपेंड भी देते हैं।
चौथा कदम: लिंक्डइन पर हमेशा सक्रिय रहें
आज के दौर में किसी भी अच्छी कंपनी में जॉब पाने के लिए लिंक्डइन सबसे शक्तिशाली जरिया बन चुका है। अपनी प्रोफाइल को एकदम पेशेवर और आकर्षक तरीके से सजाएं और संवारें। जिस भी क्षेत्र में आप काम करना चाहते हैं, उस इंडस्ट्री से जुड़े मानव संसाधन यानी एचआर और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपने संपर्क बनाएं। इसके अलावा naukri.com, indeed और internshala जैसे प्रतिष्ठित जॉब पोर्टल्स पर भी अपनी प्रोफाइल को हमेशा अपडेटेड रखें.
पांचवां कदम: अपनी नेटवर्किंग बढ़ाएं और इंटरव्यू की तैयारी करें
अपने कॉलेज के सीनियर साथियों, दोस्तों, प्रोफेसरों और रिश्तेदारों को यह जरूर बताएं कि आप रोजगार की तलाश कर रहे हैं। इस बात को लेकर अपने मन में किसी भी तरह का संकोच न रखें। कई बार आपसी जान-पहचान यानी रेफरल के जरिए इंटरव्यू का बुलावा बहुत जल्दी आ जाता है। कुछ कंपनियों में तो केवल रेफरल के आधार पर ही उम्मीदवारों का चयन किया जाता है। इसके अलावा इंटरव्यू में पूछे जाने वाले सामान्य सवालों जैसे कि अपने बारे में बताएं, अपनी खूबियां और कमियां क्या हैं, इनकी अच्छी तरह से पहले ही प्रैक्टिस कर लें।



















