अक्सर लोगों के मन में यह गलतफहमी रहती है कि पूरी तरह स्वस्थ होने का मतलब हर वक्त शारीरिक रूप से एकदम फिट और दुरुस्त महसूस करना है। यही वजह है कि शरीर में होने वाली कई सामान्य प्रक्रियाओं को देखकर लोग अक्सर बिना बात के घबराने लगते हैं और उन्हें किसी बीमारी का लक्षण मान बैठते हैं। हालांकि, इनमें से कई बातें इस बात की गवाही देती हैं कि आपका शरीर बिल्कुल सही ढंग से काम कर रहा है। गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर सौरभ सेठी ने इस बारे में जानकारी देते हुए स्पष्ट किया है कि ये तमाम चीजें किसी तरह की मेडिकल समस्या नहीं हैं, बल्कि यह इस बात का सबूत हैं कि शरीर अंदर से पूरी तरह स्वस्थ है।
वे 10 लक्षण जो बताते हैं कि आप स्वस्थ हैं
हमारे शरीर में कई ऐसी बातें होती हैं जिन्हें हम अक्सर परेशानी समझ लेते हैं, लेकिन वे असल में सेहतमंद होने के प्राकृतिक संकेत होते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही 10 लक्षणों के बारे में विस्तार से।
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ठंड में नाक बहना: जब आप अचानक ठंडी हवा के संपर्क में आते हैं या तापमान में बदलाव होता है, तो नाक का बहना शुरू हो जाना बेहद सामान्य प्रक्रिया है। यह इस बात का प्रमाण है कि आपका शरीर तापमान के उतार-चढ़ाव के प्रति प्राकृतिक तरीके से प्रतिक्रिया दे रहा है।
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कान में मैल बनना: कान के अंदर बनने वाला वैक्स या मैल कोई गंदगी नहीं है, बल्कि यह शरीर द्वारा बनाई गई एक सुरक्षात्मक परत है। यह कान की नली को नमी से बचाकर सूखा रखती है और बाहरी संक्रमणों को अंदर जाने से रोकने में बड़ी भूमिका निभाती है।
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ठंडा या सोडा पीने के बाद डकार आना: जब आप कोई कार्बोनेटेड ड्रिंक पीते हैं, तो उसकी वजह से पेट के अंदर अतिरिक्त गैस पहुंच जाती है। ऐसे में डकार आना शरीर का एक नेचुरल तरीका है जिसके जरिए वह उस फालतू गैस को बाहर निकालकर राहत देता है।
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ब्रश करते समय मसूड़ों से खून न आना: यदि आपके मसूड़ों से ब्रश करते वक्त खून नहीं निकलता है, तो यह स्वस्थ मसूड़ों की निशानी है। अगर मसूड़ों से बार-बार खून आता है, तो वह मसूड़ों में सूजन या किसी अन्य अंदरूनी परेशानी का संकेत हो सकता है।
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पेट से गुड़गुड़ की आवाज आना: यदि आपके पेट से गुड़गुड़ की आवाज आती है, तो इसमें घबराने की कोई बात नहीं है क्योंकि यह पूरी तरह से सामान्य है। यह आवाज तब पैदा होती है जब आंतों के भीतर भोजन, पानी और गैस आगे की तरफ बढ़ते हैं।
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त्वचा का दबाने पर वापस सामान्य होना: स्वस्थ त्वचा के भीतर अच्छा-खासा लचीलापन होता है। हालांकि, केवल त्वचा को दबाकर शरीर में पानी की कमी या डिहाइड्रेशन का सही और पुख्ता अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है।
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नियमित रूप से मल त्याग होना: हर इंसान के शरीर की बनावट और मेटाबॉलिज्म अलग होता है। दिन में लगभग 3 बार से लेकर सप्ताह में 3 बार तक मल त्याग होना सामान्य माना जाता है, बशर्ते यह प्रक्रिया बिना किसी परेशानी और आसानी से हो रही हो।
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एक्सरसाइज के दौरान पसीना आना: पसीना निकलना शरीर को अंदर से ठंडा रखने की एक प्राकृतिक व्यवस्था है। जब आप कसरत करते हैं या तेज गर्मी में रहते हैं, तो पसीना आना शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में बहुत मदद करता है।
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पेशाब का हल्का पीला रंग: अगर आपके पेशाब का रंग हल्का पीला है, तो यह इस बात का संकेत है कि आपके शरीर में पानी की मात्रा पर्याप्त है। बहुत ज्यादा गहरा पेशाब आने का मतलब यह हो सकता है कि आपको अधिक पानी पीने की जरूरत है।
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रोजाना गैस पास होना: पाचन क्रिया के दौरान पेट और आंतों के अंदर मौजूद बैक्टीरिया प्राकृतिक रूप से गैस बनाते हैं। इसलिए, रोजाना गैस का पास होना स्वस्थ और सामान्य पाचन प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा है।
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