झारखंड के बोकारो जिले में रहने वाली निधि ने एक अनोखे आइडिया के जरिए पारंपरिक स्वाद को नए दौर के हिसाब से ढालकर सफलता की कहानी लिखी है। आम तौर पर ठेकुआ को त्योहारों और खास अवसरों से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन निधि ने इसी पारंपरिक मिष्ठान को एक स्वस्थ विकल्प में बदलकर अपने कारोबार की नींव रख दी। वह इस समय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और अपनी वेबसाइट के जरिए 'देसी करारा' ब्रांड के बैनर तले मल्टीग्रेन ठेकुआ बेच रही हैं। अपने इस अनूठे ऑनलाइन स्टार्टअप के जरिए वह न सिर्फ बढ़िया मुनाफा कमा रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की एक मिसाल भी बन चुकी हैं।
इस बिजनेस की शुरुआत के पीछे एक आम घरेलू समस्या और उसका व्यावहारिक समाधान छिपा हुआ था। बातचीत के दौरान निधि ने इस बात का जिक्र किया कि शाम के वक्त चाय के साथ खाने के लिए हेल्दी स्नैक्स की हमेशा कमी महसूस होती थी। बाजार में मिलने वाले विकल्प सेहत के लिहाज से बहुत अच्छे नहीं माने जाते हैं। इसी बात ने उनके मन में यह विचार पैदा किया कि क्यों न घर से ही बिल्कुल शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक ठेकुआ और अन्य नमकीन स्नैक्स तैयार किए जाएं। इसी सोच और परिकल्पना के साथ उन्होंने 'देसी करारा' की व्यावसायिक यात्रा शुरू कर दी।
उनके द्वारा बनाए जाने वाले मल्टीग्रेन ठेकुआ की खासियत इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्रियां हैं, जो इसे आम ठेकुआ से बिल्कुल अलग बनाती हैं। निधि ने बताया कि इसे तैयार करने में सामान्य गेहूं के अलावा रागी और ओट्स का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा सेहत का खास ख्याल रखते हुए इसमें चीनी की जगह पूरी तरह से गुड़ का प्रयोग होता है और तलने के लिए तेल की बजाय शुद्ध घी का उपयोग किया जाता है। यही सारी बातें इस उत्पाद को खास बनाती हैं। उनके यहां 250 ग्राम मल्टीग्रेन ठेकुआ की कीमत 499 रुपये और 500 ग्राम पैक की कीमत 699 रुपये रखी गई है। इसके अलावा वे आटे की नीमकी भी बनाती हैं, हालांकि ग्राहकों के बीच सबसे ज्यादा मांग मल्टीग्रेन ठेकुआ की ही रहती है।
निधि की शैक्षणिक पृष्ठभूमि कृषि विज्ञान से जुड़ी रही है और उन्होंने एमएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई पूरी की है। वह अपनी पढ़ाई से मिले ज्ञान और कारोबार दोनों को बहुत ही बेहतरीन तरीके से संभाल रही हैं। इस पूरे सफर में उन्हें अपने परिवार और पति का भरपूर सहयोग मिल रहा है। उनके पति एक बैंक में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं और वे ऑनलाइन ऑर्डर प्रबंधन से लेकर अन्य कामकाजी मोर्चों पर निधि का पूरा हाथ बंटाते हैं। इस पारिवारिक सपोर्ट सिस्टम की वजह से उन्हें घर और बिजनेस दोनों जगह संतुलन बनाने में आसानी होती है।
व्यापार के दायरे के साथ-साथ इसका सामाजिक दायरा भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है। निधि ने जानकारी दी कि उनके इस काम की वजह से स्थानीय स्तर पर दो महिलाओं को अस्थायी रोजगार भी मिल गया है। ये महिलाएं ठेकुआ और अन्य स्नैक्स की निर्माण प्रक्रिया में उनका हाथ बंटाती हैं, जिससे उन्हें भी आर्थिक तौर पर मदद मिलती है।
अब बात करें कारोबार के आंकड़ों की, तो 'देसी करारा' को शुरू हुए अभी लगभग एक साल का ही समय बीता है। इतने कम समय में ही इस ब्रांड को हर महीने 50 से ज्यादा ऑर्डर्स मिलने लगे हैं। शुरुआती दौर से लेकर अब तक इस बिजनेस के जरिए कुल 3 लाख रुपये से अधिक का कारोबार किया जा चुका है। इंटरनेट और ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स की पहुंच का फायदा उठाकर उनके बनाए ये हेल्दी स्नैक्स बोकारो के स्थानीय बाजार के अलावा देश के दूसरे हिस्सों में बैठे ग्राहकों तक भी आसानी से पहुंच रहे हैं।
आने वाले समय को लेकर निधि के इरादे काफी स्पष्ट और मजबूत हैं। उनका अगला लक्ष्य 'देसी करारा' के तहत स्नैक्स की कई और नई और सेहतमंद वैरायटी बाजार में उतारना है, ताकि लोगों को स्वाद के साथ-साथ पोषण के भी ज्यादा से ज्यादा विकल्प मिल सकें। महिला उद्यमियों को संदेश देते हुए वह कहती हैं कि अपना खुद का काम शुरू करने के लिए हमेशा बहुत भारी-भरकम पूंजी या बड़े निवेश की आवश्यकता नहीं होती है। कोई भी व्यक्ति बहुत छोटे स्तर से शुरुआत कर सकता है और अपनी कड़ी मेहनत, लगन तथा उत्पादों की बेहतरीन गुणवत्ता के दम पर अपने बिजनेस को धीरे-धीरे बुलंदियों तक पहुंचा सकता है।



















