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हिंदी मीडियम से कॉलेज जा रहे हैं? इंग्लिश की झिझक दूर करने के ये तरीके अपनाएंकरियर
4 जुल॰ 2026, 3:43 pm (117 दिन पहले)· 9

हिंदी मीडियम से कॉलेज जा रहे हैं? इंग्लिश की झिझक दूर करने के ये तरीके अपनाएं

हिंदी मीडियम स्कूल से इंग्लिश मीडियम कॉलेज में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स कॉलेज शुरू होने से पहले बचे कुछ हफ्तों में छोटी-छोटी आदतें अपनाकर अपनी अंग्रेजी काफी सुधार सकते हैं.

हिंदी मीडियम स्कूल से पढ़ाई पूरी करने वाले लाखों स्टूडेंट्स के लिए इंग्लिश मीडियम कॉलेज में एडमिशन लेना एक बड़ा उत्साह और उतना ही बड़ा तनाव दोनों लेकर आता है. दाखिला मिलते ही सबसे पहला सवाल यही उठता है कि क्लासरूम में जब सब कुछ अंग्रेजी में समझाया जाएगा, तो लेक्चर समझ में आएंगे या नहीं, और दोस्तों के बीच खुलकर बात कर पाएंगे या नहीं. लेकिन जानकारों का कहना है कि भाषा बदलने की यह मुश्किल टैलेंट की कमी नहीं है, बल्कि सिर्फ अभ्यास की कमी है, और कॉलेज शुरू होने से पहले बचे कुछ हफ्तों या महीनों में इसे काफी हद तक दूर किया जा सकता है.

सबसे पहले खुद को अंग्रेजी के माहौल में ढालें

भाषा सीखने का सबसे कारगर तरीका है उसे अपने आसपास के माहौल में शामिल कर लेना. इसके लिए मोटी-मोटी ग्रामर की किताबें उठाने की जरूरत नहीं, बल्कि स्मार्टफोन की सेटिंग से शुरुआत की जा सकती है. फोन की डिफॉल्ट भाषा अंग्रेजी में बदल दें. इसके अलावा जो वक्त सोशल मीडिया पर रील्स देखने में जाता है, उसी वक्त को अंग्रेजी कंटेंट देखने में लगाएं. शुरुआत भारी-भरकम हॉलीवुड फिल्मों से करने के बजाय बच्चों के आसान इंग्लिश कार्टून या यूट्यूब के उन व्लॉग्स से करें जिनमें आसान इंग्लिश सबटाइटल्स लगे हों. इससे कान धीरे-धीरे अंग्रेजी शब्दों की आवाज और लहजे के अभ्यस्त हो जाते हैं.

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रोज सिर्फ पांच नए शब्द, लेकिन नियमित रूप से

कॉलेज में कॉमर्स, साइंस या आर्ट्स, जिस भी स्ट्रीम में दाखिला हो, वहां की किताबों में कई नए तकनीकी शब्द मिलेंगे. बेहतर होगा कि नया सेशन शुरू होने से पहले ही अपनी स्ट्रीम से जुड़े बुनियादी शब्द इंटरनेट पर खोज लिए जाएं. रोजाना सिर्फ पांच नए अंग्रेजी शब्द एक डायरी में नोट करें, उनका हिंदी अर्थ समझें और उन्हें छोटे-छोटे वाक्यों में इस्तेमाल करने की कोशिश करें. इस आदत का फायदा यह होगा कि जब प्रोफेसर लेक्चर के दौरान वही शब्द इस्तेमाल करेंगे, तो समझने में कोई दिक्कत नहीं आएगी.

जोर से पढ़ना और आईने के सामने प्रैक्टिस

अक्सर देखा गया है कि हिंदी मीडियम के स्टूडेंट्स को अंग्रेजी समझ में आ जाती है, लेकिन बोलते वक्त जुबान लड़खड़ाने लगती है. इस झिझक को दूर करने का सबसे असरदार तरीका है जोर-जोर से पढ़ना. रोजाना कोई भी आसान अंग्रेजी अखबार या कहानी की किताब उठाकर कम से कम 15 मिनट तक जोर से बोलकर पढ़ें. इससे मुंह की मांसपेशियों को अंग्रेजी शब्दों का सही उच्चारण करने की आदत पड़ती है. इसके बाद आईने के सामने खड़े होकर खुद से ही पांच मिनट अंग्रेजी में बात करने की कोशिश करें. यह अभ्यास अकेले में करने से झिझक भी कम होती है और आत्मविश्वास भी बढ़ता है.

मोबाइल ऐप्स और डायरी लेखन की आदत डालें

गूगल प्ले स्टोर पर डुओलिंगो और हैलोइंग्लिश जैसे कई मुफ्त ऐप्स मौजूद हैं, जो गेम के जरिए बेहद दिलचस्प अंदाज में अंग्रेजी सिखाते हैं. गेम खेलते-खेलते बुनियादी अंग्रेजी कब जुबान पर चढ़ जाती है, इसका अंदाजा भी नहीं लगता. इसके साथ ही रोज रात को सोने से पहले पूरे दिन की बातों को सिर्फ चार से पांच लाइनों में अंग्रेजी में डायरी में लिखने की आदत डालें. शुरुआत में गलतियां होना स्वाभाविक है, और इन्हीं गलतियों से सीखकर भाषा पर पकड़ मजबूत होती है.

हिंदी मीडियम होना कमजोरी नहीं, ताकत है

विशेषज्ञों के मुताबिक हिंदी मीडियम से पढ़ाई करना किसी भी तरह की कमजोरी नहीं, बल्कि एक बड़ी ताकत है, क्योंकि ऐसे स्टूडेंट्स एक साथ दो भाषाओं पर पकड़ बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे होते हैं. जरूरत सिर्फ इतनी है कि शर्म और झिझक को किनारे रखकर आज से ही इन आदतों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया जाए, ताकि कॉलेज की पहली क्लास तक अंग्रेजी बोलने और समझने का आत्मविश्वास पूरी तरह तैयार हो चुका हो.

सवाल-जवाब

कॉलेज शुरू होने से पहले अंग्रेजी सुधारने के लिए कितना समय काफी है?
कुछ हफ्तों या महीनों में भी सही स्ट्रेटेजी के साथ अंग्रेजी का लेवल काफी सुधारा जा सकता है.
रोज कितने नए अंग्रेजी शब्द सीखने चाहिए?
रोजाना सिर्फ पांच नए अंग्रेजी शब्द डायरी में नोट करके उनका मतलब समझना और वाक्यों में इस्तेमाल करना काफी है.
अंग्रेजी बोलने की झिझक कैसे दूर करें?
रोजाना कम से कम 15 मिनट जोर से पढ़ना और फिर आईने के सामने पांच मिनट खुद से अंग्रेजी में बात करने की प्रैक्टिस झिझक दूर करने में मदद करती है.
क्या अंग्रेजी सीखने के लिए कोई मुफ्त ऐप्स हैं?
हां, गूगल प्ले स्टोर पर डुओलिंगो और हैलोइंग्लिश जैसे मुफ्त ऐप्स गेम के जरिए अंग्रेजी सिखाते हैं.
क्या हिंदी मीडियम से आना कॉलेज में नुकसानदायक है?
नहीं, विशेषज्ञों के मुताबिक यह कमजोरी नहीं बल्कि ताकत है क्योंकि ऐसे स्टूडेंट्स दो भाषाओं पर पकड़ बनाते हैं.
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