मेघालय की राजनीति में बड़े फेरबदल के बीच सत्तारूढ़ नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) का कुनबा और मजबूत हो गया है। मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के पूर्व विधायकों पॉल लिंगदोह और रेनिकटन लिंगदोह का पार्टी में औपचारिक स्वागत किया। शिलॉन्ग स्थित एनपीपी मुख्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री प्रेस्टोन टिनसोंग ने दोनों नेताओं को पार्टी की सदस्यता के प्रमाण पत्र सौंपे।
तीसरे विधायक बीमारी के कारण अनुपस्थित
इस विलय अभियान में वेस्ट शिलॉन्ग से विधायक पॉल लिंगदोह और मावक्रीवाट से विधायक रेनिकटन लिंगदोह (रेनिकटन टोंगखार) के साथ मुकायॉ के विधायक नुजोर्जी सुंगोह भी शामिल हैं। हालांकि, स्वास्थ्य संबंधी कारणों से नुजोर्जी सुंगोह इस सदस्यता ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो सके। इससे पहले, तीनों यूडीपी विधायकों ने एनपीपी में विलय की औपचारिक याचिका दायर की थी, जिसे विधानसभा अध्यक्ष थॉमस ए संगमा ने अपनी मंजूरी दे दी थी।
सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि एनपीपी परिवार में पॉल लिंगदोह, रेनिकटन टोंगखार और नुजोर्की सुंगोह का हार्दिक स्वागत है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी नेता साथ मिलकर पार्टी के मूल्यों को मजबूत करेंगे और मेघालय की जनता की प्रगति, समृद्धि और बेहतर भविष्य के लिए काम करना जारी रखेंगे।
विधानसभा में दलीय स्थिति और आंकड़ों का गणित
मेघालय में हाल के दिनों में हुए सिलसिलेवार राजनीतिक बदलावों ने विधानसभा के दलीय संतुलन को पूरी तरह बदल दिया है। यूडीपी के तीन विधायकों के एनपीपी में शामिल होने से ठीक कुछ दिन पहले, पार्टी के आठ अन्य विधायकों ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दामन थाम लिया था। लगातार हुए इन विलयों के परिणामस्वरूप 60 सदस्यीय विधानसभा में यूडीपी का आंकड़ा 12 से घटकर महज एक पर आ गया है।
दूसरी ओर, इन राजनीतिक घटनाक्रमों से सत्तारूढ़ एनपीपी और सहयोगी बीजेपी दोनों के आंकड़े बढ़े हैं। बीजेपी विधायकों की संख्या दो से बढ़कर 10 हो गई है, जबकि एनपीपी की कुल सदस्य संख्या 33 से बढ़कर 36 हो गई है। इस बदलाव ने राज्य सरकार के स्थायित्व को और मजबूती दी है।



















