कोडरमा में बैग का कारोबार कैसे शुरू करें, जानिए निवेश से लेकर संभावित मुनाफे का पूरा गणितइलाहाबाद हाई कोर्ट दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम पर आदेश सुरक्षित करने के बाद निर्णय देगारॉबिनहुड के साथ रिपल की नई साझेदारी के बीच 1.33 डॉलर पर थमी एक्सआरपी की बढ़तसेबू में रक्षा सहयोग मजबूत करने पर भारत और फिलीपींस के बीच बनी सहमतिनागौर में मूंछों वाले नाचते बालाजी से लेकर एक आंख वाली प्रतिमा तक, जानिए इन प्रसिद्ध धामों का इतिहासराजौरी में सुरक्षा बलों को मिली बड़ी कामयाबी, भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामदब्रिटिश पाउंड में लगातार चौथे दिन फिसलन, 1.3300 के स्तर पर टिका स्टर्लिंगसर्दियों में दुधारू मवेशियों के घटते दूध से बचाएंगे ये जरूरी उपाय, जाने बचाव और खानपान की सही तकनीककपड़ा पीएलआई योजना के चौथे चरण के लिए खुला पोर्टल, सरकार ने टर्नओवर की शर्त आधी कीकांशीराम और बाबासाहेब के संघर्षों का हवाला देकर आकाश आनंद से मायावती ने क्या कहा था?
इलाहाबाद हाई कोर्ट दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम पर आदेश सुरक्षित करने के बाद निर्णय देगाउत्तर प्रदेश
29 अक्तू॰ 2026, 1:03 am (6 मिनट पहले)· 1

इलाहाबाद हाई कोर्ट दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम पर आदेश सुरक्षित करने के बाद निर्णय देगा

दो अलग-अलग पैन कार्ड रखने के मामले में निचली अदालत की सजा को चुनौती देने वाली आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की क्रिमिनल रिवीजन याचिकाओं पर इलाहाबाद हाई कोर्ट अपना निर्णय देने जा रहा है।

दोहरे पैन कार्ड मामले में सजा काट रहे समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान की क्रिमिनल रिवीजन याचिकाओं पर इलाहाबाद हाई कोर्ट गुरुवार, 29 अक्टूबर को अपना फैसला सुनाने जा रहा है। दोनों नेताओं ने ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा और दोषसिद्धि को हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

सजा पर रोक और अंतरिम जमानत की गुहार

आजम खान और अब्दुल्ला आजम ने अपनी याचिकाओं में निचली अदालत के आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने, सुनाई गई सजा को निलंबित करने और मामले की सुनवाई जारी रहने तक अंतरिम जमानत पर रिहा करने का अनुरोध किया है। बचाव पक्ष का तर्क है कि ट्रायल कोर्ट के फैसले में कई कानूनी विसंगतियां हैं, जिन्हें हाई कोर्ट के समक्ष स्पष्ट किया गया है।

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अदालती कार्यवाही का घटनाक्रम और जजों का अलग होना

इस बहुचर्चित मुकदमे की सुनवाई के दौरान कई कानूनी पड़ाव आए। अगस्त माह के पहले हफ्ते में जस्टिस विक्रम डी चौहान ने दो पैन कार्ड से जुड़े इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। इसके बाद पूरे मामले को आगे की आवश्यक कार्रवाई और नई पीठ गठित करने के लिए मुख्य न्यायाधीश के समक्ष भेजा गया था।

इससे पहले, बेटे अब्दुल्ला आजम ने अपने पिता द्वारा दायर चुनौती के बाद फैसले को चुनौती दी थी, जिसके बाद 15 जुलाई को दोनों याचिकाओं पर संयुक्त सुनवाई तय की गई थी। दूसरी तरफ, दोनों नेताओं की मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब अभियोजन पक्ष की ओर से सजा बढ़ाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर भी हाई कोर्ट ने दोनों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था।

ट्रायल कोर्ट का फैसला और कानूनी पेच

फर्जी और दो अलग-अलग जन्मतिथियों व विवरणों के आधार पर दोहरे पैन कार्ड बनवाने के गंभीर आरोपों को लेकर यह कानूनी विवाद उपजा था। ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर दोनों को दोषी करार देते हुए सजा मुकर्रर की थी। अब सभी की निगाहें इलाहाबाद हाई कोर्ट के आगामी फैसले पर टिकी हैं कि क्या दोनों को राहत मिलती है या फिर निचली अदालत का फैसला बरकरार रहता है।

सवाल-जवाब

इलाहाबाद हाई कोर्ट में किस मामले को लेकर फैसला आना है?
यह फैसला आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान से जुड़े दो पैन कार्ड मामले में दायर क्रिमिनल रिवीजन याचिकाओं पर आना है।
दोनों नेताओं ने हाई कोर्ट से क्या राहत मांगी है?
उन्होंने निचली अदालत की दोषसिद्धि पर रोक लगाने, सजा को निलंबित करने और अंतरिम जमानत पर रिहा करने की प्रार्थना की है।
हाई कोर्ट के किस जज ने इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग किया था?
जस्टिस विक्रम डी चौहान ने अगस्त महीने में इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था।
क्या इस मामले में सजा बढ़ाने को लेकर भी याचिका दायर हुई है?
हां, दोनों नेताओं की सजा बढ़ाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर हाई कोर्ट पहले ही नोटिस जारी कर चुका है।
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