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500 करोड़ के ऑडियो क्लिप मामले पर बोले मनोज जरांगे, जांच न होने पर 29 तारीख को दी सीधे टकराव की चेतावनीमहाराष्ट्र
29 अक्तू॰ 2026, 1:34 am (1 घंटे पहले)· 2

500 करोड़ के ऑडियो क्लिप मामले पर बोले मनोज जरांगे, जांच न होने पर 29 तारीख को दी सीधे टकराव की चेतावनी

मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरांगे ने 500 करोड़ रुपये के कथित ऑडियो क्लिप विवाद पर एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस से निष्पक्ष जांच की मांग की है, साथ ही मांगें न माने जाने पर 29 तारीख को सीधे टकराव की चेतावनी दी है।

500 करोड़ रुपये से जुड़े विवादित ऑडियो क्लिप मामले में मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरांगे ने पुणे में अपनी बात रखी है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। जरांगे ने कहा कि राजनीतिक सत्ता और गठजोड़ तो आते-जाते रहते हैं, लेकिन किसी व्यक्ति की साख और सम्मान सबसे अहम होता है और उसकी रक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो बात उन्होंने कही है वह पूरी तरह सच है और यदि इस मामले में एकनाथ शिंदे का हाथ नहीं है, तो उन्हें दोषियों का बचाव बंद कर देना चाहिए।

शीर्ष नेतृत्व से उच्चस्तरीय जांच की मांग

मनोज जरांगे ने कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इस पूरे मामले की तह तक जाकर पड़ताल करानी चाहिए। उनका मानना है कि शुरुआती तौर पर देवेंद्र फडणवीस को इस साजिश की जानकारी शायद न हो, और संभवतः किसी संगठन या इकाई ने पर्दे के पीछे से आंदोलन को बदनाम करने के लिए यह सब रचा है। उन्होंने चेताया कि अगर सरकार इसे लगातार झूठा बताकर खारिज करती रही और जांच से पीछे हटी, तो आम जनता यही मानेगी कि यह सब देवेंद्र फडणवीस के इशारे पर ही रचा गया है।

तकनीकी दावों और भाषा को बताया हास्यास्पद

अपने ऊपर लग रहे विभिन्न दावों को खारिज करते हुए जरांगे ने इन्हें पूरी तरह बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि उनके बारे में यह दावा करना कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र, अमेरिका और चीन के वित्तीय संकट या बंदरगाह विकास जैसे मामलों की तकनीकी जानकारी है, बिल्कुल हास्यास्पद है। जरांगे के अनुसार, वह इतनी कठिन और जटिल राजनीतिक शब्दावली न तो समझते हैं और न ही कभी इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी जानबूझकर उनके नाम से ऐसी भाषा जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका प्रयोग वे कभी नहीं करेंगे।

बलि का बकरा न बनाने की चेतावनी और आंदोलन का अल्टीमेटम

सत्तारूढ़ दल बीजेपी के प्रवक्ताओं के बयानों पर ऐतराज जताते हुए मराठा नेता ने कहा कि अपनी आपस की चर्चाओं के बीच अपने लोगों को बचाने के लिए आंदोलनकारियों को बलि का बकरा न बनाया जाए। उन्होंने याद दिलाया कि मराठा समाज ने अपने वोटों के बल पर ही सत्ता दी है। निष्पक्ष जांच न होने की स्थिति में जरांगे ने 29 तारीख को सीधे टकराव की चेतावनी दी है। इससे पहले भी मुंबई कूच के ऐलान के दौरान पुलिस अनुमति न मिलने से स्थिति संवेदनशील बनी हुई थी, और अब इस नए अल्टीमेटम से राजनीतिक हलचल फिर बढ़ गई है।

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सवाल-जवाब

मनोज जरांगे ने किस मामले में जांच की मांग की है?
उन्होंने 500 करोड़ रुपये से जुड़े कथित ऑडियो क्लिप विवाद में निष्पक्ष और पूर्ण जांच की मांग की है।
जरांगे ने किस तारीख को सीधे टकराव की चेतावनी दी है?
यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती है, तो मनोज जरांगे ने 29 तारीख को सरकार के साथ सीधे टकराव का अल्टीमेटम दिया है।
क्या मनोज जरांगे ने जटिल वित्तीय दावों को स्वीकार किया?
नहीं, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र और अमेरिका-चीन संकट की समझ से जुड़े दावों को बेबुनियाद और हास्यास्पद बताया।
किन नेताओं से इस मामले की जांच कराने की बात कही गई है?
उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मामले की गहराई से जांच कराने की मांग की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·34 मिनट पहले

मनोज जरांगे का यह अल्टीमेटम महाराष्ट्र की सियासत में फिर से तनाव बढ़ाएगा। 500 करोड़ के इस ऑडियो मामले में अगर सरकार ने समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं कराई, तो 29 तारीख को हालात संभालना मुश्किल हो सकता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·33 मिनट पहले

रोहन भाई, बात तो सही है कि तनाव बढ़ सकता है, पर मुझे शक है कि सिर्फ 29 तारीख के अल्टीमेटम से सरकार तुरंत कोई बड़ी जांच बिठा देगी।

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