मध्य प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में करीब 10 साल से थमी पड़ी पदोन्नति की प्रक्रिया आखिरकार पटरी पर लौट आई है। सामान्य प्रशासन विभाग यानी GAD ने प्रमोशन प्रक्रिया को हरी झंडी दी, और इसके महज 24 घंटे के भीतर मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने सबसे पहले कदम बढ़ाते हुए 12 अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रमोशन आदेश जारी कर दिए।
विधानसभा सचिवालय ने दिखाई सबसे ज्यादा तेजी
बुधवार को विधानसभा सचिवालय की तरफ से कुल 7 अलग-अलग पदोन्नति आदेश निकाले गए, जो 1 जुलाई से प्रभावी माने जाएंगे। दिलचस्प बात यह है कि इन सभी आदेशों को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर पहले ही यानी 30 जून को मंजूरी दे चुके थे। जिन 12 कर्मचारियों को प्रमोशन मिला है, उन्हें पहले से ही प्रमोशन वाले पद के हिसाब से वेतनमान यानी पे स्केल मिल रहा था और वे उन पदों का कामकाज भी संभाल रहे थे। यानी इन कर्मचारियों को सिर्फ औपचारिक आदेश जारी होने का इंतजार था, जो अब पूरा हो गया है।
अब अन्य विभागों में भी हलचल तेज
GAD की मंजूरी मिलते ही राज्य सरकार के बाकी विभागों में भी पदोन्नति को लेकर हलचल तेज हो गई है। कई विभागों ने पात्र अधिकारियों की सूची तैयार करना शुरू कर दिया है, साथ ही विभागीय पदोन्नति समिति यानी डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी की बैठक बुलाने की तैयारी भी शुरू हो चुकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले एक हफ्ते में कई विभाग प्रमोशन से जुड़े आदेश जारी कर देंगे। GAD ने सभी विभागों को साफ निर्देश दिया है कि वे पहली DPC की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करें। सूत्रों की मानें तो एक दर्जन से ज्यादा विभाग अगले एक सप्ताह के भीतर उन मामलों में प्रमोशन आदेश जारी कर सकते हैं, जिन पर कोई विवाद नहीं है। पूरे जुलाई महीने में विभागों की मुख्य प्राथमिकता DPC प्रक्रिया को तेज गति से पूरा करना ही रहेगी।
कोर्ट के फैसले पर टिकी रहेगी पूरी प्रक्रिया
हालांकि अब तक जारी किए गए सभी पदोन्नति आदेशों में यह साफ-साफ लिखा गया है कि ये प्रमोशन कोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन रहेंगे। इस पूरी प्रक्रिया में मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 के प्रावधानों को आधार बनाया गया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में पहले से लंबित मामलों में जो भी अंतिम फैसला आएगा, उसका पालन करना सभी विभागों के लिए अनिवार्य होगा। करीब एक दशक बाद शुरू हुई इस पदोन्नति प्रक्रिया से सरकारी कर्मचारियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है, लेकिन आगे की पूरी रफ्तार अदालतों के फैसलों पर ही टिकी रहेगी।













