नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज ने 30 अगस्त 2026 को देश भर में नीट पीजी 2026 की परीक्षा का सफल आयोजन पूरा कर लिया है। इस देशव्यापी परीक्षा का दायरा बेहद व्यापक रहा, जिसमें देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया। कुल 339 शहरों में बनाए गए 1,111 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा संपन्न हुई, जिसमें मेडिकल क्षेत्र से जुड़े हजारों डॉक्टर शामिल हुए। परीक्षा के लिए कुल 2,73,096 डॉक्टरों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 2,65,980 अभ्यर्थियों ने वास्तव में परीक्षा में हिस्सा लिया। इस प्रकार लगभग 2.63 लाख से अधिक उम्मीदवारों के लिए यह पूरी चयन प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराई गई।
सुरक्षा और पारदर्शिता के कड़े इंतजाम
परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी, फर्जीवाड़े या नकल को रोकने के लिए बोर्ड की तरफ से पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लाइव सीसीटीवी मॉनिटरिंग, विशेष कमांड सेंटर्स और आधार-बेस्ड बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। पूरे देश में परीक्षा की निगरानी के लिए कुल 16 रीजनल कमांड सेंटर बनाए गए थे। दिल्ली स्थित मुख्य मुख्यालय से देश के सभी 1,111 केंद्रों पर कड़ी नजर रखी गई। इस तकनीकी निगरानी और प्रबंधन में स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ-साथ बीईएल, ईसीआईएल और टीसीएस जैसी प्रमुख संस्थाओं की टीमों ने मिलकर काम किया, ताकि परीक्षा पूरी निष्पक्षता से हो सके।
फ्लाइंग स्क्वॉड और स्वतंत्र परीक्षकों की तैनाती
परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के केवल तकनीकी उपाय ही नहीं किए गए, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी भारी तैनाती की गई थी। विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर कुल 2,527 स्वतंत्र परीक्षकों यानी इंडिपेंडेंट अप्रेजर्स की नियुक्ति की गई थी। इसके अलावा, देश के विभिन्न प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों के डीन, डायरेक्टर्स और वरिष्ठ प्रोफेसरों समेत 700 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को फ्लाइंग स्क्वॉड के रूप में तैनात किया गया था। इन सभी का मुख्य उद्देश्य परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकना और सुचारू संचालन सुनिश्चित करना था।
जयपुर में तकनीकी खराबी और री-एग्जाम का ऐलान
हालांकि देश भर में परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से हुई, लेकिन जयपुर के सीतापुरा स्थित आईओएन डिजिटल जोन यानी टीसी सेंटर 41682 और 41683 पर तकनीकी दिक्कत सामने आ गई। वहां अंदरूनी पावर सप्लाई फेल होने के कारण बिजली चली गई, जिससे कुल 2,445 अभ्यर्थियों की परीक्षा बीच में ही बाधित हो गई और वे अपना पेपर पूरा नहीं कर सके। बोर्ड ने इस तकनीकी बाधा और असुविधा पर गहरा खेद जताया है। प्रभावित होने वाले सभी 2,445 अभ्यर्थियों को न्यायसंगत और समान अवसर देने के लिए बोर्ड ने तुरंत बड़ा कदम उठाया है और इन छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का अधिकारिक ऐलान कर दिया है।
5 सितंबर को आयोजित होगी दोबारा परीक्षा
जयपुर के जिन केंद्रों पर तकनीकी खराबी आई थी, उन 2,445 प्रभावित उम्मीदवारों के लिए नीट पीजी की दोबारा परीक्षा आगामी शनिवार, 5 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा दोपहर 3:00 बजे से शुरू होगी। बोर्ड की तरफ से इन छात्रों के लिए नया परीक्षा केंद्र तय किया जाएगा और इससे जुड़े सभी जरूरी दिशा-निर्देश जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही इन सभी अभ्यर्थियों के लिए नए सिरे से एडमिट कार्ड भी जारी किए जाएंगे, ताकि वे बिना किसी परेशानी के दोबारा परीक्षा में शामिल हो सकें।



















