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नीट यूजी ग्रेस मार्क्स विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर एनटीए को दी बड़ी राहतकरियर
27 जुल॰ 2026, 3:45 pm (94 दिन पहले)· 1

नीट यूजी ग्रेस मार्क्स विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर एनटीए को दी बड़ी राहत

सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट यूजी) में ग्रेस मार्क्स को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है, जिससे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को बड़ी राहत मिली है।

देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सुप्रीम कोर्ट से एक बेहद महत्वपूर्ण निर्णय सामने आया है। अदालत ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से परीक्षार्थियों को प्रदान किए गए ग्रेस अंकों को चुनौती देने वाली एक अहम याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद उन तमाम विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की उम्मीदों को झटका लगा है, जो परीक्षा में दोबारा मूल्यांकन कराने और एक संशोधित मेरिट सूची जारी करने की मांग लगातार कर रहे थे। इस याचिका के खारिज होने से परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के बदलाव की संभावना अब समाप्त हो गई है।

याचिकाकर्ताओं की प्रमुख मांगें और दलीलें

इस कानूनी लड़ाई के केंद्र में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तरफ से बांटे गए ग्रेस मार्क्स का मुद्दा था। याचिका दायर करने वालों ने अदालत के समक्ष कड़ा रुख अपनाते हुए तर्क दिया था कि परीक्षा में शामिल कई सवालों के उत्तर एनसीईआरटी की पुस्तकों के मानदंडों के अनुकूल नहीं थे। इसके बावजूद परीक्षार्थियों को अतिरिक्त अंक दे दिए गए, जिसे याचिकाकर्ताओं ने पूरी तरह से अनुचित और मनमाना बताया। उनकी मुख्य मांग यही थी कि इन कथित मनमाने ग्रेस अंकों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए और बिना किसी ग्रेस मार्क्स के आधार पर एक बिल्कुल नई और संशोधित मेरिट सूची प्रकाशित की जाए ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।

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न्यायालय में सुनवाई और पीठ का रुख

यह पूरा संवेदनशील मामला सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था। अदालत कक्ष में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अपने-अपने तर्कों को विस्तार से रखा। याचिकाकर्ता पक्ष की तरफ से परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने और एनसीईआरटी के निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करने का हवाला दिया गया। वहीं दूसरी तरफ, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के पक्ष को भी पूरी गंभीरता से सुना गया। अदालत ने तमाम कानूनी पहलुओं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और संबंधित तथ्यों की बेहद बारीकी से समीक्षा की और अंततः पाया कि याचिका में उठाए गए बिंदु और तर्क सुनवाई योग्य नहीं हैं।

फैसले का परीक्षा परिणामों और काउंसलिंग पर प्रभाव

सर्वोच्च अदालत की तरफ से इस याचिका के खारिज किए जाने का सीधा और स्पष्ट अर्थ यह है कि अब नीट यूजी के परिणामों और आधिकारिक मेरिट सूची में किसी भी प्रकार का फेरबदल नहीं किया जाएगा। जो मेरिट सूची पहले से तैयार की जा चुकी है, वही अंतिम और सर्वमान्य मानी जाएगी। इस फैसले से उन हजारों मेडिकल विद्यार्थियों को बहुत बड़ी राहत मिली है जो अपनी मौजूदा रैंक से पूरी तरह संतुष्ट थे और अब शांतिपूर्वक काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। हालांकि, इसके विपरीत, याचिका दायर करने वाले छात्रों और उनके समर्थकों के लिए यह एक बहुत बड़ा कानूनी झटका साबित हुआ है, क्योंकि उनकी उम्मीदें अब पूरी तरह से समाप्त हो चुकी हैं।

ग्रेस मार्क्स विवाद का अंत और आगे की राह

नीट यूजी परीक्षा में ग्रेस मार्क्स का यह पेचीदा मुद्दा पिछले काफी समय से देश भर के मेडिकल एस्पिरेंट्स के बीच बहस और चर्चा का केंद्र बना हुआ था। कई अलग-अलग हिस्सों में इसे लेकर विद्यार्थियों का रोष और विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिले थे, जिससे माहौल काफी गरमाया हुआ था। हालांकि, अब देश की सबसे बड़ी अदालत का यह स्पष्ट और अंतिम फैसला आने के बाद इस पूरे कानूनी विवाद पर पूरी तरह से विराम लग गया है। इस निर्णय के बाद अब मेडिकल काउंसलिंग और कॉलेज में प्रवेश की आगे की तमाम प्रशासनिक प्रक्रियाएं बिना किसी कानूनी रुकावट या बाधा के सुचारू रूप से पूरी की जा सकेंगी।

सवाल-जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने किस याचिका को खारिज किया है?
सुप्रीम कोर्ट ने नीट यूजी परीक्षा में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा दिए गए ग्रेस मार्क्स को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है।
इस मामले की सुनवाई किस बेंच ने की थी?
इस मामले की सुनवाई जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने की थी।
याचिकाकर्ताओं की मुख्य मांग क्या थी?
याचिकाकर्ताओं की मांग थी कि ग्रेस मार्क्स को रद्द किया जाए और बिना ग्रेस अंकों के एक नई संशोधित मेरिट सूची जारी की जाए।
फैसले के बाद नीट यूजी रिजल्ट पर क्या असर पड़ेगा?
इस फैसले के बाद नीट यूजी के रिजल्ट और मेरिट सूची में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा, और पुरानी सूची ही अंतिम रहेगी।
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