देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध और सहायक प्रोफेसर पद के लिए पात्रता तय करने वाली प्रतिष्ठित परीक्षा के रुके हुए परिणाम अब घोषित कर दिए गए हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी यानी समाजशास्त्र विषयों के फाइनल नतीजे आधिकारिक पोर्टल पर लाइव कर दिए हैं। जिन परीक्षार्थियों ने इन विषयों की पुनः परीक्षा दी थी, वे अब आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना स्कोरकार्ड चेक कर सकते हैं। अगस्त के महीने में अन्य विषयों के परिणाम जारी किए जा चुके थे, लेकिन तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से इन तीन विषयों के नतीजे उस समय रोक लिए गए थे, जिन्हें अब एनटीए ने सार्वजनिक कर दिया है।
दोबारा आयोजित हुई थी परीक्षा
उल्लेखनीय है कि इन तीनों विषयों के लिए 9 सितंबर 2026 और 10 सितंबर 2026 को दोबारा परीक्षा का आयोजन किया गया था। यह परीक्षा देश के कुल 272 शहरों में बने विभिन्न केंद्रों पर संपन्न हुई थी, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया था। अगस्त माह में आए परिणामों के साथ इन विषयों के परिणाम घोषित न होने के कारण अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, जो अब परिणाम आने के बाद समाप्त हो गई है। छात्र अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि दर्ज करके पोर्टल से अंक पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
पंजीकरण और उपस्थिति के आंकड़े
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इन तीनों विषयों की परीक्षा के लिए कुल 1,96,491 अभ्यर्थियों ने अपना पंजीकरण कराया था। हालांकि परीक्षा के दिन सभी पंजीकृत छात्र उपस्थित नहीं रहे। आंकड़ों के मुताबिक, इनमें से लगभग 61 फीसदी यानी कुल 1,20,355 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और पेपर दिया। परीक्षा में शामिल होने वाले कुल विद्यार्थियों में से 35,588 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल करते हुए बाजी मार ली है। यह सफल होने वाले परीक्षार्थी परीक्षा में बैठने वाले कुल छात्रों का लगभग 29.57 फीसदी हिस्सा बनते हैं। इस बार की परीक्षा प्रणाली में केवल जेआरएफ और असिस्टेंट प्रोफेसर ही नहीं, बल्कि केवल पीएचडी प्रवेश के लिए भी हजारों युवाओं ने पात्रता प्राप्त की है।
कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच तय हुई कट-ऑफ
इस बार की कट-ऑफ पर नजर डालें तो अंग्रेजी विषय में जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए जूनियर रिसर्च फेलोशिप यानी जेआरएफ का स्कोर 226 अंक दर्ज किया गया। वहीं दूसरी ओर, समाजशास्त्र विषय में यह आंकड़ा और भी ऊपर जाते हुए 232 अंकों तक पहुंच गया। इन आंकड़ों से यह स्पष्ट रूप से जाहिर होता है कि इस बार का मुकाबला बेहद कड़ा और प्रतिस्पर्धी था, लेकिन जिन युवाओं ने निरंतर मेहनत और लगन दिखाई, उन्होंने अपनी सफलता का मुकाम हासिल कर ही लिया।
विभिन्न श्रेणियों में सफल उम्मीदवारों का वर्गीकरण
एनटीए के विस्तृत आंकड़ों के अनुसार, अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी की इस कठिन परीक्षा में कुल 35,588 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं। यदि श्रेणियों और पात्रता के आधार पर आकलन करें तो जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए कुल 824 उम्मीदवारों ने सफलता प्राप्त की है, जो कुल परीक्षार्थियों का लगभग 0.68 प्रतिशत है। इसके अतिरिक्त, सहायक प्रोफेसर पद के लिए पात्रता हासिल करने वाले छात्रों की संख्या 11,610 यानी करीब 9.65 प्रतिशत रही है। वहीं केवल पीएचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए पात्रता पाने वाले छात्रों की संख्या 23,154 दर्ज की गई है, जो कुल सफल छात्रों का 19.24 प्रतिशत है।
विषयवार और वर्गवार कट-ऑफ का पूरा विवरण
यूजीसी नेट री-एग्जाम परिणाम 2026 में तीनों विषयों की कट-ऑफ विभिन्न श्रेणियों के लिए अलग-अलग निर्धारित की गई थी। उदाहरण के तौर पर, समाजशास्त्र विषय में अनारक्षित यानी जनरल वर्ग के लिए जेआरएफ की कट-ऑफ सबसे अधिक 232 अंक और असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए 206 अंक दर्ज की गई। वहीं कॉमर्स विषय की बात करें तो जनरल कैटेगरी के लिए जेआरएफ का स्कोर 210 अंक और सहायक प्रोफेसर पद की कट-ऑफ 182 अंक पर तय हुई। इसके अलावा अंग्रेजी विषय में भी जनरल वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए जेआरएफ का आंकड़ा 226 अंकों पर निर्धारित हुआ। ईडब्ल्यूएस, ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के विद्यार्थियों ने भी अपने स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी निर्धारित कट-ऑफ को सफलतापूर्वक पार किया है।



















