देश की राजधानी दिल्ली में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्वरूप नगर इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 16 साल की एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और इसके बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में चार आरोपियों को दबोच लिया है, जिनमें एक मुख्य आरोपी और तीन अन्य किशोर शामिल हैं। मृतका का शव 13 सितंबर को कुशक रोड के पास एक खुले मैदान से बरामद किया गया था, जिसके शरीर पर चाकुओं के कई गहरे निशान मौजूद थे।
जांच और खुलासे की प्रक्रिया
पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस सनसनीखेज वारदात को सुलझाने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया था। शुरुआती तौर पर मृतका की शिनाख्त नहीं हो पाई थी, क्योंकि उसका शव लावारिस हालत में मिला था। पुलिस ने जब आसपास के इलाकों की छानबीन शुरू की, तो पता चला कि मृतका एक स्कूल ड्रॉप आउट थी और अपने परिवार की आर्थिक मदद के लिए रोजगार की तलाश में जुटी हुई थी। जांच के दौरान सामने आया कि वह आरोपियों में से एक 17 वर्षीय लड़के को पहले से जानती थी और 10 सितंबर की शाम उससे मिलने के लिए गई थी।
घटना का भयावह क्रम
जांच में जुटी पुलिस टीम के अनुसार, मुलाकात के दौरान मुख्य आरोपी ने लड़की के साथ दुष्कर्म किया। जब पीड़िता ने इस घिनौनी हरकत का विरोध करते हुए अंजाम भुगतने की धमकी दी, तो आरोपी ने अपने दोस्तों को भी वहां बुला लिया। वे सभी अत्यधिक नशे की हालत में थे और उन्होंने भी लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी उसे एक सूने खेत में ले गए, जहां 11 सितंबर की सुबह उसे छह से अधिक बार चाकू मारा गया। दरिंदों ने साक्ष्य मिटाने के मकसद से शव को पत्तों और कीचड़ के नीचे छुपा दिया और मौके से एक टेम्पो में सवार होकर फरार हो गए। पुलिस ने आरोपियों के ब्लड सैंपल भी जांच के लिए ले लिए हैं।
सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग
इस अंधेरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मैनुअल इंटेलिजेंस का सहारा लिया। पुलिस टीमों ने घटनास्थल के आसपास लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। अंधेरा और कम रोशनी होने के कारण शुरुआत में संदिग्ध टेम्पो का नंबर स्पष्ट नहीं हो पाया था, लेकिन पुलिस ने उसकी रूट मैपिंग जारी रखी। लगातार ट्रैक करने के बाद पुलिस खड्डा कॉलोनी में खड़े उस संदिग्ध टेम्पो तक पहुंच गई, जिसका इस्तेमाल इस वारदात में किया गया था।
गिरफ्तारी और बरामदगी
संदिग्ध टेम्पो के चालक को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। इसके आधार पर पुलिस ने 19 साल के शिवम उर्फ सुदामा और उसके तीन किशोर साथियों को धर दबोचा। आरोपियों की उम्र 16 से 17 साल के बीच है। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किए गए दो चाकू, खून से सने कपड़े और वह टेम्पो भी बरामद कर लिया है, जिसे वे भगाने के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा मामला 72 घंटे के भीतर सुलझा लिया गया है।
कानूनी कार्रवाई और धाराएं
इस गंभीर मामले में कानून के प्रावधानों के तहत सख्त कदम उठाए गए हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत बलात्कार और हत्या की धाराओं के साथ-साथ पोक्सो एक्ट की धारा 6 के अंतर्गत भी मुकदमा दर्ज कर लिया है। पकड़े गए चारों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस जघन्य अपराध में किसकी क्या भूमिका रही है और क्या इस साजिश में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।



















