पाउंड स्टर्लिंग ने यूके रिटेल सेल्स आंकड़ों से पहले 1.3350 से ऊपर अपनी पकड़ बनाए रखी, लेकिन बैंक ऑफ इंग्लैंड और फेड से मिले अलग संकेतों ने दिशा साफ होने नहीं दी। 18 सितंबर 2026 के क्लोज़ बेल लाइव डेटा में GBP/USD 1.34 पर था, पिछला क्लोज़ भी 1.34 था और परिवर्तन -0.16% दर्ज हुआ। यह संकरा व्यवहार दिखाता है कि व्यापारी नए आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों की अगली बैठकों से पहले बड़ी स्थिति बदलने से बच रहे हैं।
दरों को लेकर दो केंद्रीय बैंकों के अलग संकेत
बैंक ऑफ इंग्लैंड की मोनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने गुरुवार को सितंबर बैठक में बैंक दर 3.75% पर बनाए रखने का फैसला किया। वोटिंग 6-3 रही, यानी स्पष्ट बहुमत ने तुरंत कदम उठाने के बजाय मौजूदा दर को जारी रखना चुना।
फैसले के समय मुद्रास्फीति 2% लक्ष्य से काफी ऊपर बढ़ चुकी थी। इसके बावजूद नीतिनिर्माताओं ने चेतावनी दी कि दर बढ़ना अब पहले से अधिक संभावित हो रहा है। तीन असहमत सदस्यों ने 25 बेसिस पॉइंट्स की वृद्धि करके दर 4.0% करने के पक्ष में वोट किया।
फेड ने अपनी सितंबर बैठक में बेंचमार्क ब्याज दर में 25 bps की वृद्धि की और इसे 3.75% से 4.0% की सीमा में ले जाने का फैसला किया। इस कदम ने अमेरिकी डॉलर की ओर से दरों का दबाव पहले ही मौजूद कर दिया।
एलएसईजी डेटा में नवंबर की अगली बैठक में कम से कम 25 bps की वृद्धि को लेकर व्यापक उम्मीद दिखाई गई है। सीएमई फेडवॉच टूल में अक्टूबर की अगली फेड बैठक में एक और अमेरिकी दर-वृद्धि की संभावना लगभग 53.1% है, जबकि एक दिन पहले यह लगभग 44% थी।
इस पृष्ठभूमि में यूके रिटेल सेल्स आंकड़े बाजार की मुख्य निगाह बन गए हैं, क्योंकि आर्थिक गतिविधि का कोई भी नया संकेत दरों की उम्मीदों और GBP/USD की दिशा दोनों को बदल सकता है।
पहले सामने आए चार्ट आंकड़ों में मंदी का पलड़ा
उस चरण के शुरुआती एशियाई सत्र में GBP/USD शुक्रवार को 1.3360 के आसपास था। दैनिक चार्ट पर हाजिर दर अस्थिरता और प्रवृत्ति संकेतकों के घने समूह के नीचे बनी रही, इसलिए नजदीकी रुख मंदामयी दिख रहा था।
कीमत 20 दिन के बोलिंजर सिंपल मूविंग एवरेज के नीचे थी और निचली पट्टी से ऊपरी दबाव मिल रहा था। 1.3438 पर 100 दिन का मूविंग एवरेज मध्यम अवधि में अतिरिक्त बाधा बना रहा था।
RSI(14) 31.3 अतिविक्रय क्षेत्र के करीब था। इससे गिरावट का मोमेंटम खिंचा हुआ लग रहा था, लेकिन प्रतिरोध स्तरों को अर्थपूर्ण ढंग से वापस पार किए बिना उसे ताकतवर उछाल नहीं माना जा सकता था।
ऊपर की ओर पहला प्रतिरोध बोलिंजर निचली पट्टी के आसपास 1.3365 पर था। इसके बाद 1.3438 पर 100 दिन का मूविंग एवरेज आता था, जो व्यापक मंदामयी ढांचे को मजबूत करता था।
अगली रुकावटें बोलिंजर मध्य पट्टी 1.3515 और ऊपरी पट्टी 1.3670 के पास थीं। तेजियों को मौजूदा गिरावट को बेअसर करने के लिए इन स्तरों को पार करना जरूरी था, जबकि नीचे दिखाए गए संकेतकों में कोई स्पष्ट समर्थन न होने से जोड़ी अतिरिक्त बिकवाली के लिए संवेदनशील बनी रही।
लाइव डेटा में मौजूदा तकनीकी तस्वीर
18 सितंबर 2026 के क्लोज़ बेल लाइव डेटा ने पुराने चार्ट स्नैपशॉट को ताज़ा किया। GBP/USD 1.34 पर था, पिछला क्लोज़ 1.34 था और परिवर्तन -0.16% था; 52 सप्ताह की रेंज 1.30–1.38 दर्ज है।
वॉल्यूम 20 दिन के औसत की 1.00x रहा, जो कारोबार की तुलना के लिए एक संदर्भ देता है।
RSI(14) अब 33 है। MACD -0.00 है और सिग्नल 0.00 है, जबकि हिस्ट -0.00 के साथ संकेत मंदामयी बना हुआ है।
EMA20 और EMA50 दोनों 1.35 पर हैं, जबकि EMA200 1.34 पर है। SMA50 और SMA200 भी 1.35 पर हैं। लाइव गणना कीमत को लंबी अवधि की गिरावट में रखती है, हालांकि EMA50 > EMA200 वाला गोल्डन क्रॉस अलग से दर्ज है।
बोलिंजर (20,2) 1.34…1.37 की पट्टी दिखाता है और मध्य रेखा 1.35 है। कीमत निचली पट्टी से नीचे है, जबकि ADX(14) 21 कमजोर या सीमित सत्र का संकेत देता है। स्टोकैस्टिक में फास्ट लाइन 10 और सिग्नल लाइन 16 है।
ATR(14) 0.01 है, जो दैनिक अस्थिरता को दिखाता है और स्टॉप-लॉस बफर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। 20 दिन का समर्थन ~1.33 और प्रतिरोध ~1.37 है।
पिवट 1.34 है। R1 1.34, R2 1.34, S1 1.34 और S2 1.34 हैं, इसलिए सभी अल्पकालिक कीमती संदर्भ एक ही स्तर पर केंद्रित हैं। इसलिए 1.3365, 1.3438, 1.3515 और 1.3670 पुराने स्नैपशॉट के स्तर हैं, जबकि वर्तमान डेटा 1.34 के आसपास केंद्रित है।
रिटेल सेल्स से क्यों बदल सकती है दिशा
यूके रिटेल सेल्स पर नजर इसलिए है क्योंकि डेटा रिलीज़ अर्थव्यवस्था की सेहत नापते हैं और पाउंड स्टर्लिंग का मूल्य बदल सकते हैं। GDP, विनिर्माण और सेवा PMI तथा रोजगार जैसे संकेतक GBP की दिशा प्रभावित कर सकते हैं।
मजबूत अर्थव्यवस्था स्टर्लिंग के लिए सहायक मानी जाती है। ऐसी स्थिति वैश्विक निवेश को आकर्षित करती है और बैंक ऑफ इंग्लैंड को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है, जिससे GBP सीधे मजबूत हो सकती है।
इसके विपरीत कमजोर आंकड़े आर्थिक गति धीमी होने का संकेत देते हैं और पाउंड स्टर्लिंग को नीचे ला सकते हैं। इसलिए रिटेल सेल्स खप्त का आंकड़ा होने के साथ-साथ दरों और निवेश के अनुमान बदलने वाला संकेत भी है।
पाउंड के लिए एक और महत्वपूर्ण रिलीज़ ट्रेड बैलेंस है। यह एक तय अवधि में देश की निर्यात कमाई और आयात पर खर्च के अंतर को मापता है।
यदि किसी देश के निर्यात बाजार में अधिक मांग वाले हैं, तो विदेशी खरीदारों की अतिरिक्त मांग उसकी मुद्रा को सहायता देती है। इसलिए सकारात्मक शुद्ध ट्रेड बैलेंस मुद्रा को मजबूत करता है और नकारात्मक बैलेंस उल्टा दबाव डालता है।
पाउंड की वैश्विक फॉरेक्स पहचान
पाउंड स्टर्लिंग को दुनिया की सबसे पुरानी मुद्रा माना जाता है और इसका संदर्भ 886 AD से दिया जाता है। यह यूके की आधिकारिक मुद्रा भी है।
2022 के आंकड़ों के अनुसार यह वैश्विक फॉरेक्स में चौथा सबसे अधिक कारोबार वाला एकक है, सभी लेनदेन का 12% हिस्सा रखता है और रोजाना औसतन $630 बिलियन का कारोबार दिखाता है।
इसके प्रमुख जोड़ों में GBP/USD शामिल है, जिसे ‘केबल’ कहा जाता है और जो FX का 11% हिस्सा रखता है। GBP/JPY को व्यापारी ‘ड्रैगन’ कहते हैं और इसका हिस्सा 3% है, जबकि EUR/GBP का हिस्सा 2% है। पाउंड स्टर्लिंग जारी करने वाली संस्था बैंक ऑफ इंग्लैंड है।
बैंक दरें GBP को कैसे प्रभावित करती हैं
पाउंड स्टर्लिंग के मूल्य को प्रभावित करने वाला सबसे अहम कारक बैंक ऑफ इंग्लैंड की मुद्रा नीति है। बैंक यह तय करता है कि उसने ‘कीमतों में स्थिरता’ का मुख्य लक्ष्य पूरा किया है या नहीं, जिसका अर्थ लगभग 2% की स्थिर मुद्रास्फीति है।
इस लक्ष्य के लिए मुख्य साधन ब्याज दरों में बदलाव है। मुद्रास्फीति बहुत अधिक हो तो बैंक दरें बढ़ाकर उधार महंगा कर सकता है, जिससे लोगों और कारोबारों के लिए पैसा लेना कठिन हो जाता है।
आम तौर पर यह GBP के लिए सहायक होता है, क्योंकि ऊंची दरें वैश्विक निवेशकों के लिए यूके को अपनी राशि रखने का अधिक आकर्षक स्थान बनाती हैं।
मुद्रास्फीति बहुत नीचे आ जाए तो यह आर्थिक विस्तार धीमा होने का संकेत हो सकता है। ऐसे में बैंक दरें घटाकर उधार सस्ता करने पर विचार कर सकता है, ताकि कारोबार अधिक उधार लेकर विकास करने वाले प्रोजेक्टों में निवेश करें।
बाजार की अगली निगाहें
मौजूदा स्थिति में पाउंड के सामने दो तरह की ताकतें हैं। एक तरफ बैंक ऑफ इंग्लैंड से दर-वृद्धि की उम्मीदें हैं, तो दूसरी तरफ फेड की अक्टूबर बैठक और अमेरिकी दरों को लेकर बढ़ती संभावनाएं डॉलर को सहारा देती हैं।
तकनीकी रूप से लाइव डेटा में RSI(14) 33, मंदामयी MACD और निचली बोलिंजर पट्टी से नीचे कीमत गिरावट के दबाव को दिखाते हैं। लेकिन ADX(14) 21 कमजोर या सीमित रेंज बताता है, इसलिए 1.3350 से ऊपर स्थिरता अभी दिशा परिवर्तन की पुष्टि नहीं करती।
अगले कुछ सत्रों में व्यापारियों की नजर इन घटनाओं पर रहेगी
- यूके रिटेल सेल्स: नया आंकड़ा अर्थव्यवस्था की गति और दर उम्मीदों को नया संदर्भ दे सकता है। इसके बाद GBP/USD में 1.33 के समर्थन या 1.37 के प्रतिरोध की ओर गति तेज हो सकती है।
- बैंक ऑफ इंग्लैंड: नवंबर में कम से कम 25 bps की वृद्धि की व्यापक उम्मीद है। यह पाउंड के लिए दर समर्थन को मजबूत कर सकती है, लेकिन फैसला अभी बाकी है।
- फेड: अक्टूबर में एक और अमेरिकी दर-वृद्धि की संभावना एक दिन में 44% से बढ़कर 53.1% हो गई है। इससे डॉलर को सहायता मिल सकती है और GBP/USD के ऊपरी स्तरों पर दबाव बन सकता है।
- तकनीकी स्तर: 52 सप्ताह की रेंज 1.30–1.38 है और सभी पिवट, R1, R2, S1 तथा S2 1.34 पर हैं। इसलिए ताज़ा डेटा में 1.34 के आसपास प्रतिक्रिया और 1.33–1.37 की सीमा अहम रहेगी।



















